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निपुण भारत मिशन: यूपी के 75 जिलों के समन्वयकों को 1-2 जून को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग

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निपुण भारत मिशन: यूपी के 75 जिलों के समन्वयकों को 1-2 जून को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार निपुण भारत मिशन को जमीन पर उतारने के लिए 1-2 जून को SCERT लखनऊ में 75 जिलों के समन्वयकों को विशेष प्रशिक्षण देगी — दो बैचों में, दो दिन, पूरे प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था को परिणाममुखी बनाने का लक्ष्य।

मुख्य बातें

1 और 2 जून 2026 को SCERT, लखनऊ में राज्य स्तरीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होगा।
प्रदेश के सभी 75 जनपदों के जिला समन्वयक (निपुण भारत मिशन एवं प्रशिक्षण) भाग लेंगे।
प्रशिक्षण दो बैचों में — 1 जून को 9 मंडल और 2 जून को शेष 9 मंडल।
फोकस: अकादमिक अनुश्रवण, डेटा-आधारित योजना , FLN सुधार और शिक्षक क्षमता संवर्धन।
सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को समन्वयकों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश।

उत्तर प्रदेश सरकार ने निपुण भारत मिशन और गुणवत्ता शिक्षा अभियान को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 1 और 2 जून 2026 को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT), लखनऊ में राज्य स्तरीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के सभी 75 जनपदों के जिला समन्वयक भाग लेंगे। यह प्रशिक्षण मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुश्रवण और मूल्यांकन व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

प्रशिक्षण का उद्देश्य और दायरा

इस कार्यक्रम में जिला समन्वयक (निपुण भारत मिशन) एवं जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) दोनों को शामिल किया जाएगा। सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिले के समन्वयकों की प्रशिक्षण में अनिवार्य सहभागिता सुनिश्चित करें। प्रशिक्षण में अकादमिक एवं प्रशासनिक अनुश्रवण, डेटा-आधारित योजना निर्माण, प्रभावी समीक्षा प्रक्रियाएँ, शिक्षक सहयोग तंत्र और सीखने के परिणामों (SLOs) में सुधार के लिए आवश्यक प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

दो बैचों में होगा आयोजन

प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहला बैच 1 जून को आयोजित होगा, जिसमें आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, देवीपाटन, गोरखपुर और चित्रकूट मंडल के जिलों के प्रतिभागी शामिल होंगे। दूसरा बैच 2 जून को होगा, जिसमें झाँसी, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, मिर्ज़ापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर और वाराणसी मंडल के जिला समन्वयक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।

निपुण भारत मिशन की पृष्ठभूमि

निपुण भारत मिशन केवल एक शैक्षिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों की आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN) को सुदृढ़ करने का व्यापक राष्ट्रीय अभियान है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में परिषदीय शिक्षा में ऑपरेशन कायाकल्प, स्मार्ट क्लास, डिजिटल मॉनिटरिंग और ई-कंटेंट जैसे अभियानों के माध्यम से व्यापक सुधार किए हैं। यह प्रशिक्षण उन्हीं सुधारों को विद्यालय स्तर तक प्रभावी ढंग से उतारने की कड़ी है।

आम जनता और शिक्षा व्यवस्था पर असर

राज्य सरकार का मानना है कि जिला स्तर पर अकादमिक मॉनिटरिंग और प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत होने पर ही विद्यालयों में सीखने के परिणामों में वास्तविक सुधार दिखाई देगा। जिला समन्वयकों को गतिविधि आधारित शिक्षण, गुणवत्ता मूल्यांकन और शिक्षकों की क्षमता संवर्धन जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे प्रदेश के लाखों परिषदीय विद्यालयों के छात्रों को बेहतर और परिणाममुखी शिक्षा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

आगे की राह

इस प्रशिक्षण के बाद जिला समन्वयकों से अपेक्षा है कि वे जिला स्तर पर बेहतर योजना, प्रभावी अनुश्रवण और शैक्षणिक सहयोग के माध्यम से विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को बढ़ावा देंगे। यह पहल ऐसे समय में आई है जब केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर बुनियादी शिक्षा के परिणामों को लेकर जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि प्रशिक्षण के बाद जमीनी अनुपालन को कैसे मापा जाएगा। उत्तर प्रदेश में परिषदीय शिक्षा में पहले भी कई अभियान — ऑपरेशन कायाकल्प से लेकर स्मार्ट क्लास तक — शुरू हुए, लेकिन सीखने के परिणामों पर उनका सत्यापन-योग्य प्रभाव सीमित रहा। निपुण भारत मिशन की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि जिला समन्वयक प्रशिक्षण को विद्यालय स्तर तक कितनी प्रभावी ढंग से उतार पाते हैं — और इसके लिए स्वतंत्र मूल्यांकन तंत्र की अनुपस्थिति एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निपुण भारत मिशन क्या है और यूपी में इसका क्या महत्व है?
निपुण भारत मिशन केंद्र सरकार का राष्ट्रीय अभियान है जिसका लक्ष्य प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों में आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (FLN) सुनिश्चित करना है। उत्तर प्रदेश में यह मिशन परिषदीय विद्यालयों के लाखों बच्चों की बुनियादी सीखने की क्षमता सुधारने का प्रमुख माध्यम है।
1-2 जून का प्रशिक्षण कार्यक्रम किसके लिए है?
यह प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों के जिला समन्वयक (निपुण भारत मिशन) और जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) के लिए है। SCERT लखनऊ में दो बैचों में आयोजित इस कार्यक्रम में सभी की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
प्रशिक्षण में किन विषयों पर ध्यान दिया जाएगा?
प्रशिक्षण में अकादमिक एवं प्रशासनिक अनुश्रवण, डेटा-आधारित निर्णय निर्माण, FLN लक्ष्य, गुणवत्ता मूल्यांकन, गतिविधि आधारित शिक्षण और शिक्षकों की क्षमता संवर्धन जैसे विषय शामिल हैं। सीखने के परिणामों (SLOs) में सुधार की प्रक्रियाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा।
दो बैचों में कौन-से मंडल शामिल हैं?
1 जून के पहले बैच में आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, देवीपाटन, गोरखपुर और चित्रकूट मंडल शामिल हैं। 2 जून के दूसरे बैच में झाँसी, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, मिर्ज़ापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर और वाराणसी मंडल के समन्वयक प्रशिक्षण लेंगे।
इस प्रशिक्षण से परिषदीय शिक्षा पर क्या असर पड़ेगा?
सरकार का मानना है कि जिला स्तर पर सशक्त अकादमिक मॉनिटरिंग से विद्यालयों में सीखने के परिणामों में वास्तविक सुधार आएगा। प्रशिक्षित समन्वयक बेहतर योजना और शैक्षणिक सहयोग के जरिए प्रदेश के लाखों परिषदीय छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने में मदद करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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