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क्या मध्य प्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ मुहिम में 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया?

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क्या मध्य प्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ मुहिम में 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया?

सारांश

मध्य प्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाकर 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मुहिम लोगों को धोखाधड़ी से बचाने में सफल रही है। जानिए इस अभियान के बारे में और कैसे पुलिस ने अपराधियों का पर्दाफाश किया।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश पुलिस ने 20 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
फर्जी ट्रेडिंग एप के माध्यम से धोखाधड़ी की जा रही थी।
पुलिस ने ठगी गई राशि को पीड़ितों के खाते में वापस कराया।

भोपाल, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में साइबर अपराधियों की बढ़ती गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य की पुलिस ने एक मजबूत मुहिम शुरू की है। इस मुहिम का असर साफ नजर आ रहा है। कई स्थानों पर साइबर अपराध में संलग्न लोग पकड़े गए हैं, और इसके जाल में फंसे कई लोग सुरक्षित भी निकले हैं।

राज्य पुलिस साइबर अपराधों के खिलाफ सतर्कता और तकनीकी दक्षता के साथ कार्रवाई कर रही है। पिछले एक सप्ताह में, प्रदेश के विभिन्न जिलों में फर्जी ट्रेडिंग एप, डिजिटल अरेस्ट, टेलीग्राम आधारित टास्क फ्रॉड और ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में कार्रवाई की गई है।

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, भोपाल के साइबर क्राइम में दर्ज एक प्रकरण में फेलकोन ट्रेडर्स नामक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया गया। जांच के दौरान इंदौर के विजयनगर स्थित स्काई कॉर्पोरेट पार्क में संचालित फर्जी कॉल सेंटर पर कार्रवाई करते हुए 10 युवक और 10 युवतियों सहित कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

आरोपियों द्वारा नकली मोबाइल एप्लिकेशन एवं वेबसाइट के माध्यम से प्रारंभिक मुनाफा दिखाकर निवेशकों का विश्वास अर्जित किया जाता था, और फिर संपर्क तोड़कर ठगी की जाती थी। मौके से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं नकद राशि जप्त की गई।

साइबर सेल ने बुरहानपुर में हाई रिटर्न फॉरेक्स ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी गई 8 लाख 70 हजार की राशि को सुरक्षित रूप से पीड़ित के खाते में वापस कराया। इसी तरह उज्जैन जिले में पुलिस ने वृद्ध दंपती को “डिजिटल अरेस्ट” के जाल से मुक्त कराया।

आरोपियों ने स्वयं को मुंबई पुलिस अधिकारी बताकर गिरफ्तारी का भय दिखाते हुए 3 लाख रुपए की आरटीजीएस कराने का प्रयास किया। बैंक अधिकारियों द्वारा समय पर सूचना दिए जाने पर पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर खाताधारक को समझाइश दी और बड़ी आर्थिक ठगी को रोका।

बैतूल जिले के थाना गंज क्षेत्र में “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर 80 वर्षीय बुजुर्ग से 23 लाख 50 हजार रुपए की बड़ी साइबर ठगी का गंभीर प्रकरण सामने आया। फरियादी को व्हाट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से स्वयं को दिल्ली पुलिस अधिकारी बताकर भयभीत किया गया और मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर खातों की जांच के नाम पर आरटीजीएस के माध्यम से बड़ी राशि ट्रांसफर कराई गई।

प्रकरण में थाना गंज पुलिस द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों एवं डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच प्रारंभ की गई है।

राष्ट्र प्रेस

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें साइबर सुरक्षा के मुद्दों पर ध्यान देना आवश्यक है। पुलिस की यह मुहिम हमें जागरूक करने और सुरक्षित रखने में मदद करेगी।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
मध्य प्रदेश पुलिस ने 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस की यह मुहिम कब शुरू हुई?
यह मुहिम हाल ही में शुरू हुई है, जिसका असर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
पुलिस ने किस प्रकार के साइबर धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई की?
पुलिस ने फर्जी ट्रेडिंग एप, डिजिटल अरेस्ट, टेलीग्राम आधारित टास्क फ्रॉड और ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में कार्रवाई की है।
राष्ट्र प्रेस
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