मध्य प्रदेश की साइबर पुलिस ने मानव तस्करी रैकेट का खुलासा किया, दो गिरफ्तार

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मध्य प्रदेश की साइबर पुलिस ने मानव तस्करी रैकेट का खुलासा किया, दो गिरफ्तार

सारांश

मध्य प्रदेश साइबर पुलिस ने एक मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग युवाओं को विदेश में नौकरी का झूठा वादा करके फंसाते थे। जानें पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • मध्य प्रदेश साइबर पुलिस ने मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया।
  • दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
  • युवाओं को विदेश में नौकरी का झूठा वादा कर फंसाया गया।
  • साइबर धोखाधड़ी में शामिल होने वाले युवाओं को बंधक बनाया जाता था।
  • जांच में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और उपकरण बरामद हुए हैं।

भोपाल, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश की साइबर पुलिस ने मानव तस्करी के रैकेट के संदर्भ में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह रैकेट युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने का झूठा आश्वासन देकर फंसाता था।

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं से जुड़ते थे और उन्हें नौकरी के लिए साक्षात्कार का निमंत्रण देते थे।

पुलिस के अनुसार, एक आरोपी बिहार से और दूसरा उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया है। दोनों एजेंट के रूप में कार्यरत थे और मध्य प्रदेश के युवाओं को फंसाने में सक्रिय थे। वे फर्जी साक्षात्कार प्रक्रिया के माध्यम से आकर्षक विदेशी नौकरियों का झूठा वादा करते थे।

भोपाल के साइबर अपराध अधीक्षक प्रणय नागवंशी ने बताया कि युवाओं को विदेशों में आकर्षक नौकरियों का वादा करने वाले विज्ञापनों के जरिए ठगा गया। आरोपी इन युवाओं को थाईलैंड और उसके बाद म्यांमार ले जाते थे। वहां, इन युवाओं को विदेशी मुद्रा के बदले साइबर ठगों को बेच देते थे। पीड़ितों को जबरन बंधक बनाकर धोखाधड़ी के कार्यों में शामिल किया जाता था।

अधिकारी ने कहा कि इन दो एजेंटों की गिरफ्तारी के साथ, राज्य साइबर पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है जो युवाओं को विदेशों में नौकरियों के लालच में फंसाता था और उन्हें साइबर धोखाधड़ी के लिए विभिन्न स्थानों पर ले जाता था।

नागवंशी ने जानकारी दी कि ये गिरफ्तारियां भोपाल के एक युवक से जुड़े मामले की जांच के दौरान हुईं, जिसे डेटा एंट्री की नौकरी का लालच देकर लगभग तीन महीने पहले थाईलैंड भेजा गया था। थाईलैंड से उसे सीमा पार म्यांमार ले जाया गया, जहां उसे साइबर धोखाधड़ी में शामिल एक गिरोह को बेच दिया गया। वहां उसके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया गया और धोखाधड़ी गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया। बाद में म्यांमार की सेना ने उसे छुड़ाया।

नागवंशी ने कहा कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार व्यक्तियों ने खुलासा किया कि म्यांमार, लाओस और कंबोडिया की सीमाओं पर बड़े पैमाने पर साइबर घोटाले के अड्डे चल रहे हैं, जहां भारत सहित विभिन्न देशों के युवाओं को बंधक बनाकर जबरन काम कराया जा रहा है।

अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि उनके पास से मोबाइल फोन, टैबलेट और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं और आगे की जांच जारी है।

Point of View

जहां मानव तस्करी और साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वृद्धि हुई है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम युवाओं को ऐसे जालसाजों से बचाने के लिए जागरूक करें।
NationPress
22/03/2026

Frequently Asked Questions

मनुष्य तस्करी रैकेट क्या है?
यह एक अवैध गतिविधि है जिसमें लोगों को धोखे से रोजगार का वादा करके बंधक बनाया जाता है।
मध्य प्रदेश साइबर पुलिस ने किस प्रकार की कार्रवाई की?
साइबर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जो युवाओं को विदेश में नौकरी का झूठा वादा कर रहे थे।
क्या पुलिस ने कोई सबूत बरामद किया?
हां, पुलिस ने मोबाइल फोन, टैबलेट और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।
यह रैकेट कहाँ सक्रिय था?
यह रैकेट मुख्य रूप से थाईलैंड और म्यांमार में सक्रिय था।
क्या ऐसे रैकेट से बचने का कोई तरीका है?
युवाओं को चाहिए कि वे किसी भी नौकरी के प्रस्ताव को सावधानी से जांचें और सुरक्षित स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें।
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