13 अगस्त 2026
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भरत तिवारी मामला: प्रशांत किशोर बोले — नौकरी-मुआवजा नहीं, दोषियों पर कार्रवाई से मिलेगा असली न्याय

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भरत तिवारी मामला: प्रशांत किशोर बोले — नौकरी-मुआवजा नहीं, दोषियों पर कार्रवाई से मिलेगा असली न्याय

सारांश

बांकीपुर से जीतकर आए प्रशांत किशोर ने सीधे कहा — नौकरी और मुआवजा न्याय नहीं, राजनीति है। भरत तिवारी को गोली मारने का आदेश किसने दिया, यह सवाल अब भी अनुत्तरित है और जन सुराज इसे छोड़ने को तैयार नहीं।

मुख्य बातें

प्रशांत किशोर ने 13 अगस्त 2026 को पटना में कहा कि भरत भूषण तिवारी के परिवार को नौकरी-मुआवजा देना न्याय का विकल्प नहीं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के परिवार को सरकारी नौकरी व आर्थिक सहायता देने के फैसले पर किशोर ने सीधा सवाल उठाया।
किशोर ने गृह विभाग और एसटीएफ की भूमिका की जांच और न्यायिक आयोग की रिपोर्ट पर कार्रवाई की मांग की।
बंटी यादव के परिवार को भी समान मुआवजा और नौकरी देने की माँग उठाई।
किशोर ने कहा — 'परिवार भले चुप हो जाए, हम लोग चुप होने वाले नहीं हैं।
यह लड़ाई जारी रहेगी।'

जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर के नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने 13 अगस्त 2026 को पटना में स्पष्ट कहा कि भरत भूषण तिवारी के परिजनों को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता देना न्याय का विकल्प नहीं है — असली न्याय तब होगा जब गोली चलाने वालों और आदेश देने वालों पर ठोस कार्रवाई हो। उपचुनाव में जीत के बाद 'आभार बांकीपुर' कार्यक्रम के तहत विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर रहे किशोर ने गुरुवार को विभिन्न इलाकों में जनता से मुलाकात की और मीडिया से बातचीत में यह बात कही।

मुख्यमंत्री के फैसले पर सीधा सवाल

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी के परिजनों को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया था। प्रशांत किशोर ने इस पर कहा कि मुआवजा और नौकरी देना सरकार का दायित्व हो सकता है, लेकिन इससे न्याय नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'न्याय का मतलब है कि जिन लोगों ने गोली चलाई और जिन लोगों ने गोली चलाने का आदेश दिया, उन पर कार्रवाई हो और उन्हें सजा मिले। किसी के बच्चे की मौत की कीमत सरकारी नौकरी और चंद रुपये नहीं हो सकती।'

गृह विभाग और एसटीएफ की जांच की मांग

जन सुराज नेता ने गृह विभाग और एसटीएफ (STF) की भूमिका की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि भरत तिवारी को गोली मारने का आदेश किसने दिया और उन अधिकारियों के विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई हुई। किशोर ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा गठित न्यायिक आयोग को अपनी रिपोर्ट देने का अवसर मिलना चाहिए और रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

बांकीपुर की जीत से एनकाउंटर चर्चा थमी

किशोर ने कहा कि बांकीपुर उपचुनाव में उनकी जीत के बाद न केवल भरत तिवारी के परिवार के साथ न्याय की माँग तेज हुई है, बल्कि 'एनकाउंटर' की बातें भी बंद हो गई हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव का असर बताया और कहा कि यह लड़ाई जारी रहेगी — चाहे परिवार मुआवजे के बाद चुप हो जाए।

समान नीति की माँग — बंटी यादव का भी उल्लेख

प्रशांत किशोर ने कहा कि सरकार को केवल भरत तिवारी के परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी परिवारों के लिए समान नीति अपनानी चाहिए जिनके परिजनों की कथित तौर पर एनकाउंटर के नाम पर हत्या हुई है। उन्होंने बंटी यादव के परिवार का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें भी नौकरी और मुआवजा दिया जाना चाहिए।

व्यापक मुद्दों पर जन सुराज की स्थिति

किशोर ने नीट छात्रा से जुड़े मामले, नालंदा में पासवान समाज के दो बच्चों की हत्या और आरा में हुई हत्या जैसे प्रकरणों का हवाला देते हुए कहा कि इन सभी मामलों में केवल मुआवजा देना पर्याप्त नहीं है — समाज को सुरक्षा, विकास और बेहतर व्यवस्था चाहिए। भाजपा (BJP) की जांच की माँग पर उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे तो ईडी और सीबीआई से जांच करा सकती है। आने वाले दिनों में न्यायिक आयोग की रिपोर्ट और सरकार की प्रतिक्रिया इस मामले की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक असुविधाजनक सवाल छिपा है — क्या बिहार में एनकाउंटर के मामलों में जवाबदेही की कोई संस्थागत व्यवस्था है? सरकार का मुआवजा-और-नौकरी फॉर्मूला पीड़ित परिवारों की आर्थिक ज़रूरत तो पूरी कर सकता है, लेकिन न्यायिक जवाबदेही की जगह नहीं ले सकता। गौरतलब है कि न्यायिक आयोग गठित हुए काफी समय बीत चुका है, फिर भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई। जब तक गोली चलाने के आदेश की श्रृंखला उजागर नहीं होती, मुआवजा महज़ राजनीतिक प्रबंधन बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरत तिवारी मामले में प्रशांत किशोर की मुख्य माँग क्या है?
प्रशांत किशोर की मुख्य माँग है कि भरत तिवारी को गोली मारने का आदेश देने वाले और गोली चलाने वाले अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई हो और उन्हें सजा मिले। उनका कहना है कि सरकारी नौकरी और मुआवजा न्याय का विकल्प नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी के परिवार के लिए क्या घोषणा की थी?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी के परिजनों को आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया था। प्रशांत किशोर ने इस फैसले को दायित्व तो माना, लेकिन इसे न्याय मानने से इनकार किया।
प्रशांत किशोर ने एसटीएफ और गृह विभाग की जांच क्यों माँगी?
किशोर का कहना है कि भरत तिवारी एनकाउंटर में एसटीएफ और गृह विभाग की भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए, क्योंकि गोली चलाने का आदेश किसने दिया यह अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार द्वारा गठित न्यायिक आयोग की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की भी माँग की।
जन सुराज ने बंटी यादव के परिवार का उल्लेख क्यों किया?
प्रशांत किशोर ने बंटी यादव के परिवार का उल्लेख यह तर्क देने के लिए किया कि सरकार को एनकाउंटर के सभी पीड़ित परिवारों के लिए समान नीति अपनानी चाहिए। उनका कहना था कि केवल एक परिवार को राहत देकर मामला बंद करना राजनीति है, न्याय नहीं।
'आभार बांकीपुर' कार्यक्रम क्या है?
'आभार बांकीपुर' वह कार्यक्रम है जिसके तहत प्रशांत किशोर उपचुनाव में जीत के बाद बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों का दौरा कर रहे हैं और मतदाताओं से सीधे मिलकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। 13 अगस्त 2026 को इसी दौरे के दौरान उन्होंने भरत तिवारी मामले पर मीडिया से बात की।
राष्ट्र प्रेस
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