23 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

निपुण 2.0: यूपी सरकार कक्षा 5 तक बढ़ाएगी बुनियादी शिक्षा मिशन, 20 जून तक होगा अधिगम लक्ष्यों को अंतिम रूप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
निपुण 2.0: यूपी सरकार कक्षा 5 तक बढ़ाएगी बुनियादी शिक्षा मिशन, 20 जून तक होगा अधिगम लक्ष्यों को अंतिम रूप

सारांश

उत्तर प्रदेश में निपुण भारत मिशन अब कक्षा 3 की सीमा लाँघकर कक्षा 5 तक पहुँचने को तैयार है। हिंदी और गणित के प्रारूप लक्ष्य तैयार, अंग्रेजी और ईवीएस की बारी आगे — और 20 जून की समयसीमा तय। यह सिर्फ विस्तार नहीं, बुनियादी शिक्षा को मापने योग्य बनाने की कोशिश है।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश सरकार निपुण भारत मिशन को कक्षा 5 तक विस्तारित करने की योजना पर काम कर रही है।
हिंदी, अंग्रेजी, गणित और ईवीएस के नए अधिगम लक्ष्य 20 जून 2026 तक अंतिम रूप पाएँगे।
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक में कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।
एनसीएफ, परख और एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों के आधार पर दक्षताओं का मानचित्रण पूरा।
अब तक 12 शिक्षकों के साथ वर्चुअल परामर्श; कम से कम 10 शिक्षकों की कार्यशाला आगे प्रस्तावित।
दक्षताएँ तय होने के बाद निपुण संकल्प कार्यशाला के ज़रिए जिला-ब्लॉक स्तर पर क्रियान्वयन होगा।

उत्तर प्रदेश सरकार ने निपुण भारत मिशन के विस्तार की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए निपुण 2.0 की तैयारियाँ तेज कर दी हैं। 7 जून 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, कक्षा 1 से 3 तक आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) को सुदृढ़ करने के बाद अब योगी सरकार इस मिशन की पहुँच कक्षा 5 तक विस्तारित करने की योजना पर काम कर रही है। हिंदी, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) विषयों के लिए नए अधिगम लक्ष्य और दक्षताएँ निर्धारित की जा रही हैं, जिन्हें 20 जून 2026 तक अंतिम रूप देकर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

समीक्षा बैठक में रूपरेखा प्रस्तुत

यह कार्ययोजना हाल ही में अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रस्तुत की गई। बैठक में निपुण भारत मिशन के विस्तार, कक्षा 3 से 5 तक अधिगम लक्ष्यों के निर्धारण, शिक्षक परामर्श प्रक्रिया और क्रियान्वयन रणनीति की प्रगति की समीक्षा की गई। इसी आधार पर मिशन के अगले चरण की रूपरेखा को आगे बढ़ाया जा रहा है।

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के आधार पर दक्षताओं का मानचित्रण

निपुण विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ), परख और एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों के आधार पर दक्षताओं का मानचित्रण पूरा कर लिया गया है। विषयवार और कक्षावार अधिगम अपेक्षाएँ निर्धारित की जा रही हैं ताकि शिक्षण प्रक्रिया को अधिक परिणामोन्मुखी बनाया जा सके। हिंदी और गणित विषयों के लिए प्रारूप अधिगम लक्ष्य तैयार कर लिए गए हैं, जबकि अंग्रेजी और ईवीएस के लक्ष्य आगामी चरण में अंतिम रूप पाएँगे।

शिक्षकों की सहभागिता और परामर्श प्रक्रिया

निपुण 2.0 की रूपरेखा को व्यावहारिक बनाने के लिए शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। अब तक 12 शिक्षकों के साथ वर्चुअल परामर्श आयोजित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, कम से कम 10 शिक्षकों की सहभागिता के साथ परामर्श कार्यशाला आयोजित कर प्रस्तावित दक्षताओं और अधिगम लक्ष्यों का सत्यापन एवं परिष्करण किया जाएगा। व्यापक हितधारक परामर्श प्रक्रिया भी संचालित की जा रही है ताकि अंतिम ढाँचा विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप हो।

निपुण संकल्प कार्यशाला से होगा क्रियान्वयन

कक्षा 3 से 5 के लिए दक्षताओं और अधिगम लक्ष्यों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद निपुण संकल्प कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला के माध्यम से जिला एवं ब्लॉक स्तर के शैक्षणिक नेतृत्व, शिक्षकों और अकादमिक टीमों को नए ढाँचे से जोड़ा जाएगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निपुण भारत मिशन उत्तर प्रदेश में बुनियादी शिक्षा सुधार की धुरी बन चुका है। निपुण 2.0 से कक्षा 3, 4 और 5 के विद्यार्थियों की सीखने की निरंतरता मजबूत होने, विषयगत समझ बेहतर होने और विद्यालयों में अधिगम परिणामों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि कक्षा 3 के बाद सीखने की यह गति बनी रहती है या नहीं — और यही वह खाई है जिसे निपुण 2.0 भरने की कोशिश कर रहा है। दक्षताओं का एनसीएफ और परख से जोड़ा जाना सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि शिक्षक प्रशिक्षण और मूल्यांकन तंत्र इन लक्ष्यों के साथ कदम मिला पाएँगे या नहीं। उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात और संसाधन की कमी को देखते हुए, कागज़ पर तैयार ढाँचे को ज़मीन पर उतारना सबसे बड़ी चुनौती होगी। यदि निपुण संकल्प कार्यशाला केवल औपचारिकता न बनकर वास्तविक क्षमता-निर्माण का मंच बने, तभी यह विस्तार अर्थपूर्ण होगा।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निपुण 2.0 क्या है और यह पहले से कैसे अलग है?
निपुण 2.0 उत्तर प्रदेश में निपुण भारत मिशन का विस्तारित चरण है, जो कक्षा 1-3 की आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान की सीमा को बढ़ाकर कक्षा 5 तक ले जाएगा। इसमें हिंदी, अंग्रेजी, गणित और ईवीएस के लिए नए, मापने योग्य अधिगम लक्ष्य निर्धारित किए जाएँगे।
निपुण 2.0 के अधिगम लक्ष्य कब तक तैयार होंगे?
निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार सभी विषयों के अधिगम लक्ष्य और दक्षताएँ 20 जून 2026 तक अंतिम रूप देकर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की जाएँगी। हिंदी और गणित के प्रारूप लक्ष्य पहले ही तैयार हो चुके हैं।
इस योजना में शिक्षकों की क्या भूमिका होगी?
शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए 12 शिक्षकों के साथ वर्चुअल परामर्श आयोजित किया जा चुका है। आगे कम से कम 10 शिक्षकों की कार्यशाला में प्रस्तावित दक्षताओं का सत्यापन और परिष्करण किया जाएगा।
निपुण 2.0 किन विषयों और कक्षाओं को कवर करेगा?
यह मिशन कक्षा 3, 4 और 5 के विद्यार्थियों के लिए हिंदी, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) विषयों में अधिगम लक्ष्य निर्धारित करेगा। दक्षताओं का मानचित्रण एनसीएफ, परख और एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों के आधार पर किया गया है।
निपुण संकल्प कार्यशाला क्या होगी?
दक्षताओं और अधिगम लक्ष्यों को अंतिम रूप मिलने के बाद निपुण संकल्प कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें जिला और ब्लॉक स्तर के शैक्षणिक नेतृत्व, शिक्षकों और अकादमिक टीमों को नए ढाँचे से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति तैयार करना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 1 साल पहले