फर्रुखाबाद पुलिस का गैंगस्टर जुबैर खान के खिलाफ बड़ा कदम, 26 करोड़ की संपत्ति कुर्क
सारांश
Key Takeaways
- 26 करोड़ 51 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है।
- गैंगस्टर जुबैर खान के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत कार्रवाई हुई।
- कुर्क की गई संपत्तियों में आवासीय भवन और व्यापारिक गोदाम शामिल हैं।
- जुबैर खान धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों में संलिप्त रहा है।
- प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
फर्रुखाबाद, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। फर्रुखाबाद पुलिस ने गैंगस्टर के खिलाफ एक निर्णायक कार्रवाई की है। गैंगस्टर जुबैर खान के खिलाफ इस अभियान के तहत पुलिस ने 26 करोड़ 51 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति को कुर्क किया है। यह कार्रवाई अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के अंतर्गत की गई है।
सूत्रों के अनुसार, इज्जत गढ़ी के निवासी जुबैर खान एक संगठित गिरोह का संचालन कर रहा था। जांच के दौरान यह पता चला कि जुबैर ने धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज बनाने और फर्जी जीएसटी नंबरों के माध्यम से करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार किया था।
अपनी काली कमाई को सफेद करने के लिए, उसने अपनी मां रुखसाना के नाम पर कई बेनामी संपत्तियां खरीदी थीं। इन संपत्तियों के लिए कोई वैध आय स्रोत नहीं मिला। प्रशासन द्वारा इन संपत्तियों की कुल कीमत 26 करोड़ 51 लाख 69 हजार 623 रुपये आंकी गई है। इनमें गांव गढ़ी नूर खां में जुबैर का विशाल आवासीय भवन, मऊरशीदाबाद में करोड़ों रुपये का व्यापारिक गोदाम और लखनपुर में कृषि योग्य जमीन शामिल हैं।
इसके साथ ही, बैंक खातों में जमा नकदी और एक विलासितापूर्ण वाहन भी कुर्क किया गया है, जिसकी कीमत लगभग 70 हजार रुपये बताई गई है।
सोमवार को तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर और प्रभारी निरीक्षक मदन मोहन चतुर्वेदी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल गढ़ी नूर खां पहुंचा। पुलिस ने ढोल-नगाड़े बजवाकर सार्वजनिक रूप से मुनादी की और मोहल्ले वासियों को संपत्ति कुर्क होने की सूचना दी।
प्रशासन ने मकान और गोदामों को सील कर सरकारी बोर्ड चस्पा कर दिए हैं। साथ ही दीवार पर संबंधित मुकदमा नंबर और कुर्की के आदेश भी पेंट करवा दिए हैं। तहसीलदार कायमगंज विक्रम सिंह चाहर को इन संपत्तियों का प्रशासक नियुक्त किया गया है। तहसीलदार ने जुबैर की मां रुखसाना को कार्रवाई की जानकारी दी और उनकी मौजूदगी में मकान को ताला लगाकर सील किया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपराध के जरिए अर्जित किसी भी संपत्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत की गई है और भविष्य में ऐसे भू-माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
गैंगस्टर जुबैर खान को एक शातिर अपराधी माना जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जुबैर की मां रुखसाना का भाई खालिद उर्फ रज्जू खान जनपद की फतेहगढ़ कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर विभिन्न थानों में लगभग दो दर्जन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
इसके अतिरिक्त, आरोप है कि गैंग लीडर जुबैर खान अपने गैंग के सदस्यों के साथ आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए दस्तावेजों की कूट रचना, फर्जी जीएसटी नंबर जनरेट करने और ई-वे बिल तैयार करने में संलिप्त रहा है। इन मामलों के संबंध में पहले भी जानकारी सामने आ चुकी है।