बांकीपुर उपचुनाव: जन सुराज कार्यकर्ताओं की हिरासत पर प्रशांत किशोर का आरोप, पटना पुलिस ने दी सफाई
सारांश
मुख्य बातें
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में 30 जुलाई को मतदान के दौरान जन सुराज के संस्थापक एवं पार्टी प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया। उनका कहना था कि उनके कार्यकर्ताओं को एकतरफा तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, जबकि पटना पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत साइलेंस पीरियड में बाहरी व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है।
मतदान के दौरान प्रशांत किशोर के आरोप
मतदान के दिन मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि प्रशासन जन सुराज के कार्यकर्ताओं को जानबूझकर निशाना बना रहा है, जबकि अन्य दलों के कार्यकर्ताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने इसे निष्पक्ष चुनाव की भावना के विपरीत बताया और कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई एकतरफा है।
किशोर ने यह भी दावा किया कि हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं के परिजनों और साथियों को उनकी स्थिति की कोई जानकारी नहीं दी गई, जो कि उनके अनुसार किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अस्वीकार्य है।
जक्कनपुर थाने में विरोध
इससे पहले बुधवार देर रात कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद प्रशांत किशोर पार्टी समर्थकों के साथ जक्कनपुर थाना पहुँचे और पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्यकर्ता ने अपराध किया है तो विधि सम्मत मामला दर्ज होना चाहिए, लेकिन बिना सूचना दिए हिरासत में लेना उचित नहीं है।
पटना पुलिस की सफाई
पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सोशल मीडिया सेल ने गुरुवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया कि मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पूर्व लागू साइलेंस पीरियड के दौरान चुनाव प्रचार पूर्णतः प्रतिबंधित रहता है। इस अवधि में जो व्यक्ति संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं और चुनाव प्रचार में संलिप्त पाए जाते हैं, उन्हें क्षेत्र छोड़ना अनिवार्य होता है।
पुलिस के अनुसार, नियमित जाँच और सत्यापन के दौरान बाहरी जिलों के कुछ व्यक्ति निर्वाचन क्षेत्र में मिले, जिनके चुनाव प्रचार में संलिप्त होने के संकेत थे। इसी आधार पर निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए उन्हें प्रीवेंटिव हिरासत में लिया गया।
प्रशासन का रुख
पुलिस ने अपने बयान में कहा कि प्रशासन निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुरूप ही सभी कदम उठाए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में उपचुनाव की प्रक्रिया की पारदर्शिता पर पहले से ही राजनीतिक दलों की नज़र बनी हुई है।
गौरतलब है कि साइलेंस पीरियड उल्लंघन के मामलों में प्रीवेंटिव हिरासत एक मानक प्रक्रिया है, लेकिन इसके निष्पक्ष क्रियान्वयन पर सवाल उठाना विपक्षी दलों के लिए एक परिचित रणनीति भी रही है। बांकीपुर सीट का परिणाम आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।