अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का सरगना गिरफ्तार, मैट्रिमोनियल साइट्स से करोड़ों की ठगी

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अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का सरगना गिरफ्तार, मैट्रिमोनियल साइट्स से करोड़ों की ठगी

सारांश

गौतमबुद्धनगर साइबर क्राइम पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है, जिसने मैट्रिमोनियल साइट्स पर महिलाओं को ठगा। आरोपी ने करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की और उसे फरीदाबाद से पकड़ा गया।

Key Takeaways

  • अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का सरगना गिरफ्तार हुआ।
  • महिलाओं को मैट्रिमोनियल साइट्स के जरिए ठगा गया।
  • आरोपी ने करोड़ों रुपए की ठगी की।
  • पुलिस ने फर्जी दस्तावेज और विदेशी मुद्रा बरामद की।
  • लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई।

नोएडा, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्धनगर साइबर क्राइम पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए मैट्रिमोनियल साइट्स और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को प्रेमजाल में फंसाकर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सैमुअल ओगुन उर्फ स्टेपनी डेरिक (38 वर्ष), निवासी बेनिन सिटी, नाइजीरिया के रूप में हुई है। उसे हरियाणा के फरीदाबाद से पकड़ा गया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से 5 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 1 वाई-फाई राउटर, 1 डोंगल, 1 सिम कार्ड, नायरा (विदेशी मुद्रा) और कई फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। जांच में पता चला है कि आरोपी लंबे समय से फर्जी पहचान बनाकर साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहा था। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि वह मैट्रिमोनियल साइट्स पर जीवनसाथी की तलाश कर रही महिलाओं को निशाना बनाता था। वह खुद को एक सफल बिजनेसमैन बताकर विदेशी नागरिक होने का झूठा दावा करता और आकर्षक प्रोफाइल फोटो का उपयोग कर भरोसा जीतता था।

इसके बाद वह शादी और भारत में बसने का झांसा देता था। आरोपी का मुख्य तरीका 'विदेश से पार्सल भेजने' का झूठा बहाना बनाना था। वह पीड़ितों को बताता था कि उसने उनके लिए महंगे उपहार भेजे हैं, लेकिन पार्सल एयरपोर्ट पर कस्टम में फंस गया है। इसके बाद वह कस्टम शुल्क या अन्य खर्चों के नाम पर लाखों रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लेता था।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी ने एक पीड़िता से करीब 56 लाख रुपए और दूसरी से 1.26 करोड़ रुपए की ठगी की है। इसके साथ ही वह फर्जी लोन दिलाने के नाम पर भी लोगों को धोखा दे रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश के अलावा तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी मामले दर्ज हैं। वह एक साथ 15-16 महिलाओं से अलग-अलग नामों से संपर्क कर उन्हें ठगने की कोशिश कर रहा था।

पुलिस को आरोपी के पास से अलग-अलग नाम और नागरिकता वाले पासपोर्ट मिले हैं। बताया जा रहा है कि एक पासपोर्ट अमान्य होने के बाद वह दूसरे देश जाकर नई पहचान बनाकर फिर भारत लौट आता था और ठगी को अंजाम देता था। साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे मैट्रिमोनियल साइट्स और सोशल मीडिया पर अज्ञात लोगों से सतर्क रहें। किसी भी तरह के 'विदेश से पार्सल' या 'कस्टम में फंसने' के बहाने पैसे मांगने वाले मामलों में तुरंत सतर्क हो जाएं। किसी अज्ञात व्यक्ति को बिना सत्यापन के पैसे ट्रांसफर न करें। ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

Point of View

NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

यह गिरोह किस तरह से ठगी करता था?
यह गिरोह महिलाओं को मैट्रिमोनियल साइट्स पर आकर्षित कर उन्हें झूठे दावे करके ठगता था।
आरोपी की पहचान क्या है?
आरोपी का नाम सैमुअल ओगुन उर्फ स्टेपनी डेरिक है, जो नाइजीरिया का निवासी है।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज और विदेशी मुद्रा बरामद की।
क्या लोगों को इस तरह के मामलों में सतर्क रहना चाहिए?
हाँ, लोगों को अज्ञात व्यक्तियों से सतर्क रहना चाहिए और पैसे ट्रांसफर करने से पहले सत्यापन करना चाहिए।
अगर कोई ठगी का शिकार हो जाए, तो क्या करना चाहिए?
ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
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