मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा का उद्घाटन, श्रद्धालुओं के लिए किए गए विशेष प्रबंध
सारांश
Key Takeaways
- चारधाम यात्रा का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया।
- ऑफलाइन पंजीकरण शुक्रवार से शुरू हुआ।
- गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खुलेंगे।
- श्रद्धालुओं के लिए विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।
- उत्तराखंड सरकार ने यात्रा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।
ऋषिकेश, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सनातन धर्म की सबसे महत्वपूर्ण तीर्थयात्राओं में से एक चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड सरकार ने संपूर्ण तैयारी कर ली है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में इसकी शुरुआत की। इस अवसर पर सीएम ने श्रद्धालुओं से मिलकर उनका स्वागत किया और यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
चारधाम यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण शुक्रवार से प्रारंभ हो चुका है, जिसमें पहले दिन ही 2,713 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यमुनोत्री दर्शन के लिए 683, गंगोत्री दर्शन के लिए 690, केदारनाथ दर्शन के लिए 667 और बद्रीनाथ दर्शन के लिए 673 लोगों ने पंजीकरण किया। ऑनलाइन पंजीकरण 6 मार्च से शुरू हो चुका था।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप का निरीक्षण किया। यहाँ श्रद्धालुओं के लिए 30 से अधिक काउंटर बनाए गए हैं। ट्रांजिट कैंप में यात्रियों के पंजीकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है, जिससे सभी श्रद्धालु सीएम धामी द्वारा की गई व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं।
जानकारी के अनुसार, 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा की शुरुआत हो रही है। अक्षय तृतीया के अवसर पर सबसे पहले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे। जबकि केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने से पहले की तैयारियां भी जोरों पर हैं। मंदिर को फूलों से सजाने का कार्य चल रहा है और सुरक्षा की सभी व्यवस्थाएँ की गई हैं।
रविवार को इन पवित्र धामों के कपाट खुलेंगे और भक्तों को मां गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन का शुभ फल प्राप्त होगा। यह यात्रा हरिद्वार या ऋषिकेश से प्रारंभ होकर यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ जाती है। इस समय पहाड़ों का मौसम ठंडा रहता है, जिससे श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।