प्रशांत किशोर का बयान: बिहार में पलायन और भ्रष्टाचार से मुक्ति संभव नहीं

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प्रशांत किशोर का बयान: बिहार में पलायन और भ्रष्टाचार से मुक्ति संभव नहीं

सारांश

प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीतिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे और अगले मुख्यमंत्री का कार्य केवल गुजरात का विकास करना होगा।

Key Takeaways

  • प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • बिहार में भ्रष्टाचार और पलायन की समस्या बनी रहेगी।
  • महिला आरक्षण विधेयक को भाजपा चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है।

मधेपुरा, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने राज्य के आगामी मुख्यमंत्री के मुद्दे पर एनडीए पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री पद संभालने के लिए न तो शारीरिक और न ही मानसिक रूप से सक्षम हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव से पहले ही जन सुराज ने कहा था कि इस बार नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे।

मधेपुरा में मीडिया से चर्चा करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि चाहे कोई जीते या हारे, लेकिन नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं होंगे। उनके अपने दल के साथी भी यह बात जानते हैं, लेकिन जनता को धोखा दिया गया। 25 से 30 नीतीश कुमार का नारा केवल एक जुमला था, जिससे जनता को ठगा गया।

उन्होंने कहा कि 202 सीटें जीतकर भी नीतीश कुमार ने पद छोड़कर राज्यसभा जाने का निर्णय लिया, जिससे यह साफ है कि उन्हें बिहार की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की जनता के पैसे से वोटरों में 10 हजार रुपए बांटकर वोट खरीदे गए, जिन्होंने बहुमत दिलाने में मदद की। अगले मुख्यमंत्री का जो भी चुनाव होगा, वह बिहार का विकास नहीं करेगा, बल्कि केवल गुजरात का विकास होगा। बिहार के युवा गुजरात की फैक्ट्रियों में काम करने जाएंगे और सीएम की चाबी केंद्र सरकार के हाथ में होगी।

उन्होंने यह भविष्यवाणी की कि बिहार में भ्रष्टाचार नहीं रुकेगा, पलायन नहीं थमेगा और रोजगार नहीं मिलेगा। अगर आपने 10 हजार रुपए लेकर वोट बेचा है, तो ईमानदार सरकार की उम्मीद न करें। जो लोग वोट खरीदकर सत्ता में आए हैं, वे आपके बच्चों का हक मारेंगे। लेकिन, जन सुराज के रूप में हमारी पार्टी हमेशा जनता की आवाज बनेगी। हम रोजगार का वादा नहीं कर सकते, लेकिन जो लोग जनता द्वारा सत्ता में लाए गए हैं, उनसे सवाल पूछना हमारी जिम्मेदारी होगी।

महिला आरक्षण विधेयक पर प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनावों के नजदीक आने पर भाजपा इसे अपने श्रेय के तौर पर प्रस्तुत कर महिलाओं के वोट हासिल करना चाहती है। संसद के तीन दिनों के सत्र का आह्वान करने का क्या अर्थ है? तमिलनाडु और बंगाल के चुनावों को देखते हुए, भाजपा यह दिखाना चाहती है कि आरक्षण उनके कारण मिल रहा है। महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए और यह मुद्दा यूपीए सरकार के समय से ही उठाया जा रहा है।

Point of View

जो कि भ्रष्टाचार और पलायन के खिलाफ आवाज उठा रहा है।
NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

प्रशांत किशोर का मुख्य आरोप क्या है?
प्रशांत किशोर का आरोप है कि नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री पद संभालने के लिए सक्षम नहीं हैं और उन्होंने बिहार की जनता को धोखा दिया है।
क्या बिहार में रोजगार की स्थिति में सुधार होगा?
प्रशांत किशोर का मानना है कि अगले मुख्यमंत्री के आने पर भी बिहार में रोजगार की स्थिति में सुधार नहीं होगा।
महिला आरक्षण विधेयक पर प्रशांत किशोर का क्या कहना है?
प्रशांत किशोर का कहना है कि भाजपा महिला आरक्षण विधेयक को अपने श्रेय से जोड़कर चुनावी लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
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