5 नवंबर 2026
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यूपी के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा: शिक्षकों के लिए 4 गाइड वीडियो 'निपुण भारत UP' चैनल पर जारी

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यूपी के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा: शिक्षकों के लिए 4 गाइड वीडियो 'निपुण भारत UP' चैनल पर जारी

सारांश

यूपी सरकार ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को स्मार्ट क्लास, ICT लैब, डिजिटल पुस्तकालय और IFP पैनल के उपयोग की जानकारी देने के लिए 4 गाइड वीडियो 'निपुण भारत UP' यूट्यूब चैनल पर जारी किए हैं। विद्या समीक्षा केंद्र से इस पहल की निगरानी होगी।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश के राज्य परियोजना कार्यालय ने 5 नवंबर 2026 को शिक्षकों के लिए 4 गाइड वीडियो यूट्यूब चैनल 'निपुण भारत उत्तर प्रदेश' पर जारी किए।
वीडियो में स्मार्ट क्लास , आईसीटी लैब , डिजिटल पुस्तकालय और आईएफपी पैनल के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई है।
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी शिक्षकों को ये वीडियो देखने और डिजिटल संसाधनों का दैनिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने जिला एवं खंड स्तर के सभी अधिकारियों को भी निर्देश जारी किए।
इस पहल की समीक्षा विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से की जाएगी।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 5 नवंबर 2026 को राज्य के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण देने के लिए चार गाइड वीडियो विभागीय यूट्यूब चैनल 'निपुण भारत उत्तर प्रदेश' पर जारी किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में समग्र शिक्षा अभियान के तहत उच्च प्राथमिक, कंपोजिट एवं पीएम श्री विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, डिजिटल पुस्तकालय और आईएफपी पैनल जैसी सुविधाएँ पहले से स्थापित की जा चुकी हैं, परंतु इन संसाधनों का दैनिक कक्षा-शिक्षण में उपयोग सुनिश्चित करना इस पहल का केंद्रीय उद्देश्य है।

चार गाइड वीडियो में क्या है

राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा तैयार किए गए इन वीडियो में शिक्षकों को स्मार्ट क्लास के फीचर्स एवं उनके संचालन, आईसीटी लैब के माध्यम से कक्षा-शिक्षण की प्रक्रिया, डिजिटल पुस्तकालय से सीखने के अवसर और आईएफपी (इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल) पैनल के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई है। इन वीडियो को देखकर शिक्षक इन संसाधनों को अपनी रोज़मर्रा की पढ़ाई में तत्काल शामिल कर सकते हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश

अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित शिक्षक इन चारों गाइड वीडियो को अनिवार्य रूप से देखें और उपलब्ध डिजिटल संसाधनों का कक्षा-शिक्षण में दैनिक उपयोग सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने संयुक्त निदेशक, सहायक निदेशक, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, एसआरजी एवं एआरपी को भी इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।

समीक्षा का तंत्र

इस पहल की प्रगति की समीक्षा विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से की जाएगी, जो यह सुनिश्चित करेगा कि जिन विद्यालयों में आईसीटी संसाधन उपलब्ध हैं, वहाँ उनका उपयोग नियमित रूप से हो रहा है या नहीं। गौरतलब है कि विद्या समीक्षा केंद्र पहले से ही शिक्षा की गुणवत्ता की निगरानी का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।

आम जनता और विद्यार्थियों पर असर

यह पहल उन लाखों विद्यार्थियों को सीधे प्रभावित करती है जो उत्तर प्रदेश के सरकारी उच्च प्राथमिक और पीएम श्री विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। डिजिटल संसाधनों के सक्रिय उपयोग से पाठ्यक्रम को अधिक सहभागितापूर्ण और दृश्य-आधारित बनाने की संभावना है, जो विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए लाभकारी हो सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर 'डिजिटल शिक्षा' को शैक्षिक असमानता घटाने के प्रमुख साधन के रूप में देखा जा रहा है।

आगे क्या होगा

अधिकारियों के अनुसार, इन वीडियो को देखने और संसाधनों के उपयोग की नियमित समीक्षा की जाएगी। भविष्य में इस तरह के और प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए जाने की संभावना है ताकि शिक्षकों की डिजिटल दक्षता में निरंतर सुधार हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु शिक्षकों को उनका नियमित उपयोग करने के लिए सक्षम बनाना बिल्कुल अलग चुनौती है — और यूपी सरकार की यह पहल उसी असली अंतराल को पाटने की कोशिश है। गाइड वीडियो और विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से निगरानी का संयोजन एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या ग्रामीण और दूरदराज़ के विद्यालयों में भी इन संसाधनों का दैनिक उपयोग होता है या यह पहल केवल शहरी व अर्ध-शहरी स्कूलों तक सीमित रह जाती है। स्मार्ट क्लास और ICT लैब की स्थापना पर करोड़ों खर्च होने के बावजूद अगर शिक्षक उनका उपयोग नहीं कर पाते, तो निवेश का लाभ विद्यार्थियों तक नहीं पहुँचता — इसीलिए यह प्रशिक्षण पहल देर से आई, पर ज़रूरी है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी में शिक्षकों के लिए जारी 4 गाइड वीडियो कहाँ देखें?
ये चारों गाइड वीडियो यूट्यूब चैनल 'निपुण भारत उत्तर प्रदेश' पर उपलब्ध हैं। इन्हें राज्य परियोजना कार्यालय ने 5 नवंबर 2026 को जारी किया है और सभी संबंधित शिक्षकों को इन्हें देखने के निर्देश दिए गए हैं।
इन वीडियो में किन डिजिटल संसाधनों की जानकारी दी गई है?
इन वीडियो में स्मार्ट क्लास के फीचर्स एवं उपयोग, आईसीटी लैब के ज़रिए कक्षा-शिक्षण, डिजिटल पुस्तकालय से सीखने के अवसर और आईएफपी पैनल के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई है।
इस पहल की निगरानी कैसे होगी?
इस पहल की समीक्षा विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से की जाएगी। राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने जिला विद्यालय निरीक्षक से लेकर खंड शिक्षा अधिकारी तक सभी को निर्देश दिए हैं कि जिन विद्यालयों में आईसीटी संसाधन उपलब्ध हैं, वहाँ उनका दैनिक उपयोग सुनिश्चित कराया जाए।
यह पहल किन विद्यालयों के शिक्षकों के लिए है?
यह पहल समग्र शिक्षा अभियान के तहत उच्च प्राथमिक, कंपोजिट एवं पीएम श्री विद्यालयों के शिक्षकों के लिए है। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, डिजिटल पुस्तकालय और आईएफपी पैनल जैसी सुविधाएँ पहले से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इस डिजिटल शिक्षा पहल का विद्यार्थियों पर क्या असर होगा?
डिजिटल संसाधनों के सक्रिय उपयोग से कक्षा-शिक्षण अधिक सहभागितापूर्ण, दृश्य-आधारित और रोचक बनेगा। इसका सीधा लाभ उन विद्यार्थियों को मिलेगा जो सरकारी उच्च प्राथमिक और पीएम श्री विद्यालयों में अध्ययनरत हैं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में।
राष्ट्र प्रेस
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