प्रद्युत बोरदोलोई का भाजपा में शामिल होना: कोई जल्दबाजी नहीं, असंतोष का नतीजा

Click to start listening
प्रद्युत बोरदोलोई का भाजपा में शामिल होना: कोई जल्दबाजी नहीं, असंतोष का नतीजा

सारांश

असम के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने अपने भाजपा में शामिल होने के निर्णय को कांग्रेस में असंतोष का परिणाम बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया गया था।

Key Takeaways

  • प्रद्युत बोरदोलोई का भाजपा में शामिल होना कांग्रेस में असंतोष का संकेत है।
  • यह निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया गया था।
  • पार्टी नेतृत्व की जवाबदेही की कमी ने इस फैसले को प्रभावित किया।

नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। असम के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने का उनका निर्णय किसी जल्दबाजी का नतीजा नहीं है, बल्कि यह पार्टी के भीतर लंबे समय से जारी असंतोष का परिणाम है।

राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए बोरदोलोई ने कहा कि कई घटनाओं और पार्टी नेतृत्व से बढ़ती दूरी ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा, “यह एक लंबी कहानी है। ऐसा नहीं है कि मैंने अचानक कोई जल्दबाजी में फैसला लिया हो। कई घटनाएं हुईं और मुझे ऐसा महसूस हुआ कि पार्टी में अपनापन या भाईचारा नहीं रहा। पार्टी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही थी। मैं कुछ मुद्दों पर चर्चा करना चाहता था, लेकिन पीसीसी नेतृत्व ने भी मुझे नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। मैंने देखा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच भरोसे की कमी है। ऐसे घुटन भरे माहौल में, मुझे लगा कि मैं कोई सार्थक भूमिका नहीं निभा सकता।”

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी नेतृत्व की जवाबदेही की कमी ने उनकी राजनीतिक निष्ठा बदलने के निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अपने बेटे, प्रतीक बोरदोलोई के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने उसे उनके पुराने विधानसभा क्षेत्र, मार्घेरिटा से टिकट दिया था, जो असम में उनका गृह नगर है। लेकिन, उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है क्योंकि उनकी उससे कोई बात नहीं हुई है।

इस बीच, भाजपा ने प्रद्युत बोरदोलोई को दिसपुर विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है, जो असम विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव है।

इस सबके बीच, प्रतीक बोरदोलोई ने गुरुवार को मार्घेरिटा विधानसभा क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। उन्होंने अपने पिता के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के फैसले का हवाला देते हुए मौजूदा परिस्थितियों का उल्लेख किया।

प्रतीक बोरदोलोई ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे एक पत्र में पूरी इज्जत और पार्टी के प्रति जिम्मेदारी की भावना के साथ अपने फैसले से अवगत कराया।

Point of View

यह कदम महत्वपूर्ण है।
NationPress
21/03/2026

Frequently Asked Questions

प्रद्युत बोरदोलोई ने भाजपा में शामिल होने का निर्णय क्यों लिया?
प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा कि यह निर्णय कांग्रेस में लंबे समय से जारी असंतोष और पार्टी नेतृत्व से बढ़ती दूरी का परिणाम है।
क्या प्रद्युत बोरदोलोई का निर्णय अचानक था?
नहीं, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया गया था।
क्या उनके बेटे ने भी राजनीति में बदलाव किया है?
हाँ, प्रतीक बोरदोलोई ने मार्घेरिटा विधानसभा क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली।
Nation Press