प्रशांत किशोर का बड़ा हमला: बिहार में अपराध और पलायन नहीं रुकेगा, सम्राट चौधरी सरकार पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने 14 अगस्त 2026 को पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बिहार की नीतीश कुमार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला। किशोर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक राज्य का नेतृत्व आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के हाथ में है, तब तक अपराधमुक्त बिहार की कल्पना करना बेईमानी है।
अपराध और पलायन पर सीधा आरोप
किशोर ने कहा, 'मैंने पहले ही कह दिया था — बिहार में अपराध नहीं रुकने वाला, नौकरी नहीं मिलने वाली, पलायन नहीं थमने वाला।' उन्होंने तर्क दिया कि बिहार की जनता ने जाति, धर्म और भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल (यूनाइटेड) तथा राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नाम पर वोट दिया, न कि सुशासन के लिए। उनके अनुसार इसी का परिणाम है कि आने वाले चार वर्षों तक आम जनता को हत्या, लूट और अपराध झेलना पड़ेगा।
शराबबंदी और 'उड़ते बिहार' की चेतावनी
प्रशांत किशोर ने राज्य की शराबबंदी नीति को 'फर्जी' करार देते हुए कहा कि इसके कारण सूखे नशे की लत तेज़ी से फैल रही है। उन्होंने दावा किया कि वे पिछले तीन वर्षों से यह चेतावनी दे रहे हैं और दो साल पहले ही 'उड़ता पंजाब' की तर्ज़ पर 'उड़ते बिहार' की आशंका जताई थी। किशोर के अनुसार भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से घर-घर में सूखे नशे का सेवन बढ़ रहा है, जो समाज के लिए गंभीर खतरा है।
गिरिराज सिंह को खुली चेतावनी
किशोर ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को सीधी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि सिंह इसी तरह 'उलटे-सीधे बयान' देते रहे, तो उनकी 'कुंडली' सार्वजनिक कर दी जाएगी। किशोर का आरोप था कि गिरिराज सिंह बेगूसराय में कुशवाहा मतदाताओं को साधने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक छात्रा के साथ दुर्व्यवहार और नीट से जुड़े मामलों पर सिंह चुप रहे, जो उनकी प्राथमिकताओं को उजागर करता है।
17 अगस्त को शपथ ग्रहण
प्रशांत किशोर ने बताया कि 17 अगस्त को वे विधायक पद की शपथ लेंगे। उन्होंने इसे एक वैधानिक प्रक्रिया बताया जिसे पूरा करना अनिवार्य है। बांकीपुर से जीत के बाद यह उनका पहला बड़ा संस्थागत कदम होगा और राज्य विधानसभा में उनकी उपस्थिति बिहार की राजनीति में नई गतिशीलता ला सकती है।
आगे क्या होगा
शपथ ग्रहण के बाद प्रशांत किशोर विधानसभा के भीतर से सरकार को घेरने की स्थिति में होंगे। उनके बयानों की तीव्रता यह संकेत देती है कि जन सुराज आगामी महीनों में बिहार में एक मुखर विपक्षी आवाज़ के रूप में उभरने की कोशिश करेगा।