क्या यूपी में निपुण भारत मिशन को जन-आंदोलन बनाने की तैयारी है?
सारांश
Key Takeaways
- निपुण भारत मिशन बच्चों के लिए उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।
- शिक्षा चौपाल का आयोजन हर न्याय पंचायत में किया जाएगा।
- अभिभावकों और शिक्षकों की भागीदारी पर जोर दिया जाएगा।
- अभिभावकों को शिक्षा की जिम्मेदारी का एहसास कराया जाएगा।
- उत्कृष्ट शिक्षकों और विद्यालयों को सम्मानित किया जाएगा।
लखनऊ, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बेसिक शिक्षा विभाग निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों को समय पर प्राप्त करने और शिक्षा को एक जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रहा है।
इस कड़ी में, प्रदेश की सभी न्याय पंचायतों में 24 जनवरी, 2026 को यूपी दिवस के अवसर पर ‘शिक्षा चौपाल’ का आयोजन किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन समितियों (एसएमसी), शिक्षकों और स्थानीय समुदाय को निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों से जोड़कर बच्चों की बुनियादी भाषाई और गणितीय दक्षताओं को मजबूत करना है।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि निपुण भारत मिशन एक शैक्षिक कार्यक्रम के साथ-साथ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। शिक्षा चौपाल के माध्यम से अभिभावकों और समाज की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए हम यह संदेश दे रहे हैं कि बच्चों की शिक्षा केवल स्कूल की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। शिक्षा चौपाल के माध्यम से बालवाटिका के प्रभावी संचालन, बच्चों के नामांकन और नियमित उपस्थिति तथा शिक्षा के दीर्घकालिक महत्व पर विशेष जोर दिया जाएगा।
चौपाल में विद्यालयों को उपलब्ध कराई गई शिक्षण सामग्री, प्रिंट-रिच सामग्री, गणित किट, क्रियाशील पुस्तकालय, खेल सामग्री सहित डिजिटल संसाधनों जैसे स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, दीक्षा, खान अकादमी और टीचर्स ऐप की जानकारी भी साझा की जाएगी। शिक्षा चौपाल के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों, नामांकन और उपस्थिति में उल्लेखनीय सुधार करने वाले विद्यालयों, तथा मेधावी बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
साथ ही, अभिभावकों और एसएमसी सदस्यों के योगदान के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया जाएगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, प्रबुद्धजन और मीडिया प्रतिनिधि भी आमंत्रित किए जाएंगे। शिक्षा चौपाल के आयोजन के लिए प्रत्येक न्याय पंचायत को 10,000 रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। यह राशि टेंट, कुर्सी, साउंड सिस्टम, बैनर, जलपान, स्टेशनरी, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी आदि व्यवस्थाओं पर खर्च की जाएगी।
व्यय का विवरण निर्धारित समयसीमा में प्रबंध पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। जिला और मंडलीय स्तर के अधिकारी कार्यक्रम का सतत अनुश्रवण करेंगे। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी का कहना है कि शिक्षा चौपाल एक प्रभावी मंच है, जहां शिक्षक, अभिभावक और समुदाय एक साथ बैठकर बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को समझते हैं। इससे शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को गति मिलेगी।