4 अगस्त 2026
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बांकीपुर उपचुनाव जीत के बाद प्रशांत किशोर का BJP पर हमला: 'बिहार को बेहतर नेतृत्व चाहिए'

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बांकीपुर उपचुनाव जीत के बाद प्रशांत किशोर का BJP पर हमला: 'बिहार को बेहतर नेतृत्व चाहिए'

सारांश

बांकीपुर उपचुनाव में 19,000 से अधिक मतों की जीत के बाद प्रशांत किशोर ने BJP को सीधी चेतावनी दी — जंगलराज के नाम पर वोट लेकर उसी के किसी प्रतिनिधि को कुर्सी देना जनता स्वीकार नहीं करेगी। बिहार को बेहतर नेतृत्व चाहिए, यही बांकीपुर का जनादेश है।

मुख्य बातें

प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में 19,000 से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की।
किशोर ने अगले 1 से 1.5 साल में बांकीपुर के विकास का ब्लूप्रिंट जारी करने का वादा किया।
उन्होंने BJP को चेतावनी दी कि जंगलराज से जुड़े व्यक्ति को भगवा रंग देकर कुर्सी पर बैठाना जनता स्वीकार नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर कथित शैक्षणिक प्रमाण-पत्र विवाद और हत्या के मुकदमे का हवाला देते हुए नेतृत्व पर सवाल उठाए।
मनोज तिवारी को कैमरे पर चुनौती — पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएं, अन्यथा बिहार न आएं।
विधानसभा चुनाव 2025 में वोट रूपांतरण न होने के लिए संगठन की कमजोरी और सरकार की ₹10,000 की सहायता को जिम्मेदार ठहराया।

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में 19,000 से अधिक मतों के अंतर से मिली जीत के बाद स्पष्ट किया कि किसी एक व्यक्ति के विधायक बनने मात्र से बांकीपुर बेंगलुरु नहीं बन जाएगा। 4 अगस्त को पटना में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने बिहार की राजनीति, विकास और नेतृत्व पर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं।

बांकीपुर जीत का संदेश

प्रशांत किशोर ने कहा, 'हमने एक बात कही है कि प्रशांत किशोर या किसी व्यक्ति के विधायक बनने से बांकीपुर बेंगलुरु नहीं बनेगा, लेकिन अगर यहां पर जनता ने अवसर दिया है, तो एक ब्लूप्रिंट बनाकर अगले 1 से 1.5 साल में जारी करेंगे कि बांकीपुर भी बेंगलुरु जैसे बेहतर शहर जैसा कैसे बन सकता है।' उन्होंने इस जीत को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए एक चेतावनी के रूप में परिभाषित किया।

किशोर ने कहा कि इस चुनाव में 'जीत से ज्यादा BJP की हार को देखना चाहिए।' उनके अनुसार, बांकीपुर के मतदाताओं ने BJP नेतृत्व को संदेश दिया है कि बड़े बहुमत से सरकार बनाने का अवसर मिला है, उसे गंवाना नहीं चाहिए।

BJP और बिहार नेतृत्व पर तीखा प्रहार

प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनसे व्यक्तिगत नाराजगी नहीं है, लेकिन एक ऐसे व्यक्ति को बिहार का मुख्यमंत्री नहीं होना चाहिए जो कथित तौर पर 'सातवीं फेल' है और जिन पर अपनी शैक्षणिक डिग्री के संबंध में गलत प्रमाण-पत्र लगाने का आरोप है। उन्होंने यह भी कहा कि हत्या के मुकदमे में जेल जाने वाले व्यक्ति को राज्य का नेतृत्व नहीं सौंपा जाना चाहिए।

किशोर ने BJP पर आरोप लगाया कि पार्टी दशकों से 'जंगलराज' के नाम पर वोट मांगती रही है, लेकिन अब उसी जंगलराज से जुड़े किसी व्यक्ति को 'भगवा रंग ओढ़ाकर' कुर्सी पर बैठाना जनता को स्वीकार नहीं होगा।

मनोज तिवारी पर सीधा चैलेंज

भरत तिवारी मामले का संदर्भ लेते हुए किशोर ने मनोज तिवारी पर कड़े शब्दों में प्रहार किया। उन्होंने कहा, 'जब एक पीड़ित परिवार को, जो मानसिक तौर पर परेशान है, उसको सम्राट चौधरी से मिलाना और समाज में यह मैसेज देना कि इनका समझौता हो गया है — सिर्फ वोट के लिए — तो यह घृणित काम है।' किशोर ने कैमरे पर मनोज तिवारी को चुनौती देते हुए कहा कि वे उस परिवार को न्याय दिलाएं, अन्यथा बिहार न आएं।

नीतीश कुमार और जदयू पर टिप्पणी

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वास्थ्य का उल्लेख करते हुए किशोर ने कहा कि जदयू के वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष को एक समय पार्टी से निकाला गया था। उनके अनुसार, यदि नीतीश कुमार का स्वास्थ्य ठीक होता, तो उनके नाम पर सत्ता की मलाई खाने वाले लोग आसपास नहीं होते।

BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बारे में किशोर ने कहा कि वे दिघा के बेटे हैं और बिहार से BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना गौरव की बात है, लेकिन उन्हें अध्यक्ष के रूप में अच्छा काम करके दिखाना होगा।

युवाओं का समर्थन और आगे की रणनीति

किशोर ने कहा कि जन सुराज में युवाओं की संख्या पहले से काफी अधिक है, क्योंकि बिहार का युवा शिक्षा, रोजगार और पलायन को बड़ा मुद्दा मानता है। विधानसभा चुनाव 2025 में वोटों में अपेक्षित रूपांतरण न होने के बारे में उन्होंने माना कि संगठन में कुछ कमजोरियाँ रही होंगी और सरकार द्वारा चुनाव के समय दी गई ₹10,000 की आर्थिक सहायता का भी असर पड़ा होगा।

भविष्य की रणनीति पर किशोर ने कहा कि वे आश्रम जाएंगे, गांव-गांव घूमेंगे और बांकीपुर में होने वाले सुधारों को एक मॉडल के रूप में पेश करेंगे। उनका लक्ष्य है कि बांकीपुर में बदलाव दिखाकर बिहार के अन्य इलाकों के लोगों को भी जन सुराज की राह पर लाया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक सीट और एक उपचुनाव से बिहार की राजनीतिक दिशा नहीं बदलती। प्रशांत किशोर का 'ब्लूप्रिंट' वादा परिचित लगता है — असली परीक्षा यह होगी कि क्या बांकीपुर में जमीनी बदलाव दिखता है या यह भी एक और चुनावी आख्यान बनकर रह जाता है। BJP पर उनके हमले तीखे हैं, लेकिन 2025 के विधानसभा चुनाव में जन सुराज की सीमित सफलता यह भी बताती है कि जमीनी संगठन और जनादेश में अभी बड़ा अंतर है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव कितने मतों से जीता?
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव 19,000 से अधिक मतों के अंतर से जीता। यह जन सुराज पार्टी की अब तक की सबसे बड़ी चुनावी जीत मानी जा रही है।
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर के विकास के लिए क्या वादा किया?
किशोर ने कहा कि अगले 1 से 1.5 साल में बांकीपुर के विकास का एक विस्तृत ब्लूप्रिंट जारी किया जाएगा, जिसमें यह बताया जाएगा कि बांकीपुर को बेंगलुरु जैसे बेहतर शहर की तर्ज पर कैसे विकसित किया जा सकता है।
प्रशांत किशोर ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
किशोर ने BJP पर आरोप लगाया कि पार्टी दशकों से जंगलराज के नाम पर वोट मांगती रही है और अब उसी जंगलराज से जुड़े व्यक्ति को भगवा रंग देकर सत्ता में बैठाया है, जो जनता को स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता और आपराधिक पृष्ठभूमि पर भी सवाल उठाए।
प्रशांत किशोर ने मनोज तिवारी को क्या चुनौती दी?
किशोर ने कैमरे पर मनोज तिवारी को चुनौती दी कि वे भरत तिवारी मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएं। उन्होंने कहा कि यदि वे ऐसा नहीं कर सकते तो जीवन में कभी बिहार न आएं।
जन सुराज की भविष्य की रणनीति क्या है?
किशोर ने कहा कि वे पहले की तरह आश्रम जाएंगे, गांव-गांव घूमेंगे और लोगों को समझाएंगे। बांकीपुर में होने वाले विकास को एक मॉडल के रूप में पेश करके बिहार के अन्य क्षेत्रों में जन सुराज का विस्तार किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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