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बांकीपुर उपचुनाव: AI वीडियो विवाद में प्रशांत किशोर और जदयू आमने-सामने, 30 जुलाई को मतदान

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बांकीपुर उपचुनाव: AI वीडियो विवाद में प्रशांत किशोर और जदयू आमने-सामने, 30 जुलाई को मतदान

सारांश

बांकीपुर उपचुनाव के प्रचार के आखिरी दिन AI वीडियो विवाद ने सियासत गरमा दी। प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार का कथित फर्जी वीडियो जारी करने का आरोप एनडीए पर लगाया, जबकि जदयू ने इसे हताशे की राजनीति बताया। 30 जुलाई को मतदान से पहले दोनों पक्षों में तीखी जुबानी जंग जारी है।

मुख्य बातें

प्रशांत किशोर ने 28 जुलाई को आरोप लगाया कि एनडीए ने नीतीश कुमार का कथित AI-निर्मित फर्जी वीडियो प्रसारित किया।
किशोर ने दावा किया कि नीतीश कुमार ने वीडियो में दिखाया गया कोई बयान नहीं दिया और मतदाताओं से वीडियो की प्रामाणिकता परखने की अपील की।
जदयू मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने आरोपों को निराधार बताया और कहा कि नीतीश कुमार ने स्वयं वीडियो संदेश जारी किया था।
जदयू ने दावा किया कि एनडीए प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा को नीतीश कुमार का आशीर्वाद प्राप्त है।
बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई 2026 को मतदान होगा; मंगलवार शाम प्रचार समाप्त हो गया।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के अंतिम दिन 28 जुलाई 2026 को राजनीतिक तापमान उस वक्त और चढ़ गया, जब जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर से उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने एनडीए पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कथित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से निर्मित वीडियो प्रसारित करने का आरोप लगाया। जनता दल (यूनाइटेड) ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए प्रशांत किशोर पर पलटवार किया। 30 जुलाई को होने वाले मतदान से पहले दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर चुनावी माहौल को और तीखा कर रहा है।

प्रशांत किशोर का आरोप: AI से बना है नीतीश का वीडियो

प्रशांत किशोर ने दावा किया कि एनडीए की ओर से प्रसारित नीतीश कुमार का वीडियो पूरी तरह फर्जी है और तकनीक की मदद से तैयार किया गया है। उनके अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया और वह वीडियो उनका वास्तविक संदेश नहीं है। किशोर ने मतदाताओं से अपील की कि वे वीडियो को ध्यान से देखें और इसकी प्रामाणिकता को परखें।

किशोर ने यह भी कहा कि भाजपा और एनडीए ने पहले चुनाव जीतने के लिए अपने सभी विधायक, मंत्री, सांसद और सरकारी तंत्र को मैदान में उतारा। उन्होंने आरोप लगाया कि अब हार के भय से वे उसी नीतीश कुमार का नाम भुना रहे हैं, जिनकी तस्वीरें कथित तौर पर सरकारी और राजनीतिक पोस्टरों से गायब कर दी गई थीं। उन्होंने यह भी कहा कि बांकीपुर की जनता अपना मन बना चुकी है।

जदयू का पलटवार: हताशे में लगाए जा रहे आरोप

जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने प्रशांत किशोर के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बांकीपुर में जन सुराज उम्मीदवार की जमानत जब्त होना तय है और इसी हताशा में निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस नेता के साथ प्रशांत किशोर ने वर्षों तक काम किया, आज उसी का अपमान करने का प्रयास किया जा रहा है।

नीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि भाजपा-एनडीए प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आशीर्वाद लिया था और नीतीश कुमार ने अपने कार्यों के आधार पर स्वयं वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि इस वीडियो को फर्जी बताना न केवल नीतीश कुमार का, बल्कि बांकीपुर की जनता की भावनाओं का भी अपमान है।

जदयू का दावा: नीतीश के साथ हर वर्ग का विश्वास

जदयू प्रवक्ता ने दावा किया कि अति पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक, पिछड़ा, सामान्य वर्ग तथा महिला मतदाताओं का विश्वास आज भी नीतीश कुमार के साथ बना हुआ है। उनके अनुसार, बांकीपुर के मतदाता एनडीए के पक्ष में मतदान करेंगे और चुनाव परिणाम यह साबित करेगा कि जनता पूर्व मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा रखती है।

चुनावी पृष्ठभूमि और आगे की राह

गौरतलब है कि बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होना है और मंगलवार शाम तक प्रचार थम जाएगा। यह उपचुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें जन सुराज जैसी नई राजनीतिक ताकत पहली बार चुनावी परीक्षा में उतरी है। AI वीडियो विवाद ने प्रचार के अंतिम घंटों में बहस को तकनीक और चुनावी नैतिकता की ओर मोड़ दिया है। अब सभी की निगाहें 30 जुलाई के मतदान और उसके परिणाम पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिस पर नियामक ढाँचा अभी भी अधूरा है। विडंबना यह है कि जो नीतीश कुमार कभी प्रशांत किशोर के राजनीतिक गुरु माने जाते थे, आज उन्हीं के नाम और छवि पर यह विवाद केंद्रित है। जदयू का 'हताशे की राजनीति' वाला तर्क और प्रशांत किशोर का AI आरोप — दोनों ही मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि चुनाव आयोग ऐसे तकनीकी दुरुपयोग के आरोपों की जाँच के लिए सक्षम है या नहीं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांकीपुर उपचुनाव में AI वीडियो विवाद क्या है?
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया है कि एनडीए ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार फर्जी वीडियो प्रसारित किया। जदयू ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने स्वयं यह वीडियो संदेश जारी किया था।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मतदान कब होगा?
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई 2026 को मतदान होगा। प्रचार का अंतिम दिन 28 जुलाई था और मंगलवार शाम तक प्रचार थम गया।
प्रशांत किशोर ने एनडीए पर क्या आरोप लगाए?
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि एनडीए ने हार के डर से नीतीश कुमार का AI-निर्मित फर्जी वीडियो जारी किया। उन्होंने यह भी कहा कि जिन नीतीश कुमार की तस्वीरें कथित तौर पर सरकारी पोस्टरों से हटाई गई थीं, अब उन्हीं के नाम का सहारा लिया जा रहा है।
जदयू ने प्रशांत किशोर के आरोपों पर क्या कहा?
जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि जन सुराज उम्मीदवार की जमानत जब्त होना तय है और इसी हताशा में निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने स्वयं अपने कार्यों के आधार पर वीडियो संदेश जारी किया और इसे फर्जी बताना बांकीपुर की जनता की भावनाओं का अपमान है।
बांकीपुर उपचुनाव में मुख्य प्रतिद्वंद्वी कौन हैं?
बांकीपुर उपचुनाव में एनडीए की ओर से भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा मैदान में हैं, जबकि जन सुराज की ओर से संस्थापक प्रशांत किशोर स्वयं उम्मीदवार हैं। यह उपचुनाव जन सुराज के लिए पहली बड़ी चुनावी परीक्षा है।
राष्ट्र प्रेस
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