27 सितंबर 2026
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एशियन गेम्स 2026: PM मोदी ने अभय सिंह, अनाहत सिंह समेत 6 पदक विजेताओं की सराहना की

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एशियन गेम्स 2026: PM मोदी ने अभय सिंह, अनाहत सिंह समेत 6 पदक विजेताओं की सराहना की

सारांश

रविवार को एशियन गेम्स 2026 में भारत ने स्क्वैश, एथलेटिक्स और हाई जंप में पदकों की झड़ी लगाई — पारुल चौधरी ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा, सर्वेश कुशारे ने पाँच दशक का इंतजार खत्म किया। पीएम मोदी ने सभी पदक विजेताओं को बधाई देते हुए देश का सिर ऊंचा करने पर गर्व जताया।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 27 सितंबर 2026 को एशियन गेम्स के सभी भारतीय पदक विजेताओं को एक्स पर बधाई दी।
अभय सिंह ने पुरुष सिंगल्स स्क्वैश फाइनल में 9-11, 5-11, 5-11 से हारकर रजत पदक जीता।
18 वर्षीया अनाहत सिंह ने महिला सिंगल्स स्क्वैश में रजत पदक जीता।
सर्वेश कुशारे ने पुरुष हाई जंप में रजत जीतकर भारत का पाँच दशक लंबा इंतजार समाप्त किया।
पारुल चौधरी ने 9:08.67 के समय से राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य जीता।
भारत कुल 37 पदकों (4 स्वर्ण, 16 रजत, 17 कांस्य) के साथ मेडल टैली में 12वें स्थान पर है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2026 को एशियन गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। भारत इस समय कुल 37 पदकों — 4 स्वर्ण, 16 रजत और 17 कांस्य — के साथ मेडल टैली में 12वें स्थान पर है।

स्क्वैश में भारत का दोहरा जलवा

अभय सिंह ने पुरुषों की सिंगल्स स्क्वैश स्पर्धा में रजत पदक जीता। फाइनल में उन्हें मलेशिया के मौजूदा चैंपियन ईन यो एनजी के खिलाफ 9-11, 5-11, 5-11 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट किया कि मोदी ने कहा, 'एशियन गेम्स में पुरुषों के सिंगल्स स्क्वॉश में सिल्वर मेडल जीतने पर अभय सिंह को बधाई। उनके कौशल और दृढ़ संकल्प ने भारत का मान बढ़ाया है।'

वहीं, महज 18 वर्षीया स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने महिलाओं की सिंगल्स स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। पीएम मोदी ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा, 'उन्होंने बेहतरीन कौशल दिखाया है, खासकर तब जब वे कुछ सबसे अच्छे खिलाड़ियों के खिलाफ खेल रही थीं।' यह स्पष्ट है कि युवा आयु में ऐसे मंच पर चमकना भारतीय स्क्वैश के भविष्य का संकेत देता है।

एथलेटिक्स में तीन और पदक

हरिता भद्रा ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता। प्रधानमंत्री ने कहा, 'एशियन गेम्स में अपने पहले ही मुकाबले में उन्होंने पूरे आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ दौड़ लगाई और पोडियम पर अपनी जगह सुनिश्चित की।' यह उनके पहले बड़े एशियाई खेलों में किसी भी भारतीय ट्रैक एथलीट के लिए उल्लेखनीय शुरुआत है।

महिलाओं की लॉन्ग जंप स्पर्धा में एंसी सोजन ने देश के लिए रजत पदक सुनिश्चित किया। पीएम मोदी ने कहा, 'उनका प्रदर्शन शानदार और जोश से भरा रहा, जिससे देश को बहुत खुशी मिली है।'

पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में सर्वेश कुशारे ने रजत पदक जीतकर इस इवेंट में भारत के पाँच दशक लंबे पदक इंतजार को समाप्त किया। प्रधानमंत्री ने इसे 'ऐतिहासिक उपलब्धि' करार देते हुए कहा, 'यह वाकई दृढ़ता और संकल्प से हासिल की गई एक यादगार उपलब्धि है।'

पारुल चौधरी का राष्ट्रीय रिकॉर्ड

पारुल चौधरी ने महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में 9:08.67 का समय लेकर कांस्य पदक जीता और अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। वह इस स्पर्धा में 9:10 के निशान से नीचे समय दर्ज करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। पीएम मोदी ने कहा, 'पोडियम तक पहुंचने के दौरान अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज करके उन्होंने इस उपलब्धि को और भी खास बना दिया है।'

भारत की मेडल टैली और आगे की राह

गौरतलब है कि भारत अब तक के एशियन गेम्स अभियान में 37 पदक जीत चुका है और 12वें स्थान पर काबिज है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय खेल प्राधिकरण और ओलंपिक-पश्चात तैयारियों पर सरकार का जोर बढ़ा है। रविवार के ये पदक भारत की एथलेटिक्स और रैकेट खेलों में बढ़ती गहराई को रेखांकित करते हैं, और आने वाले दिनों में और पदकों की उम्मीद बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भारत की मेडल टैली — 37 पदक और 12वाँ स्थान — वास्तव में एशियाई शक्ति की हैसियत से मेल खाती है। सर्वेश कुशारे का हाई जंप में पाँच दशकों बाद पदक और पारुल चौधरी का राष्ट्रीय रिकॉर्ड संकेत देते हैं कि एथलेटिक्स में भारत की गहराई बढ़ रही है — लेकिन स्वर्ण पदकों की संख्या (केवल 4) यह भी दर्शाती है कि शीर्ष पर पहुँचने में अभी लंबा सफर बाकी है। प्रधानमंत्री की सराहना जरूरी है, पर खिलाड़ियों को चाहिए ठोस खेल बुनियादी ढाँचा और निरंतर समर्थन — केवल सोशल मीडिया पोस्ट नहीं।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 में भारत की मेडल टैली क्या है?
27 सितंबर 2026 तक भारत ने एशियन गेम्स में कुल 37 पदक जीते हैं — 4 स्वर्ण, 16 रजत और 17 कांस्य। इस प्रदर्शन के साथ भारत मेडल टैली में 12वें स्थान पर है।
अभय सिंह को एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल क्यों मिला, गोल्ड क्यों नहीं?
पुरुषों की सिंगल्स स्क्वैश के फाइनल में अभय सिंह को मलेशिया के मौजूदा चैंपियन ईन यो एनजी के हाथों 9-11, 5-11, 5-11 से हार का सामना करना पड़ा। इस कारण उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
पारुल चौधरी ने एशियन गेम्स में कौन सा रिकॉर्ड बनाया?
पारुल चौधरी ने महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में 9:08.67 का समय दर्ज कर अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा और कांस्य पदक जीता। वह इस स्पर्धा में 9:10 के निशान से नीचे समय दर्ज करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
सर्वेश कुशारे की उपलब्धि एशियन गेम्स में ऐतिहासिक क्यों मानी जा रही है?
सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की हाई जंप में रजत पदक जीतकर इस स्पर्धा में भारत के पाँच दशक लंबे पदक इंतजार को समाप्त किया। यह भारतीय ट्रैक और फील्ड एथलेटिक्स के लिए एक उल्लेखनीय मील का पत्थर है।
PM मोदी ने एशियन गेम्स के खिलाड़ियों को कहाँ और कैसे बधाई दी?
प्रधानमंत्री कार्यालय ने 27 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर PM मोदी के हवाले से अलग-अलग पोस्ट के जरिए सभी पदक विजेताओं — अभय सिंह, अनाहत सिंह, हरिता भद्रा, एंसी सोजन, सर्वेश कुशारे और पारुल चौधरी — को बधाई दी।
राष्ट्र प्रेस
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