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निपुण भारत मिशन: UP के 58 जनपदों के 232 संदर्भदाताओं को 22 जून से FLN व NCERT आधारित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण

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निपुण भारत मिशन: UP के 58 जनपदों के 232 संदर्भदाताओं को 22 जून से FLN व NCERT आधारित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार ने निपुण भारत मिशन को ज़मीनी स्तर तक ले जाने के लिए 58 जनपदों के 232 संदर्भदाताओं को राज्य स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। 22 जून से 10 जुलाई 2026 तक लखनऊ में तीन चरणों में होने वाला यह प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर मॉडल के ज़रिए हजारों शिक्षकों तक पहुँचेगा।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश के 58 जनपदों से 232 शैक्षणिक संदर्भदाताओं को FLN व NCERT आधारित राज्य स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण 22 जून से 10 जुलाई 2026 के बीच SIHFW, लखनऊ में तीन चरणों में आयोजित होगा।
प्रत्येक जनपद से 4 संदर्भदाता — 2 ARP और 2 DIET मेंटर — नामित किए जाएंगे।
चयनित प्रतिभागियों में हिंदी, गणित और अंग्रेजी तीनों विषयों का प्रतिनिधित्व अनिवार्य।
ये संदर्भदाता ब्लॉक स्तर पर मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाते हुए प्राथमिक शिक्षकों व शिक्षामित्रों को प्रशिक्षित करेंगे।
यह पहल शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रस्तावित पाँच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम की तैयारी का हिस्सा है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने निपुण भारत मिशन को विद्यालय स्तर पर अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के 58 जनपदों से चुने गए 232 शैक्षणिक संदर्भदाताओं को आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN) तथा NCERT आधारित पाठ्यपुस्तकों पर केंद्रित राज्य स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण 22 जून से 10 जुलाई 2026 के बीच लखनऊ में तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा।

प्रशिक्षण का स्थान और चरण-वार कार्यक्रम

यह आवासीय प्रशिक्षण राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (SIHFW), सेक्टर-18, इंदिरा नगर, लखनऊ में आयोजित होगा। प्रथम चरण 22 से 26 जून, द्वितीय चरण 29 जून से 3 जुलाई और तृतीय चरण 6 से 10 जुलाई 2026 तक चलेगा। तीनों चरणों में कुल 232 प्रतिभागी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।

प्रतिभागियों का चयन और संरचना

प्रत्येक जनपद से चार संदर्भदाता नामित किए जाएंगे — जिनमें दो ARP (Academic Resource Persons) और दो DIET मेंटर शामिल होंगे। चयनित चार प्रतिभागियों में कम से कम एक-एक प्रतिभागी हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषय से संबंधित होना अनिवार्य है। जिन जनपदों में ARP की संख्या दो से कम होगी, वहाँ अतिरिक्त DIET मेंटरों को नामित किया जाएगा। विषय की गहरी समझ और प्रशिक्षण संचालन की क्षमता रखने वाले ARP एवं DIET मेंटरों को प्राथमिकता दी जाएगी।

मास्टर ट्रेनर मॉडल: ब्लॉक तक पहुँचेगा प्रशिक्षण

राज्य स्तर पर प्रशिक्षित ये संदर्भदाता आगे ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाएंगे। इनके माध्यम से प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षामित्रों तक FLN आधारित शिक्षण पद्धति, NCERT पाठ्यपुस्तकों की अवधारणाएँ और निपुण लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पहुँचाया जाएगा। यह ढाँचा शैक्षणिक सत्र 2026-27 में सभी प्राथमिक शिक्षकों व शिक्षामित्रों के लिए प्रस्तावित पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने की तैयारी का हिस्सा है।

निपुण भारत मिशन और व्यापक रणनीति

गौरतलब है कि निपुण भारत मिशन का मूल उद्देश्य बच्चों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करना है। योगी सरकार द्वारा लगातार शिक्षक प्रशिक्षण, अकादमिक अनुश्रवण, निपुण मूल्यांकन और गतिविधि-आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण उसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है। प्रशिक्षित संदर्भदाताओं के माध्यम से प्रदेशभर में शिक्षण की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी, जिससे बुनियादी शिक्षा को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में इसकी असली कसौटी क्रियान्वयन की गुणवत्ता होगी — न कि केवल प्रशिक्षण की संख्या। पिछले वर्षों में भी इसी तरह के कैस्केड प्रशिक्षण मॉडल अपनाए गए हैं, जहाँ राज्य स्तर से ब्लॉक स्तर तक पहुँचते-पहुँचते सामग्री की गुणवत्ता और प्रभाव दोनों कमज़ोर पड़ जाते हैं। असली सवाल यह है कि क्या इस बार प्रशिक्षण के बाद कक्षा-कक्ष में सीखने के परिणामों की स्वतंत्र निगरानी होगी। बिना सत्यापन-योग्य मूल्यांकन ढाँचे के, यह पहल भी अच्छे इरादों की लंबी सूची में एक और प्रविष्टि बनकर रह सकती है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निपुण भारत मिशन के तहत UP में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक राज्य स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण पहल है, जिसमें 58 जनपदों के 232 शैक्षणिक संदर्भदाताओं को FLN और NCERT आधारित शिक्षण पद्धति पर प्रशिक्षित किया जाएगा। इसका उद्देश्य निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राथमिक विद्यालयों की कक्षाओं तक प्रभावी ढंग से पहुँचाना है।
यह प्रशिक्षण कब और कहाँ होगा?
प्रशिक्षण 22 जून से 10 जुलाई 2026 के बीच SIHFW, सेक्टर-18, इंदिरा नगर, लखनऊ में तीन चरणों में आयोजित होगा। प्रथम चरण 22-26 जून, द्वितीय चरण 29 जून-3 जुलाई और तृतीय चरण 6-10 जुलाई 2026 को होगा।
इस प्रशिक्षण में कौन भाग लेगा और उनका चयन कैसे होगा?
प्रत्येक जनपद से 4 संदर्भदाता — 2 ARP और 2 DIET मेंटर — नामित किए जाएंगे। चयनित प्रतिभागियों में हिंदी, गणित और अंग्रेजी तीनों विषयों का प्रतिनिधित्व अनिवार्य है और विषय की गहरी समझ रखने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी।
राज्य स्तरीय प्रशिक्षण का ब्लॉक और जिला स्तर पर क्या असर होगा?
राज्य स्तर पर प्रशिक्षित संदर्भदाता ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाएंगे और हजारों प्राथमिक शिक्षकों व शिक्षामित्रों को प्रशिक्षित करेंगे। इससे शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रस्तावित पाँच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी बनाया जा सकेगा।
FLN और निपुण भारत मिशन क्या है?
निपुण भारत मिशन केंद्र सरकार की एक राष्ट्रीय पहल है, जिसका लक्ष्य बच्चों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN — Foundational Literacy and Numeracy) को मजबूत करना है। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार इसे शिक्षक प्रशिक्षण, अकादमिक अनुश्रवण और गतिविधि-आधारित शिक्षण के ज़रिए लागू कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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