बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर का आरोप — 'भाजपा नहीं, प्रशासन लड़ रहा है चुनाव'
सारांश
मुख्य बातें
जन सुराज के संस्थापक एवं बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने 30 जुलाई को मतदान के दौरान पटना प्रशासन पर गंभीर पक्षपात का आरोप लगाया। मतदान केंद्र के बाहर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि प्रशासन केवल जन सुराज के कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थकों के विरुद्ध कोई कदम नहीं उठाया जा रहा।
मुख्य आरोप
किशोर ने आरोप लगाया कि बुधवार रात से ही उनके समर्थकों को उनके घरों से उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोहन शर्मा और बबलू शर्मा सहित कई कार्यकर्ताओं को पुलिस हिरासत में ले चुकी है और स्थानीय समर्थकों में भय का माहौल है। उनके अनुसार 30 से अधिक लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जहाँ-जहाँ जन सुराज के कार्यकर्ताओं ने सहायता केंद्र स्थापित किए, वहाँ प्रशासन ने कार्रवाई की, जबकि पास में लगे भाजपा कैंपों को छुआ तक नहीं गया।
किशोर का सीधा बयान
किशोर ने कहा, "बांकीपुर में भाजपा नहीं, बल्कि प्रशासन चुनाव लड़ रहा है। पुलिसकर्मी लोगों के घरों में जाकर उन्हें रात में डरा-धमका रहे हैं। पुलिस जन सुराज के कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने के लिए एकतरफा कार्रवाई कर रही है। जनता ने इस बार भाजपा के खिलाफ वोट करने का मन बना लिया है।"
उन्होंने यह भी कहा कि गोलघर चौक पर प्रशासन से अनुमति प्राप्त जन सुराज समर्थकों को भी हिरासत में लिया गया, जबकि निकट ही स्थित भाजपा कैंप पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासन और चुनाव आयोग से माँग
किशोर ने चुनाव आयोग (ECI) और स्थानीय प्रशासन से सभी राजनीतिक दलों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने की माँग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, वे मौके पर डटे रहेंगे।
गौरतलब है कि बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज पहली बार एक प्रमुख चुनौती के रूप में उभरी है और किशोर स्वयं प्रत्याशी हैं — यह उनके राजनीतिक करियर का एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।
आगे क्या
मतगणना के परिणाम यह तय करेंगे कि जन सुराज की राजनीतिक जमीन पटना में कितनी मज़बूत है। इस बीच, किशोर के आरोपों पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं थी।