एशियन गेम्स 2026: PM मोदी ने 85 पदकों पर जताई 'अपार खुशी', भारत ने रचा इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 अक्टूबर 2026 को एशियन गेम्स 2026 के समापन पर भारतीय दल के ऐतिहासिक प्रदर्शन की मुक्त कंठ से सराहना की। आइची-नागोया में खेले गए इन खेलों में भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदकों सहित कुल 85 पदक जीते और चौथे स्थान पर रहा — जो एशियाई खेलों के इतिहास में देश का दूसरा सबसे बड़ा पदक संग्रह है।
PM मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'एशियन गेम्स 2026 के समापन के अवसर पर, दृढ़ संकल्प, जोश और उल्लेखनीय खेल भावना के साथ हमारे देश का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय दल के प्रत्येक सदस्य को मेरी हार्दिक बधाई।' उन्होंने पदक विजेताओं को विशेष रूप से बधाई देते हुए कहा कि उनके प्रदर्शन ने देश को 'अपार खुशी' दी है।
मोदी ने यह भी आशा व्यक्त की कि आइची-नागोया में हुए इस उत्कृष्ट प्रदर्शन से आने वाले वर्षों में और भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल होंगी और यह जमीनी स्तर पर भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में सहायक बनेगा।
टीम खेलों में ऐतिहासिक सफलता
इस बार के एशियन गेम्स में भारत की टीम स्पर्धाओं का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों ने अपने-अपने एशियन गेम्स खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखे। दोनों कबड्डी टीमों ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर अपने खिताब की रक्षा की, जबकि महिला हॉकी टीम ने फाइनल में चीन को 1-0 से पराजित कर एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक के लिए 44 साल का इंतजार समाप्त किया — यह निस्संदेह इस संस्करण का सबसे भावुक पल रहा।
व्यक्तिगत उपलब्धियाँ और नए रिकॉर्ड
प्रणवी उर्स एशियन गेम्स में गोल्फ में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। 17 वर्षीय कुमकुम मोहद ने महाद्वीपीय प्रतियोगिता में व्यक्तिगत रिकर्व स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया।
लवलीना बोरगोहेन ने मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीतकर मैरी कॉम के बाद यह कारनामा करने वाली दूसरी भारतीय महिला बनने का गौरव हासिल किया। गौरतलब है कि ये उपलब्धियाँ 2028 के ओलिंपिक को ध्यान में रखते हुए और भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं।
खेलवार पदक तालिका
एथलेटिक्स सर्वाधिक 24 पदकों के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि शूटिंग में 15 पदक आए। तीरंदाजी स्वर्ण पदकों के लिहाज से सबसे सफल खेल रही, जहाँ 5 स्वर्ण पदक भारत की झोली में आए।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार खेल बुनियादी ढाँचे पर निवेश बढ़ा रही है और अगले ओलिंपिक चक्र की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं। आने वाले महीनों में नेशनल स्पोर्ट्स अकादमियों में चयन प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।