बिहार: मुजफ्फरपुर में साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़
- दो ठगों की गिरफ्तारी
- ऑपरेशन साइबर प्रहार की सफलता
- फर्जी दस्तावेजों की बरामदगी
- बिहार में साइबर अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति
मुजफ्फरपुर, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की पुलिस ने साइबर अपराधियों के ख़िलाफ़ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन साइबर प्रहार' के अंतर्गत रविवार को एक बड़े साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में दो ठगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस का कहना है कि ये अपराधी निवेश और ऑनलाइन गेमिंग धोखाधड़ी के माध्यम से देशभर के निर्दोष लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे।
एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि रामपुरहरि थाना क्षेत्र के सलेमापुर और गोरिगामा टोला में कुछ लोग डिजिटल धोखाधड़ी कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
बताया गया कि इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठिकानों पर छापेमारी की और अर्जुन कुमार तथा रणधीर कुमार नामक दो युवकों को रंगे हाथ पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से इस अवैध व्यवसाय में शामिल थे।
साइबर डीएसपी ने कहा कि यह गिरोह मुख्य रूप से ऊंचे रिटर्न का लालच देकर निवेश कराने और फर्जी गेमिंग ऐप्स के जरिए लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाता था। ये लोग बिहार में बैठकर विभिन्न राज्यों के लोगों को भी अपना निशाना बना रहे थे। बताया गया है कि अब तक एक दर्जन से अधिक राज्यों के लोगों को इस गिरोह ने ठगा है।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान इन अपराधियों के पास से तकनीकी उपकरणों और बैंकिंग दस्तावेजों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। इनके पास से नौ स्मार्टफोन (विभिन्न सक्रिय सिम कार्ड्स के साथ), 14 अलग-अलग बैंकों के डेबिट कार्ड, एक पासबुक, 11 चेकबुक (जिनमें से तीन पर पहले ही हस्ताक्षर किए गए थे), एक लैपटॉप, पैन कार्ड, आधार कार्ड और पांच फर्जी मुहरें बरामद की गई हैं। संभावना जताई जा रही है कि इनका उपयोग कागजात तैयार करने में किया जाता था।