13 अगस्त 2026
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अजय आलोक का प्रशांत किशोर को खुला चैलेंज: 2030 में बांकीपुर से लड़ें चुनाव

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अजय आलोक का प्रशांत किशोर को खुला चैलेंज: 2030 में बांकीपुर से लड़ें चुनाव

सारांश

BJP प्रवक्ता अजय आलोक ने प्रशांत किशोर को 'प्रखर कुटिल महोदय' कहते हुए 2030 में बांकीपुर से चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी। यह जवाब उस बयान के बाद आया जिसमें किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में BJP की हार का ठीकरा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर फोड़ा था।

मुख्य बातें

BJP राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने 13 अगस्त को प्रशांत किशोर को 2030 विधानसभा चुनाव में बांकीपुर से उतरने की चुनौती दी।
आलोक ने प्रशांत किशोर को 'प्रखर कुटिल महोदय' कहा और कांग्रेस की 'दलाली' करने का आरोप लगाया।
प्रशांत किशोर ने पहले कहा था कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बांकीपुर उपचुनाव में BJP की हार के लिए जिम्मेदार हैं।
किशोर के अनुसार, मतदाताओं को जन सुराज पार्टी के रूप में एक नया भरोसेमंद विकल्प मिला, जिससे BJP को नुकसान हुआ।
आलोक ने दावा किया कि BJP में मुख्यमंत्री किसी उम्मीदवार को जानबूझकर हराने की राजनीति नहीं करता।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने 13 अगस्त को जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर तीखा पलटवार करते हुए उन्हें वर्ष 2030 के विधानसभा चुनाव में बांकीपुर सीट से एक बार फिर मैदान में उतरने की खुली चुनौती दी। यह प्रतिक्रिया प्रशांत किशोर के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने बांकीपुर उपचुनाव में BJP की हार के लिए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जिम्मेदार ठहराया था।

अजय आलोक का पलटवार

अजय आलोक ने प्रशांत किशोर को 'प्रखर कुटिल महोदय' कहते हुए कड़े शब्दों में जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'यह कांग्रेस का राज नहीं है, जहाँ मुख्यमंत्री के कारण चुनाव जीते या हार जाते हैं। यह भारतीय जनता पार्टी है। लोकतांत्रिक विचारों में हमारा विश्वास है।' आलोक ने स्पष्ट किया कि BJP में कोई भी मुख्यमंत्री किसी उम्मीदवार को जानबूझकर हराने की राजनीति नहीं करता।

उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी चाहते, तो BJP का खाता एक भी बूथ पर नहीं खुलता — लेकिन BJP की राजनीतिक संस्कृति इस तरह की नहीं है।

2030 की चुनौती और कांग्रेस पर निशाना

अजय आलोक ने तंज कसते हुए कहा कि बांकीपुर और बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर की दिलचस्पी केवल एक उपचुनाव तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने सीधे चुनौती देते हुए कहा कि अगर प्रशांत किशोर को अपनी जीत और राजनीतिक पकड़ पर भरोसा है, तो उन्हें घोषणा करनी चाहिए कि वे 2030 में एक बार फिर बांकीपुर से चुनाव मैदान में उतरेंगे।

आलोक ने प्रशांत किशोर पर कांग्रेस के लिए राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि किशोर तेलंगाना और कर्नाटक में भी गए थे और अब बिहार के चक्कर में पड़े हैं — इसलिए उन्हें बिहार की चिंता छोड़कर कांग्रेस की 'दलाली' पर ध्यान देना चाहिए।

प्रशांत किशोर ने क्या कहा था

गौरतलब है कि प्रशांत किशोर ने हाल ही में एक साक्षात्कार में बांकीपुर उपचुनाव में BJP की हार के कारणों पर अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि इस चुनाव में जेन-जी के विरोध प्रदर्शन का कोई खास असर नहीं पड़ा और BJP स्थानीय कारणों से हारी। किशोर ने यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को NDA के चेहरे के तौर पर सभी मतदाता स्वीकार नहीं करते — और इसके पीछे उनका राजनीतिक ट्रैक रिकॉर्ड तथा शैक्षणिक योग्यता जैसे कारण बताए थे।

बांकीपुर की बदलती राजनीति

प्रशांत किशोर ने यह भी कहा था कि पहले बांकीपुर में मतदाता राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के विरोध में BJP के पक्ष में मतदान करते थे, लेकिन इस बार उन्हें जन सुराज पार्टी और प्रशांत किशोर के रूप में एक भरोसेमंद विकल्प दिखाई दिया — जिसके चलते BJP को नुकसान उठाना पड़ा। यह विश्लेषण बिहार की बदलती मतदाता प्राथमिकताओं की ओर इशारा करता है, जहाँ पारंपरिक ध्रुवीकरण की जगह नए राजनीतिक विकल्प उभर रहे हैं।

आगे क्या

बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले यह वाकयुद्ध राजनीतिक तापमान बढ़ाने का संकेत है। अब देखना यह होगा कि प्रशांत किशोर BJP की 2030 की चुनौती को स्वीकार करते हैं या नहीं — और जन सुराज बांकीपुर में अपनी उपस्थिति को संगठनात्मक ताकत में बदल पाती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह बिहार की उस उभरती राजनीतिक दरार की झलक है जहाँ जन सुराज पारंपरिक BJP-विरोधी वोट बैंक को नया आकार दे रही है। अजय आलोक की 2030 की चुनौती रणनीतिक है — यह प्रशांत किशोर को या तो दीर्घकालिक प्रतिबद्धता साबित करने पर मजबूर करती है, या उनकी आलोचना को अवसरवादी करार देती है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर किशोर की टिप्पणी — जिसमें ट्रैक रिकॉर्ड और शैक्षणिक योग्यता का जिक्र था — NDA के भीतर नेतृत्व की स्वीकार्यता पर एक असुविधाजनक सवाल उठाती है, जिसका जवाब BJP ने तथ्यों से नहीं, बल्कि प्रति-आरोपों से दिया।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजय आलोक ने प्रशांत किशोर को क्या चुनौती दी?
BJP राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने प्रशांत किशोर को 2030 के बिहार विधानसभा चुनाव में बांकीपुर सीट से एक बार फिर मैदान में उतरने की खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर किशोर को अपनी राजनीतिक पकड़ पर भरोसा है तो उन्हें इसकी घोषणा करनी चाहिए।
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में BJP की हार के बारे में क्या कहा था?
प्रशांत किशोर ने एक साक्षात्कार में कहा था कि BJP बांकीपुर उपचुनाव में स्थानीय कारणों से हारी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को NDA के चेहरे के तौर पर सभी मतदाता स्वीकार नहीं करते। उन्होंने सम्राट चौधरी के राजनीतिक ट्रैक रिकॉर्ड और शैक्षणिक योग्यता को भी हार के कारणों में गिनाया था।
BJP ने सम्राट चौधरी पर लगे आरोपों का जवाब कैसे दिया?
अजय आलोक ने साफ कहा कि BJP में मुख्यमंत्री किसी उम्मीदवार को जानबूझकर हराने की राजनीति नहीं करता। उन्होंने दावा किया कि यदि सम्राट चौधरी चाहते तो BJP का खाता एक भी बूथ पर नहीं खुलता, लेकिन BJP की ऐसी राजनीतिक संस्कृति नहीं है।
बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज की क्या भूमिका रही?
प्रशांत किशोर के अनुसार, इस बार बांकीपुर के मतदाताओं को जन सुराज पार्टी के रूप में एक भरोसेमंद विकल्प दिखाई दिया, जबकि पहले वे लालू प्रसाद यादव के विरोध में BJP को वोट देते थे। इसी कारण BJP को इस सीट पर नुकसान उठाना पड़ा।
अजय आलोक ने प्रशांत किशोर पर कांग्रेस से जुड़े होने का आरोप क्यों लगाया?
अजय आलोक ने कहा कि प्रशांत किशोर तेलंगाना और कर्नाटक में भी काम कर चुके हैं — दोनों कांग्रेस शासित राज्य — और अब बिहार में सक्रिय हैं। उनके अनुसार किशोर को बिहार की चिंता छोड़कर कांग्रेस की 'दलाली' पर ध्यान देना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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