30 जुलाई 2026
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बांकीपुर उपचुनाव: किदवईपुरी में भाजपा-जन सुराज कार्यकर्ताओं में झड़प, 20 नेता हिरासत में

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बांकीपुर उपचुनाव: किदवईपुरी में भाजपा-जन सुराज कार्यकर्ताओं में झड़प, 20 नेता हिरासत में

सारांश

बांकीपुर उपचुनाव में मतदान के दिन किदवईपुरी में BJP और जन सुराज कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। इससे एक रात पहले पटना पुलिस और STF ने जन सुराज के करीब 20 नेताओं को हिरासत में लिया, जिसके विरोध में प्रशांत किशोर देर रात जक्कनपुर थाने पहुँचे।

मुख्य बातें

30 जुलाई 2026 को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान किदवईपुरी में पोलिंग बूथ नंबर 101, 102 और 103 के बाहर BJP और जन सुराज समर्थकों में झड़प हुई।
जन सुराज ने आरोप लगाया कि BJP के पूर्व उम्मीदवार बंटी मतदाताओं को डरा-धमका रहे थे; BJP ने कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी।
पटना पुलिस और STF ने बुधवार रात जन सुराज के करीब 20 नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
जन सुराज संस्थापक प्रशांत किशोर देर रात जक्कनपुर पुलिस स्टेशन पहुँचे और कार्रवाई को गैरकानूनी बताया।
किशोर के अनुसार पार्टी के 15 से 16 नेता अभी भी लापता हैं; पुलिस ने विशेष दावों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया के ज़रिए मतदाताओं से बड़ी संख्या में वोट डालने की अपील की।

पटना के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में 30 जुलाई 2026 को मतदान के दौरान किदवईपुरी स्थित पोलिंग बूथ नंबर 101, 102 और 103 के बाहर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जन सुराज पार्टी के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में लिया और दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को वहाँ से हटाया।

मुख्य घटनाक्रम

जन सुराज कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि BJP के पूर्व उम्मीदवार बंटी पोलिंग स्टेशन पर मतदाताओं को डरा-धमकाकर प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। BJP ने इस आरोप पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। झड़प के बाद स्थिति सामान्य होते ही मतदान पुनः जारी हो गया।

रात की हिरासत और प्रशांत किशोर का विरोध

इस घटना से एक रात पहले, बुधवार को पटना पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने जन सुराज पार्टी के करीब 20 नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोग चुनाव से पहले गड़बड़ी फैलाने और अफवाह उड़ाने की कोशिश कर रहे थे, हालाँकि इन विशेष आरोपों का सार्वजनिक ब्यौरा अभी तक नहीं दिया गया है।

इसके बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर बुधवार देर रात पार्टी समर्थकों के साथ जक्कनपुर पुलिस स्टेशन पहुँचे और पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। मीडिया से बात करते हुए किशोर ने सरकार पर घबराहट में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी के किसी कार्यकर्ता ने अपराध किया है तो पुलिस को मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन परिवार या साथियों को लोकेशन बताए बिना हिरासत में लेना उचित नहीं है।

किशोर ने यह भी दावा किया कि पार्टी के करीब 15 से 16 नेता अभी भी लापता हैं और चेतावनी दी कि यदि पुलिस हिरासत का कारण स्पष्ट नहीं करती, तो इस कार्रवाई की वैधता पर सवाल उठेंगे।

जन सुराज का पक्ष

जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह और पार्टी की महिला विंग की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा करार दिया और आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के सदस्यों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि पुलिस और STF की टीमें पटना के अलग-अलग इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही थीं। उल्लेखनीय है कि ये सभी आरोप जन सुराज की ओर से लगाए गए हैं और पुलिस ने प्रत्येक दावे पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

भाजपा की अपील

BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाताओं से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि बांकीपुर, मंजलपुर और दतिया के भविष्य के लिए हर वोट अहम है और भरोसा जताया कि मतदाता विकास, सुशासन और जनसेवा के BJP के एजेंडे का समर्थन करेंगे।

आगे क्या

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बांकीपुर में मतदान जारी रहा। हिरासत में लिए गए जन सुराज कार्यकर्ताओं के मामले में पुलिस की आगामी कार्रवाई और चुनाव परिणाम दोनों ही राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

पुलिस ने 'गड़बड़ी फैलाने' का आरोप लगाया है जिसका सार्वजनिक ब्यौरा अभी तक नहीं आया — यह पारदर्शिता की कमी है जो दोनों पक्षों की जवाबदेही को कमज़ोर करती है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस बिंदु को चूक जाती है कि नई राजनीतिक ताकतों के उभरने पर स्थापित दलों और प्रशासन की प्रतिक्रिया ही असली लोकतांत्रिक परीक्षा होती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांकीपुर उपचुनाव में BJP और जन सुराज के बीच झड़प क्यों हुई?
30 जुलाई 2026 को मतदान के दौरान किदवईपुरी में पोलिंग बूथ नंबर 101, 102 और 103 के बाहर दोनों दलों के समर्थकों में झड़प हुई। जन सुराज ने आरोप लगाया कि BJP के पूर्व उम्मीदवार बंटी मतदाताओं को डरा-धमका रहे थे, जिस पर BJP ने कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी।
पटना पुलिस ने जन सुराज के कार्यकर्ताओं को क्यों हिरासत में लिया?
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए करीब 20 जन सुराज नेता और कार्यकर्ता चुनाव से पहले गड़बड़ी फैलाने और अफवाह उड़ाने की कोशिश कर रहे थे। हालाँकि इन आरोपों का विशेष सार्वजनिक ब्यौरा अभी तक नहीं दिया गया है।
प्रशांत किशोर ने पुलिस कार्रवाई पर क्या कहा?
जन सुराज संस्थापक प्रशांत किशोर बुधवार देर रात जक्कनपुर पुलिस स्टेशन पहुँचे और सरकार पर घबराहट में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परिवार या साथियों को लोकेशन बताए बिना कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना कानूनी रूप से संदिग्ध है और दावा किया कि 15 से 16 नेता अभी भी लापता हैं।
बांकीपुर उपचुनाव में मतदान पर इन घटनाओं का क्या असर पड़ा?
झड़प और हिरासत के बावजूद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बांकीपुर में मतदान जारी रहा। पुलिस ने स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया और दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को बूथ से हटाया।
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बांकीपुर उपचुनाव पर क्या कहा?
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया के ज़रिए मतदाताओं से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि बांकीपुर, मंजलपुर और दतिया के भविष्य के लिए हर वोट अहम है।
राष्ट्र प्रेस
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