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दीपावली पर श्वेता त्रिपाठी की बचपन की यादें: सफाई से दीपक जलाने तक की परंपरा

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दीपावली पर श्वेता त्रिपाठी की बचपन की यादें: सफाई से दीपक जलाने तक की परंपरा

सारांश

अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी के लिए दीपावली सिर्फ रोशनी का त्योहार नहीं — यह माँ, पिता और बहन के साथ मिलकर दीपक जलाने और घर साफ करने की उन परंपराओं को जीने का मौका है, जो बचपन से चली आ रही हैं और आज भी उतनी ही अहम हैं।

मुख्य बातें

अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी ने दीपावली पर बचपन की यादें साझा कीं।
दीपावली से पहले घर और कमरे की सफाई करना उनके परिवार की पुरानी परंपरा है।
परिवार के चारों सदस्य — माँ, पिता, बहन और श्वेता — मिलकर पूरे घर में दीपक जलाते थे।
श्वेता का मानना है कि त्योहारों पर छोटे-छोटे पल अपनों के साथ बिताना सबसे ज़रूरी है।
दीपावली पर मिठाइयों के बीच नियमित वर्कआउट से फिटनेस और खानपान का संतुलन बना रहता है।

अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी के लिए दीपावली महज़ रोशनी और पटाखों का पर्व नहीं है — यह बचपन की उन सुनहरी यादों को फिर से जीने का मौका है, जो परिवार के साथ मिलकर बनाई गई थीं। मुंबई में बसी इस अभिनेत्री ने बताया कि घर की सफाई से शुरू होकर छत पर दीपक जलाने तक की परंपरा आज भी उनके जीवन का अटूट हिस्सा है।

बचपन की परंपरा: सफाई का महत्व

श्वेता ने बताया कि दीपावली से पहले घर और अपना कमरा साफ करना उनके परिवार की पुरानी रीत रही है। उन्होंने कहा, 'बचपन में मैं सोचती थी कि आखिर मुझे यह सब क्यों करना पड़ता है, लेकिन अब समझ आता है कि इसका कितना महत्व है।' यह सफाई उनके लिए केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक ताज़गी का प्रतीक भी बन गई है।

उन्होंने आगे कहा, 'जब आप अपने आसपास की चीज़ों को साफ-सुथरा और रोशन रखते हैं, तो उनमें एक अलग चमक आती है। वही रोशनी आपके अंदर भी उतरती है।' यह दृष्टिकोण दीपावली की उस भावना से मेल खाता है, जो बाहरी प्रकाश को भीतरी उजाले का प्रतीक मानती है।

परिवार के साथ दीपक जलाने की रस्म

श्वेता की एक विशेष स्मृति उनके चार सदस्यीय परिवार के साथ जुड़ी है। उन्होंने बताया, 'हम चारों यानी मेरी मां, पिता, बहन और मैं मिलकर पूरे घर में दीपक जलाते थे। उनमें तेल डालकर उन्हें रोशन करते थे।' यह साझा अनुभव उनके लिए दीपावली का सबसे मूल्यवान पल है, जिसे वे आज भी दोहराती हैं।

गौरतलब है कि आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में त्योहारों पर परिवार के साथ समय निकालना कई लोगों के लिए चुनौती बन गया है। ऐसे में श्वेता का यह अनुभव एक ज़रूरी याद दिलाता है।

कलाकारों की व्यस्त ज़िंदगी और अपनों के लिए वक्त

श्वेता ने माना कि कलाकारों के काम का कोई तय शेड्यूल नहीं होता, फिर भी अपनों के लिए छोटे-छोटे पल निकाले जा सकते हैं। उन्होंने कहा, 'इसके लिए बहुत बड़ी तैयारी करने की ज़रूरत नहीं है। साथ बैठकर खाना खाना, बातें करना, हंसना, किसी को कोई तोहफा देना या उसके लिए अपने हाथों से कुछ बनाना भी काफी है।' यह सरल संदेश उन लाखों लोगों के लिए प्रासंगिक है, जो पेशेवर दबाव में त्योहारों को महज़ एक दिन की छुट्टी मान लेते हैं।

फिटनेस और मिठाइयों के बीच संतुलन

दीपावली पर मिठाइयों और पकवानों की भरमार के बीच श्वेता ने फिटनेस को नज़रअंदाज़ न करने की सलाह दी। उनके अनुसार, नियमित व्यायाम करने से त्योहारों के दौरान खानपान और स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाए रखना आसान हो जाता है। यह व्यावहारिक नज़रिया दीपावली के उत्सव को और टिकाऊ बनाता है।

श्वेता त्रिपाठी की ये यादें और विचार इस बात का प्रमाण हैं कि चाहे ज़िंदगी कितनी भी व्यस्त हो जाए, परंपराओं और अपनों के साथ बनाए पलों की चमक कभी फीकी नहीं पड़ती।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि परिवार के साथ साझा की गई छोटी-छोटी रस्मों में है। ऐसे समय में जब सोशल मीडिया पर त्योहार की चमक-दमक हावी रहती है, एक जानी-मानी अभिनेत्री का यह सादगी भरा नज़रिया ध्यान खींचता है। हालाँकि यह एक सेलिब्रिटी इंटरव्यू है, इसकी असल अपील यही है कि यह लाखों भारतीयों के उस साझा अनुभव को आवाज़ देता है, जो शायद महंगे विज्ञापनों में नज़र नहीं आता।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्वेता त्रिपाठी की दीपावली से जुड़ी खास परंपरा क्या है?
श्वेता त्रिपाठी दीपावली से पहले घर और अपना कमरा साफ करती हैं और परिवार के साथ मिलकर पूरे घर में दीपक जलाती हैं। उनके परिवार के चारों सदस्य — माँ, पिता, बहन और वे — मिलकर यह रस्म निभाते हैं।
श्वेता त्रिपाठी के अनुसार त्योहारों पर परिवार के साथ समय कैसे बिताएं?
श्वेता का कहना है कि इसके लिए बड़ी तैयारी की ज़रूरत नहीं है — साथ बैठकर खाना खाना, बातें करना, हंसना या हाथ से बना तोहफा देना भी काफी है। उनके अनुसार छोटे-छोटे पल ही त्योहार को यादगार बनाते हैं।
दीपावली पर सफाई का क्या महत्व है?
श्वेता त्रिपाठी के अनुसार घर की सफाई केवल शारीरिक स्वच्छता नहीं, बल्कि मानसिक सकारात्मकता का प्रतीक है। उनका मानना है कि जब आप अपने आसपास को रोशन और साफ रखते हैं, तो वह रोशनी आपके भीतर भी उतरती है।
दीपावली पर फिटनेस कैसे बनाए रखें?
श्वेता त्रिपाठी के अनुसार दीपावली पर मिठाइयों और पकवानों के बीच नियमित वर्कआउट करना ज़रूरी है। इससे त्योहारों के दौरान खानपान और स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाए रखा जा सकता है।
श्वेता त्रिपाठी कौन हैं?
श्वेता त्रिपाठी एक भारतीय अभिनेत्री हैं, जो हिंदी फिल्मों और वेब सीरीज़ में सक्रिय हैं। वे मुंबई में रहती हैं और अपनी भूमिकाओं की विविधता के लिए जानी जाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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