30 जुलाई 2026
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बांकीपुर उपचुनाव: जन सुराज कार्यकर्ताओं की हिरासत पर प्रशांत किशोर का आरोप, पटना पुलिस ने दी सफाई

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बांकीपुर उपचुनाव: जन सुराज कार्यकर्ताओं की हिरासत पर प्रशांत किशोर का आरोप, पटना पुलिस ने दी सफाई

सारांश

बांकीपुर उपचुनाव में मतदान के दिन प्रशांत किशोर ने पुलिस पर जन सुराज कार्यकर्ताओं के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। पटना पुलिस ने पलटवार करते हुए कहा कि साइलेंस पीरियड में बाहरी जिलों के प्रचारकों को नियमानुसार प्रीवेंटिव हिरासत में लिया गया — दोनों पक्षों के दावे परस्पर विरोधी हैं।

मुख्य बातें

प्रशांत किशोर ने 30 जुलाई को मतदान के दौरान प्रशासन पर जन सुराज कार्यकर्ताओं को एकतरफा निशाना बनाने का आरोप लगाया।
बुधवार देर रात किशोर समर्थकों के साथ जक्कनपुर थाने पहुँचे और हिरासत की कार्रवाई का विरोध किया।
पटना पुलिस ने कहा कि मतदान से 48 घंटे पूर्व लागू साइलेंस पीरियड के दौरान बाहरी जिलों के प्रचारकों को प्रीवेंटिव हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई।
हिरासत में लिए गए व्यक्तियों के परिजनों को सूचना न देने का आरोप किशोर ने लगाया, जिसे पुलिस ने अपने बयान में संबोधित नहीं किया।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में 30 जुलाई को मतदान के दौरान जन सुराज के संस्थापक एवं पार्टी प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया। उनका कहना था कि उनके कार्यकर्ताओं को एकतरफा तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, जबकि पटना पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत साइलेंस पीरियड में बाहरी व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है।

मतदान के दौरान प्रशांत किशोर के आरोप

मतदान के दिन मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि प्रशासन जन सुराज के कार्यकर्ताओं को जानबूझकर निशाना बना रहा है, जबकि अन्य दलों के कार्यकर्ताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने इसे निष्पक्ष चुनाव की भावना के विपरीत बताया और कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई एकतरफा है।

किशोर ने यह भी दावा किया कि हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं के परिजनों और साथियों को उनकी स्थिति की कोई जानकारी नहीं दी गई, जो कि उनके अनुसार किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अस्वीकार्य है।

जक्कनपुर थाने में विरोध

इससे पहले बुधवार देर रात कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद प्रशांत किशोर पार्टी समर्थकों के साथ जक्कनपुर थाना पहुँचे और पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्यकर्ता ने अपराध किया है तो विधि सम्मत मामला दर्ज होना चाहिए, लेकिन बिना सूचना दिए हिरासत में लेना उचित नहीं है।

पटना पुलिस की सफाई

पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सोशल मीडिया सेल ने गुरुवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया कि मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पूर्व लागू साइलेंस पीरियड के दौरान चुनाव प्रचार पूर्णतः प्रतिबंधित रहता है। इस अवधि में जो व्यक्ति संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं और चुनाव प्रचार में संलिप्त पाए जाते हैं, उन्हें क्षेत्र छोड़ना अनिवार्य होता है।

पुलिस के अनुसार, नियमित जाँच और सत्यापन के दौरान बाहरी जिलों के कुछ व्यक्ति निर्वाचन क्षेत्र में मिले, जिनके चुनाव प्रचार में संलिप्त होने के संकेत थे। इसी आधार पर निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए उन्हें प्रीवेंटिव हिरासत में लिया गया।

प्रशासन का रुख

पुलिस ने अपने बयान में कहा कि प्रशासन निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुरूप ही सभी कदम उठाए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में उपचुनाव की प्रक्रिया की पारदर्शिता पर पहले से ही राजनीतिक दलों की नज़र बनी हुई है।

गौरतलब है कि साइलेंस पीरियड उल्लंघन के मामलों में प्रीवेंटिव हिरासत एक मानक प्रक्रिया है, लेकिन इसके निष्पक्ष क्रियान्वयन पर सवाल उठाना विपक्षी दलों के लिए एक परिचित रणनीति भी रही है। बांकीपुर सीट का परिणाम आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसका जवाब न पुलिस की विज्ञप्ति में है, न मीडिया की कवरेज में। बिहार में उपचुनाव अक्सर प्रशासनिक तटस्थता की परीक्षा बनते हैं, और इस बार जन सुराज जैसी नई पार्टी का मैदान में होना इस परीक्षा को और पैना बनाता है। चुनाव आयोग को स्वतः संज्ञान लेकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि साइलेंस पीरियड की कार्रवाई दलनिरपेक्ष थी या नहीं।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज कार्यकर्ताओं को हिरासत में क्यों लिया गया?
पटना पुलिस के अनुसार, मतदान से 48 घंटे पूर्व लागू साइलेंस पीरियड के दौरान बाहरी जिलों के कुछ व्यक्ति बांकीपुर निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव प्रचार में संलिप्त पाए गए, जिन्हें निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत प्रीवेंटिव हिरासत में लिया गया। जन सुराज ने इसे पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बताया है।
प्रशांत किशोर ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए?
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि पुलिस केवल जन सुराज के कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है जबकि अन्य दलों के कार्यकर्ताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने यह भी कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों के परिजनों को उनकी स्थिति की जानकारी नहीं दी गई।
साइलेंस पीरियड क्या होता है और इसमें क्या प्रतिबंध होते हैं?
साइलेंस पीरियड मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पहले लागू होता है, जिसके दौरान किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार पूर्णतः प्रतिबंधित होता है। इस दौरान जो व्यक्ति संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं और प्रचार में संलिप्त पाए जाते हैं, उन्हें क्षेत्र छोड़ना अनिवार्य है।
प्रशांत किशोर जक्कनपुर थाने क्यों पहुँचे?
बुधवार देर रात कुछ जन सुराज समर्थकों को हिरासत में लिए जाने के बाद प्रशांत किशोर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जक्कनपुर थाने पहुँचे और पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने माँग की कि यदि कोई अपराध हुआ है तो विधि सम्मत मामला दर्ज किया जाए।
बांकीपुर उपचुनाव में पटना पुलिस का रुख क्या था?
पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि प्रशासन निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी कार्रवाइयाँ चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुरूप की गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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