एशियन पैरा गेम्स 2026: PM मोदी ने 114 पदक जीतने वाले भारतीय दल को सराहा, '14 से 114 की यात्रा परिश्रम की पराकाष्ठा'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 नवंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एशियन पैरा गेम्स 2026 में भाग लेने वाले भारतीय पैरा-एथलीट्स से मुलाकात कर उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि का उत्सव मनाया। भारतीय दल ने इस बार जापान के आइची-नागोया में आयोजित इन खेलों में कुल 114 पदक जीते — जो देश के पैरा-खेल इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। मोदी ने इस उपलब्धि को एथलीट्स के 'परिश्रम की पराकाष्ठा का परिणाम' बताया।
मुख्य घटनाक्रम
इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में पीएम मोदी ने भारतीय दल के सदस्यों से सीधे बातचीत की। उन्होंने कहा, 'आप सभी से मिलने का मुझे बेसब्री से इंतजार था... आपका शानदार प्रदर्शन ये बताता है कि आज भारत स्पोर्ट्स की दुनिया में तेजी से एक बड़ी पावर के रूप में उभर रहा है। इतने बड़े प्लेटफॉर्म पर आप सभी ने मेडल तो जीता ही है, आपने करोड़ों देशवासियों का दिल भी जीता है।'
मोदी ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों के परिवार, ट्रेनर और कोच की भूमिका को भी वे 140 करोड़ देशवासियों की ओर से नमन करते हैं।
भारत का ऐतिहासिक पदक प्रदर्शन
भारत ने आइची-नागोया एशियन पैरा गेम्स 2026 में 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक जीते — कुल 114 पदक। साथ ही दल ने 5 नए विश्व रिकॉर्ड और 9 एशियाई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा। 56 महिला खिलाड़ियों में से 34 बेटियाँ पदक विजेता बनीं — यह महिला भागीदारी की दृष्टि से भी उल्लेखनीय उपलब्धि है।
गौरतलब है कि प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारतीय खिलाड़ियों ने अकेले 9 स्वर्ण पदक जीते। कम से कम 4 खेल स्पर्धाओं में पोडियम के तीनों स्थान भारतीय एथलीट्स के नाम रहे।
14 से 114: एक ऐतिहासिक सफर
पीएम मोदी ने 2010 के पैरा एशियाई खेलों से तुलना करते हुए इस बदलाव को रेखांकित किया। उन्होंने याद दिलाया कि 2010 में भारत ने महज 1 स्वर्ण, 4 रजत और 9 कांस्य समेत कुल 14 पदक जीते थे। उन्होंने कहा, '14 से 114 पदकों तक का यह सफर आपकी कड़ी मेहनत, आपके अटूट समर्पण और आपकी सफलता को सहारा देने के लिए तैयार किए गए मजबूत इकोसिस्टम का सीधा परिणाम है।'
इस बीच 2023 में भारत ने 111 पदक जीते थे, और इस वर्ष उससे भी आगे बढ़कर 114 पदक का नया रिकॉर्ड बना दिया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत पैरा-खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर और कोचिंग इकोसिस्टम में बड़े निवेश की राह पर है।
खेलों में भारत की बदलती भूमिका
मोदी ने कहा कि एक दौर था जब बड़े खेल आयोजनों में भारत की भागीदारी 'औपचारिकता' मानी जाती थी — विशेषकर पैरा गेम्स में। आज वही भारत पदक तालिका में शीर्ष पाँच देशों में शामिल है। उन्होंने पैरा-एथलीट्स को प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा, 'सबसे ऊंची उड़ान हौसलों से होती है।' यह टिप्पणी उन लाखों युवाओं के लिए संदेश है जो विकलांगता को बाधा मानकर खेलों से दूर रहते हैं।
आगे की राह
भारत की पैरा-खेल यात्रा अब 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक्स की ओर देख रही है, जहाँ इस प्रदर्शन को आधार बनाकर और बड़े लक्ष्य तय किए जाएँगे। एथलीट्स के साथ इस संवाद से स्पष्ट है कि सरकार पैरा-खेल इकोसिस्टम को नीतिगत प्राथमिकता में रखना जारी रखना चाहती है।