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कांग्रेस का बड़ा झटका: सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने भाजपा की सदस्यता ली

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कांग्रेस का बड़ा झटका: सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने भाजपा की सदस्यता ली

सारांश

असम में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका देते हुए, सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उनका स्वागत किया, जिससे पार्टी को और मजबूती मिलेगी।

मुख्य बातें

प्रद्युत बोरदोलोई ने भाजपा में शामिल होकर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उनका स्वागत किया।
बोरदोलोई ने कांग्रेस में अपमानित होने का आरोप लगाया।
उन्होंने भाजपा में शामिल होने से पार्टी की मजबूती की बात की।

नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। असम में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका देते हुए, नगांव के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण की। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उनके पार्टी में शामिल होने का स्वागत किया।

प्रद्युत बोरदोलोई ने दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ली, जिसमें मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की उपस्थिति में असम भाजपा के अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने उन्हें पार्टी में शामिल किया। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने से पार्टी की स्थिति और मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री सरमा ने मीडिया से बातचीत में बताया, "आज, नगांव से मौजूदा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई भाजपा में शामिल हुए हैं। हमारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने उनका स्वागत किया है। प्रद्युत बोरदोलोई पहले भी नगांव लोकसभा से दो बार सांसद रह चुके हैं और तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में एक पूर्व मंत्री भी रहे हैं। उनके भाजपा में शामिल होने से हमारी पार्टी को और मजबूती मिलेगी।"

प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा कि कांग्रेस से इस्तीफा देना उनके लिए मजबूरी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के असम इकाई में उन्हें बार-बार अपमान का सामना करना पड़ा और वहां कार्य करने का अनुकूल वातावरण नहीं था।

उन्होंने कहा, "यह निर्णय मेरे लिए कठिन था, लेकिन इसे टालना संभव नहीं था। मैं मानसिक रूप से थका हुआ और आहत महसूस कर रहा था। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने मुझे अपमानित किया, जिससे मुझे पार्टी में अकेलापन महसूस हुआ।"

इसके साथ ही, बोरदोलोई ने अपने राजनीतिक करियर में कांग्रेस की भूमिका को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने मुझे बहुत कुछ दिया है। आज मैं जो कुछ भी हूं, वह कांग्रेस की बदौलत है।" उन्होंने यह भी कहा कि उनका निर्णय पार्टी की विरासत के प्रति अनादर नहीं, बल्कि मौजूदा हालात के कारण लिया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हालांकि, उनके कांग्रेस छोड़ने के पीछे के कारण भी महत्वपूर्ण हैं।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रद्युत बोरदोलोई ने भाजपा में शामिल होने का क्या कारण बताया?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अपमानित होने और काम करने के अनुकूल माहौल नहीं होने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
मुख्यमंत्री सरमा ने बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि बोरदोलोई का भाजपा में शामिल होना पार्टी को और मजबूत करेगा।
प्रद्युत बोरदोलोई का कांग्रेस में कितना लंबा करियर था?
वे कांग्रेस के साथ 1975 से जुड़े हुए थे और तरुण गोगोई की कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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