15 अक्टूबर 2026
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एशियन गेम्स 2026: PM मोदी ने 85 मेडल विजेताओं से की मुलाकात, बोले — 'तिरंगे की शान बढ़ाई'

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एशियन गेम्स 2026: PM मोदी ने 85 मेडल विजेताओं से की मुलाकात, बोले — 'तिरंगे की शान बढ़ाई'

सारांश

एशियन गेम्स 2026 में जापान के आइची-नागोया से 85 मेडल और चौथा स्थान लेकर लौटे भारतीय दल का PM मोदी ने मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में स्वागत किया। हॉकी में दोनों टीमों का स्वर्ण, 28 साल बाद वेटलिफ्टिंग पदक और 1982 के बाद मैराथन सफलता — यह भारतीय खेलों का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 15 अक्टूबर 2026 को मेजर ध्यानचंद स्टेडियम, नई दिल्ली में एशियन गेम्स 2026 के भारतीय दल से मुलाकात की।
भारत ने आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में 85 मेडल ( 21 स्वर्ण, 27 रजत, 37 कांस्य ) जीते और चौथा स्थान हासिल किया।
पुरुष और महिला हॉकी तथा कबड्डी दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक ; तीरंदाजी में 5 स्वर्ण ।
28 साल बाद वेटलिफ्टिंग में और 1982 के बाद पहली बार मैराथन में भारत को पदक मिला।
मोदी ने सफलता को 140 करोड़ देशवासियों की उपलब्धि बताया और खिलाड़ियों को 'तिरंगे की शान' बढ़ाने के लिए बधाई दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 के भारतीय दल से मुलाकात की और उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन की सराहना की। जापान के आइची-नागोया में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत ने कुल 85 मेडल — 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य — जीतकर मेडल टैली में चौथा स्थान हासिल किया। यह भारत के एशियाई खेलों के इतिहास में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

पीएम मोदी का खिलाड़ियों को संबोधन

खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'इतने सारे पदक जीतना, और इन सभी पदकों को एक साथ प्राप्त करना — यह कोई छोटी बात नहीं है। यह बहुत ही संतोषजनक है।' उन्होंने जोड़ा कि जब युवा खिलाड़ियों का जुनून जीत में बदलता है, तो इससे न केवल पदक आते हैं बल्कि पूरा देश गौरवान्वित होता है।

मोदी ने इस सफलता को 140 करोड़ देशवासियों की उपलब्धि बताते हुए कहा, 'आपने तिरंगे की शान बढ़ाई है, तिरंगे का मान बढ़ाया है; इसलिए आपकी यह सफलता केवल आपकी नहीं है — यह देश के करोड़ों नागरिकों की सफलता है।'

हॉकी, क्रिकेट और कबड्डी में ऐतिहासिक प्रदर्शन

प्रधानमंत्री ने खेलवार उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बार एशियन गेम्स भारत के लिए कई मायनों में यादगार रहे। पुरुष और महिला हॉकी टीम दोनों ने स्वर्ण पदक जीते। क्रिकेट में दोनों टीमों ने लगातार दूसरी बार पदक जीते और अपने ही रिकॉर्ड को दोहराया। कबड्डी में भी पुरुष और महिला दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक हासिल किए।

तीरंदाजी में 5 स्वर्ण पदक, शूटिंग में शानदार प्रदर्शन, बॉक्सिंग और कुश्ती में बड़ी सफलताएँ, तथा एथलेटिक्स में नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी इस अभियान की विशेषताएँ रहीं। इसके अलावा, 28 साल बाद वेटलिफ्टिंग में पदक और 1982 के बाद पहली बार मैराथन में सफलता ने भारतीय खेल प्रेमियों को खुशी से भर दिया।

ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और महत्त्व

यह ऐसे समय में आया है जब भारत 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक की तैयारियों को गति दे रहा है। गौरतलब है कि भारत ने पिछले एशियन गेम्स में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया था, और 2026 का अभियान उस दिशा में और मजबूत कदम माना जा रहा है। 85 मेडल के साथ चौथे स्थान पर रहना भारतीय खेलों की बढ़ती गहराई और बुनियादी ढाँचे में निवेश का प्रमाण है।

यह भी महत्त्वपूर्ण है कि भारत की इस सफलता में न केवल पारंपरिक रूप से मजबूत खेल बल्कि नए खेलों में भी सफलता मिली है, जो भारतीय एथलेटिक्स के विस्तार का संकेत देती है।

खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया और आगे की राह

मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में आयोजित इस समारोह में देश भर से आए पदक विजेताओं ने प्रधानमंत्री के संबोधन को भावपूर्ण ढंग से सुना। मोदी ने सभी देशवासियों की ओर से खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। भारतीय खेल प्राधिकरण और संबंधित खेल संघ अब ओलंपिक लक्ष्यों की ओर ध्यान केंद्रित करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या यह प्रदर्शन 2028 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक में परिणामों में तब्दील होता है — जहाँ एशियाई प्रतिस्पर्धा वैश्विक प्रतिस्पर्धा से कहीं अधिक कड़ी है। हॉकी और कबड्डी में दोहरा स्वर्ण और वेटलिफ्टिंग-मैराथन जैसी दुर्लभ वापसियाँ बताती हैं कि भारतीय खेलों की चौड़ाई बढ़ रही है। लेकिन मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि व्यक्तिगत ओलंपिक खेलों — एथलेटिक्स, तैराकी, जिम्नास्टिक्स — में भारत अभी भी वैश्विक मंच पर पीछे है। बड़े आयोजनों का उत्सव ज़रूरी है, पर खेल नीति की दीर्घकालिक जवाबदेही उससे भी ज़रूरी।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 में भारत ने कुल कितने मेडल जीते?
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में कुल 85 मेडल जीते — 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य — और मेडल टैली में चौथा स्थान हासिल किया। यह प्रतियोगिता जापान के आइची-नागोया में आयोजित हुई।
PM मोदी ने भारतीय दल से कहाँ और कब मुलाकात की?
PM मोदी ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 के भारतीय दल से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों को 140 करोड़ देशवासियों की ओर से बधाई दी।
एशियन गेम्स 2026 में भारत की कौन-कौन सी टीमों ने स्वर्ण पदक जीते?
पुरुष और महिला हॉकी दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीते। इसके अलावा पुरुष और महिला कबड्डी टीमों ने भी स्वर्ण पदक हासिल किए, जबकि तीरंदाजी में 5 स्वर्ण पदक आए।
एशियन गेम्स 2026 में भारत की कौन-कौन सी दुर्लभ उपलब्धियाँ रहीं?
28 साल बाद वेटलिफ्टिंग में पदक और 1982 के बाद पहली बार मैराथन में सफलता भारत की विशेष उपलब्धियाँ रहीं। क्रिकेट में दोनों टीमों ने लगातार दूसरी बार पदक जीतकर अपना ही रिकॉर्ड दोहराया।
पीएम मोदी ने एशियन गेम्स 2026 की सफलता को क्या बताया?
PM मोदी ने इसे केवल खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की सफलता बताया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने तिरंगे की शान और मान बढ़ाई है, जो पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
राष्ट्र प्रेस
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