निपुण भारत मॉडल देखने गाजियाबाद पहुंचे 5 देशों के 70 प्रतिनिधि, 11 परिषदीय विद्यालयों में किया कक्षा शिक्षण का अवलोकन
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 25 अगस्त 2026 को एक अनूठा अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक अध्ययन दौरा संपन्न हुआ, जब केन्या, ब्राजील, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और सेनेगल के लगभग 70 वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों एवं नागरिक समाज प्रतिनिधियों ने निपुण भारत मिशन के अंतर्गत लागू बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) सुधारों को करीब से समझा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में चल रहे बुनियादी शिक्षा सुधार अब अंतरराष्ट्रीय पीयर-लर्निंग का केंद्र बन चुके हैं।
मुख्य घटनाक्रम
यह अध्ययन दौरा 23 से 27 अगस्त तक चलने वाले सप्ताहभर के लाइटहाउस इंडिया इमर्शन कार्यक्रम का हिस्सा है। प्रतिनिधिमंडल को छोटे-छोटे समूहों में विभाजित कर गाजियाबाद के नगर, राजापुर, लोनी और मुरादनगर ब्लॉकों के 11 परिषदीय विद्यालयों का भ्रमण कराया गया। प्रतिनिधियों ने कक्षा-कक्ष में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, अकादमिक रिसोर्स पर्सन्स (एआरपी) और राज्य संसाधन समूह के अधिकारियों से सीधा संवाद किया।
तकनीकी चर्चा और शिक्षा विभाग से संवाद
विद्यालय भ्रमण के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग के साथ विस्तृत तकनीकी चर्चा आयोजित की गई। इस चर्चा में गाजियाबाद के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और राज्य संसाधन समूह के सदस्य शामिल हुए। विचार-विमर्श में पाठ्यक्रम एवं अध्ययन उद्देश्यों, संरचित शिक्षण-अधिगम सामग्री, शिक्षक मार्गदर्शन एवं मेंटरिंग, आकलन और आंकड़ों के उपयोग तथा सुधारों को बड़े स्तर पर लागू करने में मध्य-स्तरीय प्रशासन की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य और आयोजन
इस इमर्शन कार्यक्रम की मेजबानी सेंट्रल स्क्वेयर फाउंडेशन कर रही है, जो भारत की एंकर लाइटहाउस संस्था है। कार्यक्रम में सेंट्रो लेमन और लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन का सहयोग प्राप्त है, जबकि ग्लोबल स्कूल फोरम, ऑप्टिमा और गेट्स फाउंडेशन द्वारा इसका वित्तपोषण किया जा रहा है। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम उन देशों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो अपनी बुनियादी शिक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में काम कर रहे हैं।
आम जनता और शिक्षा व्यवस्था पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में निपुण भारत मिशन को प्राथमिक कक्षाओं में बुनियादी पढ़ने-लिखने और गणित की क्षमता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रव्यापी स्तर पर लागू किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में एफएलएन सुधारों का यह अंतरराष्ट्रीय अनुमोदन राज्य की शिक्षा नीति को वैश्विक मंच पर स्थापित करता है। विद्यार्थियों और शिक्षकों से प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से विदेशी प्रतिनिधियों ने नीति से कक्षा तक की यात्रा को समझा।
क्या होगा आगे
इस पीयर-लर्निंग इमर्शन के अनुभवों को भाग लेने वाले पाँचों देश अपनी-अपनी शिक्षा प्रणालियों में एफएलएन सुधारों को लागू करने के लिए संदर्भ के रूप में उपयोग कर सकते हैं। कार्यक्रम 27 अगस्त तक जारी रहेगा, जिसके बाद साझा सीख और सिफारिशों का दस्तावेज़ीकरण होने की संभावना है।