बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर ने पटना एसएसपी पर मतदाता दबाव का आरोप लगाया, निर्वाचन आयोग को सौंपे साक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने 1 अगस्त को बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर पटना पुलिस और जिला प्रशासन पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बीते दो से ढाई दिनों में पुलिस ने कथित तौर पर सत्तारूढ़ दल के साथ मिलकर मतदाताओं को डराने-धमकाने की कोशिश की।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात और नामजद शिकायत
प्रशांत किशोर अपने सात वरिष्ठ साथियों के साथ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय पहुँचे और पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई। उनके अनुसार, एसएसपी और उनके अधीनस्थ अधिकारियों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने में कथित तौर पर सक्रिय भूमिका निभाई।
कथित अनियमितताओं का विवरण
प्रशांत किशोर ने मीडिया के सामने तीन प्रमुख आरोप रखे — पहला, चुनाव प्रचार के दौरान कार्यकर्ताओं को बिना ठोस कारण गिरफ्तार किया गया; दूसरा, मतदाताओं को भयभीत किया गया; और तीसरा, पुलिस की उपस्थिति में आपराधिक तत्वों ने कथित तौर पर गुंडागर्दी की। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से जुड़े विशिष्ट साक्ष्य निर्वाचन आयोग को सौंप दिए गए हैं।
आयोग का आश्वासन
प्रशांत किशोर के अनुसार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मामले की जाँच के आदेश देने का आश्वासन दिया। आयोग ने यह भी कहा कि जाँच पूरी होने के बाद जिन अधिकारियों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रविवार को प्रेस वार्ता में साक्ष्य सार्वजनिक होंगे
प्रशांत किशोर ने घोषणा की कि वे रविवार सुबह 11 बजे एक प्रेस वार्ता आयोजित करेंगे, जिसमें निर्वाचन आयोग को सौंपे गए सभी साक्ष्य सार्वजनिक किए जाएंगे। गौरतलब है कि यह उपचुनाव बिहार की राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील बांकीपुर सीट पर हो रहा है और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के लिए यह एक महत्वपूर्ण परीक्षा मानी जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में चुनावी निष्पक्षता को लेकर पहले से ही बहस चल रही है।