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क्या शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ठगी की जा रही है? इंदौर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया

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क्या शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ठगी की जा रही है? इंदौर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया

सारांश

इंदौर पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी के गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर लोगों से पैसे ठग रहा था। जानें पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।

मुख्य बातें

इंदौर पुलिस ने साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया।
6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरोह ने लोगों को शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर ठगा।
पुलिस ने 15 एटीएम कार्ड और नकद राशि बरामद की है।
साइबर ठगी के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।

इंदौर, 29 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। इंदौर में साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। एरोड्रम थाना पुलिस ने कमीशन के लालच में साइबर ठगों की सहायता करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 6 आरोपियों को पकड़ा है। यह गिरोह ठगी की रकम को विदेश, विशेषकर चीनी कंपनियों तक पहुंचाने का कार्य कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में पीड़िता सलोनी नांदेकर को शेयर बाजार में बड़े मुनाफे का झांसा देकर अज्ञात साइबर ठगों ने 1 लाख 63 हजार रुपए से अधिक की ठगी की थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

जांच के दौरान सबसे पहले खाताधारक तौफीक रहमानी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में तौफीक ने बताया कि वह कमीशन के बदले अपने और अपने भाई के बैंक खाते किराए पर देता था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हिमांशु वर्मा को गिरफ्तार किया, जिसने पूरे नेटवर्क के संचालन की जिम्मेदारी स्वीकार की। इसके बाद हिमांशु की जानकारी पर उसके साथी फरहान, जितेंद्र रावल और प्रवीण चौहान को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस जांच में यह सामने आया कि आरोपी युवाओं को घर बैठे कमाई और कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों में साइबर ठगी, अवैध ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी निवेश से प्राप्त रकम डलवाई जाती थी। रकम आते ही उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर चीनी कंपनियों को ट्रांसफर कर दिया जाता था, ताकि लेनदेन का पता लगाना कठिन हो सके।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के कुल 15 एटीएम कार्ड भी बरामद किए हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त कर लिया गया। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।

डीसीपी कृष्ण लालचंदानी ने कहा कि साइबर ठगी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और ऐसे गिरोहों पर सख्ती से शिकंजा कसा जाएगा। सभी आरोपी इंदौर के आसपास के ही निवासी हैं। इनके पास से नकद भी बरामद हुआ है। गिरफ्तार किए गए सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन समाज को भी सतर्क रहना होगा। ऐसे गिरोहों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदौर पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
इंदौर पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के पास से क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 एटीएम कार्ड और नकद राशि बरामद की है।
इस गिरोह का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस गिरोह का मुख्य उद्देश्य लोगों को शेयर बाजार में फर्जी निवेश का झांसा देकर ठगना था।
साइबर ठगी से बचने के उपाय क्या हैं?
साइबर ठगी से बचने के लिए हमेशा सतर्क रहें, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपने व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।
राष्ट्र प्रेस
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