13 अगस्त 2026
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प्रशांत किशोर ने बांकीपुर जीत के बाद बिहार सरकार को घेरा, तिवारी मामले में पूर्ण न्याय की माँग

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प्रशांत किशोर ने बांकीपुर जीत के बाद बिहार सरकार को घेरा, तिवारी मामले में पूर्ण न्याय की माँग

सारांश

बांकीपुर जीत के बाद प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार को दोहरे मोर्चे पर घेरा — तिवारी परिवार को राहत को 'अधूरा न्याय' बताया और पुलिस मुठभेड़ों में जवाबदेही माँगी। साथ ही 10,000 परिवारों को रोजगार और दशहरा तक सरकारी स्कूल सुधार का व्यक्तिगत वादा किया।

मुख्य बातें

प्रशांत किशोर ने कहा कि भारत भूषण तिवारी के परिवार को सरकारी नौकरी व वित्तीय सहायता देना सकारात्मक कदम है, लेकिन पूर्ण न्याय नहीं।
किशोर ने माँग की कि कथित गोलीबारी का आदेश देने वालों की पहचान हो और उन पर कानूनी कार्रवाई हो।
बंटी यादव के परिवार सहित अन्य मुठभेड़ पीड़ित परिवारों को भी समान राहत देने की माँग उठाई।
किशोर ने बांकीपुर के 10,000 परिवारों में से प्रत्येक के एक शिक्षित सदस्य को रोजगार दिलाने का वादा किया।
सरकारी स्कूलों में अगले दशहरा तक सुधार न होने पर बच्चों की निजी स्कूल फीस स्वयं देने की जिम्मेदारी ली।
किशोर ने दावा किया कि बांकीपुर चुनाव परिणाम ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर मुठभेड़ों को लेकर जवाबदेही का दबाव बढ़ाया।

जन सुराज पार्टी के प्रमुख और बांकीपुर के नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने 13 अगस्त 2026 को अपने निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से मुलाकात के बाद बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत भूषण तिवारी के परिवार को वित्तीय सहायता और सरकारी नौकरी देने का फैसला सकारात्मक कदम तो है, लेकिन यह पूर्ण न्याय नहीं है।

तिवारी मामला: किशोर की न्याय की परिभाषा

किशोर ने स्पष्ट किया कि वास्तविक न्याय के लिए उन लोगों की पहचान और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अनिवार्य है, जिन्होंने कथित तौर पर गोलीबारी का आदेश दिया और उसे अंजाम दिया। उन्होंने माँग की कि न्यायिक जाँच में व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय हो और दोषियों को कानूनी सजा सुनिश्चित की जाए।

किशोर ने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए अन्य युवाओं के परिवारों को समान सहायता क्यों नहीं दी जाती। उन्होंने विशेष रूप से बंटी यादव के परिवार का उल्लेख करते हुए कहा कि राहत को राजनीतिक कारणों से किसी एक मामले तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।

बांकीपुर जीत और सरकार पर दबाव

किशोर का यह बयान बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर-16 के निवासियों से मिलने और मतदाताओं को धन्यवाद देने के बाद आया। समर्थकों ने उनका लड्डुओं से तुलावट कर जश्न मनाया। किशोर ने दावा किया कि बांकीपुर के चुनाव परिणाम ने पुलिस मुठभेड़ों के प्रति सरकार के रवैये को बदलने पर मजबूर किया है और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर जवाबदेही का दबाव अब पहले से कहीं अधिक है।

उन्होंने आरोप लगाया कि तिवारी परिवार को मिली राहत भी इसी राजनीतिक दबाव का परिणाम है। गौरतलब है कि बांकीपुर उपचुनाव में किशोर की निर्णायक जीत को राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

शिक्षा पर बड़े वादे

किशोर ने निजी स्कूलों की बढ़ती फीस पर गहरी चिंता जताई और आरोप लगाया कि पुनः प्रवेश व वर्दी से जुड़े खर्च परिवारों पर अनावश्यक बोझ डाल रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि वे स्कूल प्रशासकों से मिलकर फीस कम करवाने की दिशा में काम करेंगे।

किशोर ने वादा किया कि बांकीपुर क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में अगले दशहरा तक शिक्षा की गुणवत्ता में ठोस सुधार होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह वादा पूरा नहीं हुआ, तो वे प्रभावित परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने और उनकी फीस का भुगतान स्वयं करेंगे — एक व्यक्तिगत जिम्मेदारी जो उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार की।

रोजगार की प्रतिबद्धता

किशोर ने बांकीपुर में रोजगार सृजन को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य निर्वाचन क्षेत्र के 10,000 परिवारों में से प्रत्येक के कम से कम एक शिक्षित सदस्य को रोजगार दिलाना है, जिसमें विशेष ध्यान उन शिक्षित युवाओं पर होगा जो वर्तमान में बेरोजगार हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में युवा बेरोजगारी एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है और विपक्षी दल सरकार पर लगातार इस मोर्चे पर निशाना साध रहे हैं। किशोर की इन घोषणाओं की असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

स्थानीय विकास और युवा रोजगार के मुद्दों को जोड़कर खुद को परंपरागत विपक्ष से अलग दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन 10,000 परिवारों को रोजगार और दशहरा तक स्कूल सुधार जैसे वादे अत्यंत महत्वाकांक्षी हैं, और एक विधायक के रूप में उनकी कार्यकारी शक्तियाँ सीमित हैं। असली सवाल यह है कि क्या ये घोषणाएँ ठोस योजना पर आधारित हैं या चुनावी उत्साह में की गई हैं — यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रशांत किशोर ने भारत भूषण तिवारी मामले में बिहार सरकार पर क्या आरोप लगाए?
किशोर ने कहा कि तिवारी परिवार को वित्तीय सहायता और सरकारी नौकरी देना सकारात्मक है, लेकिन पूर्ण न्याय नहीं। उन्होंने माँग की कि कथित गोलीबारी का आदेश देने और उसे अंजाम देने वालों की पहचान हो और उन पर कानूनी कार्रवाई हो।
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर में शिक्षा को लेकर क्या वादा किया?
किशोर ने वादा किया कि बांकीपुर के सरकारी स्कूलों में अगले दशहरा तक गुणवत्ता में सुधार होगा। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो वे प्रभावित परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाकर फीस का भुगतान स्वयं करेंगे।
किशोर ने बांकीपुर में रोजगार को लेकर क्या घोषणा की?
उन्होंने कहा कि निर्वाचन क्षेत्र के 10,000 परिवारों में से प्रत्येक के कम से कम एक शिक्षित सदस्य को रोजगार दिलाना उनका लक्ष्य है, विशेष रूप से बेरोजगार शिक्षित युवाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए।
बांकीपुर चुनाव परिणाम का बिहार की राजनीति पर क्या असर पड़ा?
किशोर के अनुसार, बांकीपुर में उनकी निर्णायक जीत ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर पुलिस मुठभेड़ों को लेकर जवाबदेही का दबाव बढ़ाया है। उनका दावा है कि इसी दबाव के चलते सरकार ने तिवारी परिवार को राहत देने का फैसला किया।
बंटी यादव के परिवार का मुद्दा इस विवाद से कैसे जुड़ा है?
किशोर ने बंटी यादव के परिवार का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए अन्य युवाओं के परिवारों को भी समान राहत मिलनी चाहिए। उनका तर्क है कि राजनीतिक कारणों से राहत को किसी एक मामले तक सीमित रखना उचित नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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