बांकीपुर उपचुनाव: नीतीश के वीडियो को AI-निर्मित बताने पर प्रशांत किशोर के खिलाफ जदयू नेता ने दर्ज कराई FIR
सारांश
मुख्य बातें
मतदान से ठीक एक दिन पहले बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का राजनीतिक तापमान तब और बढ़ गया, जब जनता दल (यूनाइटेड) के विधान पार्षद एवं मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने 29 जुलाई को पटना के शास्त्रीनगर थाने में जन सुराज के संस्थापक एवं उम्मीदवार प्रशांत किशोर के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रशांत किशोर ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक प्रामाणिक वीडियो संदेश को बिना किसी आधार के एआई-निर्मित और फर्जी बताया, जिससे चुनावी माहौल प्रभावित हो सकता है।
विवाद की जड़: नीतीश कुमार का वीडियो संदेश
शिकायत के अनुसार, मतदान से पूर्व नीतीश कुमार की ओर से बांकीपुर के मतदाताओं के नाम एक वीडियो संदेश जारी किया गया था, जिसमें उन्होंने एनडीए समर्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा के पक्ष में मतदान की अपील की थी। जदयू का कहना है कि यह वीडियो पूर्णतः प्रामाणिक है।
इसके विपरीत, प्रशांत किशोर ने कथित तौर पर यह दावा किया कि वीडियो नकली है, इसे एआई की सहायता से तैयार किया गया है और भाजपा ने चुनावी लाभ के उद्देश्य से इसे आधिकारिक रूप से प्रसारित किया है। यह दावा ही इस पूरे विवाद की केंद्रीय कड़ी बन गया है।
शिकायत में क्या कहा गया
नीरज कुमार ने शास्त्रीनगर थाना प्रभारी को सौंपी लिखित शिकायत में प्रशांत किशोर के इस बयान को 'झूठा, भ्रामक और चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाला' बताया। शिकायतकर्ता का तर्क है कि ऐसे आरोपों का उद्देश्य मतदान से ठीक पहले मतदाताओं को भ्रमित करना और भाजपा उम्मीदवार को मिल रहे जनसमर्थन को कमज़ोर करना है।
शिकायत में यह भी आशंका जताई गई है कि इस प्रकार की भ्रामक सूचनाओं के प्रसार से भाजपा, जदयू और जन सुराज के समर्थकों के बीच अविश्वास और तनाव उत्पन्न हो सकता है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होने की संभावना है। संबंधित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, रिकॉर्डिंग और डिजिटल सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल जांच की भी मांग की गई है।
मीडिया के सामने नीरज कुमार का बयान
थाने में शिकायत सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत में नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार के सार्वजनिक जीवन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा, 'किसी प्रामाणिक वीडियो को बिना किसी आधार के कृत्रिम या एआई से निर्मित बताना सार्वजनिक जीवन का अपमान है और इसकी विधिवत जांच होनी चाहिए।'
कानूनी पहलू
नीरज कुमार ने कहा कि उनके अनुसार इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की विभिन्न धाराएं लागू हो सकती हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि कौन-सी धाराएं लगाई जाएंगी, इसका निर्णय पुलिस अपने अधिकार क्षेत्र और जांच के आधार पर करेगी। उन्होंने पुलिस से शिकायत पर विधिसम्मत कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
आगे क्या
30 जुलाई को बांकीपुर विधानसभा सीट पर मतदान होना है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब चुनाव प्रचार का अंतिम चरण समाप्त हो चुका है और राजनीतिक दलों के बीच तनाव चरम पर है। पुलिस की जांच और उसके निष्कर्ष यह तय करेंगे कि इस शिकायत के आधार पर आगे कोई कानूनी कार्रवाई होती है या नहीं।