11 अगस्त 2026
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भरत तिवारी मामला: मंत्री मिथिलेश तिवारी बोले — न्यायिक जांच की रिपोर्ट का इंतजार करें, प्रशांत किशोर ने पूछा जांच का दायरा क्या

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भरत तिवारी मामला: मंत्री मिथिलेश तिवारी बोले — न्यायिक जांच की रिपोर्ट का इंतजार करें, प्रशांत किशोर ने पूछा जांच का दायरा क्या

सारांश

भरत तिवारी मामले में बिहार के मंत्री मिथिलेश तिवारी ने धैर्य की अपील की, तो प्रशांत किशोर ने पूछा — जांच का दायरा क्या है और गोली चलाने का आदेश किसने दिया? यह मामला बिहार में पुलिस जवाबदेही की केंद्रीय बहस बन चुका है।

मुख्य बातें

बिहार के मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 24 जून 2026 को पटना में कहा कि भरत तिवारी मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जनभावनाओं के अनुरूप न्यायिक जांच का आदेश दिया; घटना में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है।
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने माँग की कि जांच में गृह मंत्रालय , STF अधिकारी और गोली चलाने के आदेश पर हस्ताक्षर करने वाले मजिस्ट्रेट की भूमिका भी शामिल हो।
प्रशांत किशोर का कहना है कि सरकार ने जांच की घोषणा तो की, लेकिन उसका दायरा और उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं किया गया।
मंत्री मिथिलेश तिवारी ने नई शिक्षा नीति (NEP) की सराहना की और लापरवाह शिक्षकों पर कड़ी नजर रखने की बात कही।

बिहार सरकार में मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 24 जून 2026 को पटना में कहा कि चर्चित भरत तिवारी मामले में राज्य सरकार न्यायिक जांच के आदेश दे चुकी है और रिपोर्ट आने तक सभी पक्षों को धैर्य बनाए रखना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना में संलिप्त पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है। दूसरी ओर, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने जांच के दायरे और उसकी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

मंत्री मिथिलेश तिवारी का बयान

मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, 'सरकार वहाँ के लोगों की भावनाओं के साथ है। न्यायिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद उसी के अनुसार कार्रवाई होगी।' उन्होंने सभी नागरिकों से कानून का सम्मान करने और विधि व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देने की अपील की।

शिक्षकों पर मंत्री की राय

मिथिलेश तिवारी ने इस अवसर पर शिक्षा व्यवस्था पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के गौरव के प्रतीक हैं और अधिकांश अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी से करते हैं। हालाँकि, जो शिक्षक केवल उपस्थिति दर्ज कराकर चले जाते हैं, उन पर 'पैनी नजर' रखी जा रही है। उन्होंने कहा, 'शिक्षकों पर सवाल नहीं उठाना चाहिए, लेकिन अगर कोई कोताही बरतेगा तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।'

मंत्री ने नई शिक्षा नीति (NEP) की सराहना करते हुए कहा कि सरकार इसे पूरी निष्ठा और प्रामाणिकता के साथ लागू कर रही है, जिससे शिक्षकों की भूमिका और सम्मान दोनों में वृद्धि हुई है।

प्रशांत किशोर के सवाल

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भरत तिवारी केस में न्यायिक जांच की घोषणा को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जांच का दायरा क्या होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गृह मंत्रालय या गृह विभाग की भूमिका की भी जांच होगी।

प्रशांत किशोर ने कहा, 'कोई भी पुलिस अधिकारी पटना से आदेश मिले बिना गोली नहीं चला सकता।' उन्होंने माँग की कि जांच में यह पता लगाया जाए कि गोली चलाने का आदेश किसने दिया, उस आदेश पर हस्ताक्षर करने वाले मजिस्ट्रेट के विरुद्ध क्या कार्रवाई होगी, और STF अधिकारी की जवाबदेही किस प्रकार तय की जाएगी।

आगे क्या होगा

न्यायिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही सरकार की अगली कार्रवाई की दिशा तय होगी। विपक्ष और नागरिक समाज दोनों इस बात पर एकमत हैं कि जांच का दायरा व्यापक और पारदर्शी होना चाहिए। यह मामला बिहार में पुलिस जवाबदेही और प्रशासनिक पारदर्शिता की बड़ी बहस का केंद्र बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन प्रशांत किशोर के सवाल उस रिक्तता को उजागर करते हैं जो हर ऐसी घोषणा के बाद बचती है — जांच का दायरा और जवाबदेही की सीमा। यह पहली बार नहीं है जब बिहार में पुलिस फायरिंग के बाद न्यायिक जांच की घोषणा हुई हो; पिछले मामलों में रिपोर्टें सार्वजनिक नहीं हुईं या कार्रवाई अधूरी रही। असली परीक्षा यह है कि क्या इस बार जांच का दायरा निर्णय-श्रृंखला के शीर्ष तक पहुँचेगा — या केवल मैदानी अधिकारियों तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरत तिवारी मामला क्या है?
भरत तिवारी मामला बिहार में एक चर्चित घटना है जिसमें पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे हैं और राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। घटना में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जा चुकी है और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जनभावनाओं के अनुरूप जांच का आदेश दिया है।
बिहार सरकार ने भरत तिवारी मामले में क्या कदम उठाए हैं?
बिहार सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं और घटना में संलिप्त पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। मंत्री मिथिलेश तिवारी के अनुसार, जांच रिपोर्ट आने के बाद उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
प्रशांत किशोर ने भरत तिवारी मामले में क्या सवाल उठाए?
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने माँग की है कि जांच का दायरा स्पष्ट किया जाए और इसमें गृह मंत्रालय, STF अधिकारी तथा गोली चलाने के आदेश पर हस्ताक्षर करने वाले मजिस्ट्रेट की भूमिका भी शामिल हो। उनका कहना है कि कोई भी पुलिस अधिकारी पटना से आदेश मिले बिना गोली नहीं चला सकता।
न्यायिक जांच की रिपोर्ट कब तक आएगी?
सरकार ने न्यायिक जांच की रिपोर्ट की समयसीमा अभी सार्वजनिक नहीं की है। मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सभी पक्षों से रिपोर्ट आने तक धैर्य रखने की अपील की है।
बिहार में शिक्षकों पर मंत्री मिथिलेश तिवारी ने क्या कहा?
मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि जो शिक्षक केवल उपस्थिति दर्ज कराकर चले जाते हैं, उन पर पैनी नजर रखी जा रही है और लापरवाही पर उचित कार्रवाई होगी। उन्होंने नई शिक्षा नीति (NEP) को सकारात्मक बताते हुए कहा कि सरकार इसे पूरी निष्ठा के साथ लागू कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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