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क्या विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को साइबर स्लेवरी में धकेलने वाला फर्जी एजेंट गिरफ्तार हुआ?

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क्या विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को साइबर स्लेवरी में धकेलने वाला फर्जी एजेंट गिरफ्तार हुआ?

सारांश

नोएडा पुलिस ने एक फर्जी एजेंट गिरफ्तार किया है जो विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को ठगता था। आरोपी ने कई युवाओं को म्यांमार में बैठकर साइबर अपराधियों के हवाले किया। यह कार्रवाई साइबर क्राइम के मामले को लेकर की गई थी। जानिए इस कहानी के बारे में और अधिक जानकारी!

मुख्य बातें

सोशल मीडिया से मिलने वाले नौकरी के ऑफर पर ध्यान दें।
किसी भी एजेंट की वैधता की जांच करें।
संदिग्ध स्थिति में तुरंत कार्रवाई करें।
साइबर अपराध की रिपोर्ट करने के लिए 1930 पर संपर्क करें।
युवाओं को जागरूक करने की आवश्यकता है।

नोएडा, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा पुलिस के साइबर क्राइम थाना ने एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करते हुए, विदेश में नौकरी दिलाने के बहाने भारतीय युवाओं को ठगने और उन्हें विदेशी साइबर अपराधियों के हाथों सौंपने वाले एक फर्जी एजेंट को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 13 जनवरी को मिली सूचना के आधार पर की गई, जिसमें अभियुक्त शुभम पुंडीरजनपद शामली से पकड़ा गया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी अब तक देश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 6 युवाओं को अपने जाल में फंसा चुका था। वह सोशल मीडिया के जरिए संपर्क कर युवाओं को थाईलैंड में नौकरी दिलाने का लालच देता था और उनसे भारी रकम वसूल करता था। इसके बाद पीड़ितों को थाईलैंड भेजकर म्यांमार में बैठे साइबर अपराधियों के हवाले कर दिया जाता था, जहां उन्हें साइबर स्लेवरी जैसी अमानवीय स्थिति में रखकर ऑनलाइन ठगी के लिए मजबूर किया जाता था।

एक पीड़ित, जो नोएडा सेक्टर-73 का निवासी है, ने 12 जनवरी को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित के अनुसार, इंस्टाग्राम पर उसकी पहचान शुभम नामक व्यक्ति से हुई थी, जिसने थाईलैंड में डाटा एंट्री की नौकरी दिलाने के नाम पर 80 हजार रुपए लिए। इसके बाद उसे एयर टिकट के माध्यम से थाईलैंड भेजा गया, जहां से जबरन म्यांमार ले जाकर साइबर अपराधियों के कब्जे में दे दिया गया। वहां पीड़ित से फेसबुक, इंस्टाग्राम और टिंडर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी ग्रीटिंग मैसेज भेजवाकर दुनियाभर के लोगों से ठगी कराई जाती थी।

रेस्क्यू के बाद पीड़ित को भारत लाया गया और उसकी लिखित तहरीर के आधार पर साइबर क्राइम थाने में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी शुभम पुंडीर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अभियुक्त का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ पहले से ही नोएडा और मुंबई में धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट से संबंधित कई मामले दर्ज हैं।

पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियों की तलाश में जुटी हुई है। साइबर क्राइम पुलिस ने आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं, से अपील की है कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से मिलने वाले आकर्षक विदेश नौकरी ऑफरों से सावधान रहें। किसी भी एजेंट या कंपनी की वैधता की जांच किए बिना न तो पैसा दें और न ही अपने दस्तावेज साझा करें। किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हमें भी अपनी जिम्मेदारियों का ध्यान रखना चाहिए और किसी भी संदिग्ध ऑफर पर तुरंत रिपोर्ट करना चाहिए।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या यह मामला केवल एक व्यक्ति का है?
नहीं, यह एक बड़े गिरोह का हिस्सा है और पुलिस अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
इस प्रकार के धोखाधड़ी से कैसे बचा जा सकता है?
सोशल मीडिया पर मिलने वाले नौकरी के ऑफर की वैधता की जांच करें और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले सावधान रहें।
अगर कोई धोखा खा जाए तो क्या करें?
साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।
राष्ट्र प्रेस
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