क्या विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को साइबर स्लेवरी में धकेलने वाला फर्जी एजेंट गिरफ्तार हुआ?
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा पुलिस के साइबर क्राइम थाने ने एक सराहनीय उपलब्धि हासिल की है, जब उन्होंने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर भारतीय युवाओं को ठगने वाले एक फर्जी एजेंट को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई 13 जनवरी को मिली सूचना पर की गई, जिसमें अभियुक्त शुभम पुंडीर को जनपद शामली से पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अब तक देश के विभिन्न राज्यों के लगभग 6 युवाओं को अपने जाल में फंसा चुका था। वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को थाईलैंड में नौकरी का झांसा देकर मोटी रकम वसूलता था। इसके बाद पीड़ितों को थाईलैंड भेजकर वहाँ से म्यांमार में बैठे साइबर अपराधियों के हवाले कर दिया जाता था, जहाँ उन्हें साइबर स्लेवरी जैसी अमानवीय स्थिति में रखकर ऑनलाइन ठगी के लिए मजबूर किया जाता था।
पीड़ित, जो नोएडा सेक्टर-73 का निवासी है, ने 12 जनवरी को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसके अनुसार, इंस्टाग्राम पर उसकी पहचान शुभम नामक व्यक्ति से हुई, जिसने थाईलैंड में डाटा एंट्री की नौकरी दिलाने के नाम पर 80 हजार रुपए लिए। इसके बाद उसे एयर टिकट के जरिए थाईलैंड भेजा गया, जहाँ से उसे जबरन म्यांमार ले जाकर साइबर अपराधियों के कब्जे में दे दिया गया। वहाँ पीड़ित से फेसबुक, इंस्टाग्राम और टिंडर जैसे प्लेटफॉर्म पर फर्जी ग्रीटिंग मैसेज भेजवाकर दुनियाभर से ठगी कराई जाती थी।
रेस्क्यू के बाद पीड़ित को भारत लाया गया और उसकी लिखित तहरीर के आधार पर साइबर क्राइम थाने में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी शुभम पुंडीर, पुत्र अरविंद सिंह, निवासी ग्राम भगवान जलालपुर, थाना बाबरी, जिला शामली को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अभियुक्त का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ पहले से ही नोएडा और मुंबई में धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट से संबंधित कई मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियों की तलाश में जुटी हुई है। साइबर क्राइम पुलिस ने आम नागरिकों, खासकर युवाओं, से अपील की है कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से मिलने वाले आकर्षक विदेश नौकरी ऑफरों से सावधान रहें। किसी भी एजेंट या कंपनी की वैधता की जांच किए बिना न तो पैसा दें और न ही अपने दस्तावेज साझा करें। किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।