भरत तिवारी मामला: प्रशांत किशोर बोले — नौकरी-मुआवजा नहीं, दोषियों पर कार्रवाई से मिलेगा असली न्याय
सारांश
मुख्य बातें
जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर के नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने 13 अगस्त 2026 को पटना में स्पष्ट कहा कि भरत भूषण तिवारी के परिजनों को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता देना न्याय का विकल्प नहीं है — असली न्याय तब होगा जब गोली चलाने वालों और आदेश देने वालों पर ठोस कार्रवाई हो। उपचुनाव में जीत के बाद 'आभार बांकीपुर' कार्यक्रम के तहत विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर रहे किशोर ने गुरुवार को विभिन्न इलाकों में जनता से मुलाकात की और मीडिया से बातचीत में यह बात कही।
मुख्यमंत्री के फैसले पर सीधा सवाल
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी के परिजनों को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया था। प्रशांत किशोर ने इस पर कहा कि मुआवजा और नौकरी देना सरकार का दायित्व हो सकता है, लेकिन इससे न्याय नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'न्याय का मतलब है कि जिन लोगों ने गोली चलाई और जिन लोगों ने गोली चलाने का आदेश दिया, उन पर कार्रवाई हो और उन्हें सजा मिले। किसी के बच्चे की मौत की कीमत सरकारी नौकरी और चंद रुपये नहीं हो सकती।'
गृह विभाग और एसटीएफ की जांच की मांग
जन सुराज नेता ने गृह विभाग और एसटीएफ (STF) की भूमिका की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि भरत तिवारी को गोली मारने का आदेश किसने दिया और उन अधिकारियों के विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई हुई। किशोर ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा गठित न्यायिक आयोग को अपनी रिपोर्ट देने का अवसर मिलना चाहिए और रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
बांकीपुर की जीत से एनकाउंटर चर्चा थमी
किशोर ने कहा कि बांकीपुर उपचुनाव में उनकी जीत के बाद न केवल भरत तिवारी के परिवार के साथ न्याय की माँग तेज हुई है, बल्कि 'एनकाउंटर' की बातें भी बंद हो गई हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव का असर बताया और कहा कि यह लड़ाई जारी रहेगी — चाहे परिवार मुआवजे के बाद चुप हो जाए।
समान नीति की माँग — बंटी यादव का भी उल्लेख
प्रशांत किशोर ने कहा कि सरकार को केवल भरत तिवारी के परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी परिवारों के लिए समान नीति अपनानी चाहिए जिनके परिजनों की कथित तौर पर एनकाउंटर के नाम पर हत्या हुई है। उन्होंने बंटी यादव के परिवार का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें भी नौकरी और मुआवजा दिया जाना चाहिए।
व्यापक मुद्दों पर जन सुराज की स्थिति
किशोर ने नीट छात्रा से जुड़े मामले, नालंदा में पासवान समाज के दो बच्चों की हत्या और आरा में हुई हत्या जैसे प्रकरणों का हवाला देते हुए कहा कि इन सभी मामलों में केवल मुआवजा देना पर्याप्त नहीं है — समाज को सुरक्षा, विकास और बेहतर व्यवस्था चाहिए। भाजपा (BJP) की जांच की माँग पर उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे तो ईडी और सीबीआई से जांच करा सकती है। आने वाले दिनों में न्यायिक आयोग की रिपोर्ट और सरकार की प्रतिक्रिया इस मामले की दिशा तय करेगी।