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भाजपा में शामिल होने के बाद प्रद्युत बोरदोलोई ने अमित शाह से की महत्वपूर्ण चर्चा

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भाजपा में शामिल होने के बाद प्रद्युत बोरदोलोई ने अमित शाह से की महत्वपूर्ण चर्चा

सारांश

असम की राजनीति में एक नया मोड़, प्रद्युत बोरदोलोई की भाजपा में शामिल होने के बाद अमित शाह से मुलाकात। जानें, इस बैठक का क्या महत्व है और बोरदोलोई के कांग्रेस छोड़ने का कारण क्या है।

मुख्य बातें

प्रद्युत बोरदोलोई का भाजपा में शामिल होना असम की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव है।
अमित शाह ने बोरदोलोई को विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया।
बोरदोलोई ने कांग्रेस में असंतोष के कारण भाजपा का रुख किया।

नई दिल्ली/गुवाहाटी, १८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। असम की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के तहत हाल ही में भाजपा में शामिल हुए प्रद्युत बोरदोलोई ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नई दिल्ली में मुलाकात की।

इस दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी उनके साथ उपस्थित रहे। इस बैठक को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में भाजपा की स्थिति को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री शाह ने बोरदोलोई को विधानसभा चुनाव में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल रहे। भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद, बोरदोलोई ने लोकसभा सांसद पद से इस्तीफा भी दे दिया।

भाजपा में शामिल होने के बाद, बोरदोलोई ने कहा कि उनका यह निर्णय मुख्यमंत्री सरमा के कार्यों से प्रेरित होकर और कांग्रेस के प्रति असंतोष के कारण लिया गया है।

उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री के कार्य और उनकी कार्यशैली ने मुझे बहुत प्रभावित किया है। उनकी शासन के प्रति प्रतिबद्धता ने मुझे आकर्षित किया।"

पूर्व सांसद ने कांग्रेस में अपने अनुभव को लेकर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें पार्टी में वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे।

उन्होंने कहा, "कांग्रेस में मुझे उचित सम्मान नहीं मिला। वहां रहते हुए मैं मानसिक रूप से परेशान था।"

बोरदोलोई ने यह भी संकेत दिया कि पार्टी के भीतर की समस्याएं और पहचान की कमी लंबे समय से उन्हें परेशान कर रही थीं, जिसके चलते उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का निर्णय लिया।

उन्होंने कहा कि भाजपा में उन्हें ऐसा मंच दिखता है, जहां वे सार्थक तरीके से काम करते हुए असमिया अस्मिता और सम्मान की रक्षा कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, "भाजपा में मैं असमिया लोगों के स्वाभिमान की रक्षा के लिए काम करूंगा।"

उनका यह कदम असम में कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बोरदोलोई का भाजपा में स्वागत करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "आज कांग्रेस में स्वाभिमानी लोगों के लिए कोई जगह नहीं बची है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर चुनावों से पहले।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रद्युत बोरदोलोई ने भाजपा में शामिल होने के बाद क्या किया?
उन्होंने अमित शाह से मुलाकात की और लोकसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया।
बोरदोलोई का भाजपा में शामिल होने का कारण क्या है?
उन्होंने मुख्यमंत्री सरमा के कार्यों से प्रेरित होकर और कांग्रेस से असंतोष के कारण भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया।
राष्ट्र प्रेस
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