प्रशांत किशोर ने बांकीपुर जीत के बाद बिहार सरकार को घेरा, तिवारी मामले में पूर्ण न्याय की माँग
सारांश
मुख्य बातें
जन सुराज पार्टी के प्रमुख और बांकीपुर के नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने 13 अगस्त 2026 को अपने निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से मुलाकात के बाद बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत भूषण तिवारी के परिवार को वित्तीय सहायता और सरकारी नौकरी देने का फैसला सकारात्मक कदम तो है, लेकिन यह पूर्ण न्याय नहीं है।
तिवारी मामला: किशोर की न्याय की परिभाषा
किशोर ने स्पष्ट किया कि वास्तविक न्याय के लिए उन लोगों की पहचान और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अनिवार्य है, जिन्होंने कथित तौर पर गोलीबारी का आदेश दिया और उसे अंजाम दिया। उन्होंने माँग की कि न्यायिक जाँच में व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय हो और दोषियों को कानूनी सजा सुनिश्चित की जाए।
किशोर ने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए अन्य युवाओं के परिवारों को समान सहायता क्यों नहीं दी जाती। उन्होंने विशेष रूप से बंटी यादव के परिवार का उल्लेख करते हुए कहा कि राहत को राजनीतिक कारणों से किसी एक मामले तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।
बांकीपुर जीत और सरकार पर दबाव
किशोर का यह बयान बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर-16 के निवासियों से मिलने और मतदाताओं को धन्यवाद देने के बाद आया। समर्थकों ने उनका लड्डुओं से तुलावट कर जश्न मनाया। किशोर ने दावा किया कि बांकीपुर के चुनाव परिणाम ने पुलिस मुठभेड़ों के प्रति सरकार के रवैये को बदलने पर मजबूर किया है और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर जवाबदेही का दबाव अब पहले से कहीं अधिक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि तिवारी परिवार को मिली राहत भी इसी राजनीतिक दबाव का परिणाम है। गौरतलब है कि बांकीपुर उपचुनाव में किशोर की निर्णायक जीत को राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
शिक्षा पर बड़े वादे
किशोर ने निजी स्कूलों की बढ़ती फीस पर गहरी चिंता जताई और आरोप लगाया कि पुनः प्रवेश व वर्दी से जुड़े खर्च परिवारों पर अनावश्यक बोझ डाल रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि वे स्कूल प्रशासकों से मिलकर फीस कम करवाने की दिशा में काम करेंगे।
किशोर ने वादा किया कि बांकीपुर क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में अगले दशहरा तक शिक्षा की गुणवत्ता में ठोस सुधार होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह वादा पूरा नहीं हुआ, तो वे प्रभावित परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने और उनकी फीस का भुगतान स्वयं करेंगे — एक व्यक्तिगत जिम्मेदारी जो उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार की।
रोजगार की प्रतिबद्धता
किशोर ने बांकीपुर में रोजगार सृजन को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य निर्वाचन क्षेत्र के 10,000 परिवारों में से प्रत्येक के कम से कम एक शिक्षित सदस्य को रोजगार दिलाना है, जिसमें विशेष ध्यान उन शिक्षित युवाओं पर होगा जो वर्तमान में बेरोजगार हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में युवा बेरोजगारी एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है और विपक्षी दल सरकार पर लगातार इस मोर्चे पर निशाना साध रहे हैं। किशोर की इन घोषणाओं की असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी।