टीएलपीएस उत्तर प्रदेश रिपोर्ट-2025 का विमोचन आज, 'नीति से व्यवहार तक' पर राज्य स्तरीय सेमिनार लखनऊ में
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग और लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) के संयुक्त तत्वावधान में 29 जून 2026 को लखनऊ में एक दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार आयोजित किया जा रहा है, जिसमें टीचिंग एंड लर्निंग प्रैक्टिसेज सर्वे (टीएलपीएस) उत्तर प्रदेश राज्य रिपोर्ट-2025 का औपचारिक विमोचन होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार साक्ष्य आधारित नीति निर्माण और कक्षा-कक्षीय शिक्षण में सतत सुधार की दिशा में तेज़ी से कार्य कर रही है।
सेमिनार का मुख्य उद्देश्य और संरचना
कार्यक्रम का केंद्रीय विषय 'नीति से व्यवहार तक संवाद' रखा गया है। इसका उद्देश्य शोध-निष्कर्षों को व्यावहारिक क्रियान्वयन में बदलते हुए शिक्षा सुधारों को सीधे कक्षा-कक्ष तक पहुँचाना है। सेमिनार की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा करेंगे।
इस संवाद में शिक्षा नीति-निर्माता, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शैक्षिक विशेषज्ञ, एसआरजी, एआरपी, बीईओ, शिक्षक तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब राज्य स्तर पर टीएलपीएस के निष्कर्षों को इतने व्यापक बहु-हितधारक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
टीएलपीएस रिपोर्ट-2025 में क्या है
एलएलएफ द्वारा प्रदेश में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) के अंतर्गत किए गए इस राज्यव्यापी अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष, अंतर्दृष्टियाँ और अनुशंसाएँ सेमिनार में प्रस्तुत की जाएंगी। रिपोर्ट में प्रभावी शिक्षण के 10 प्रमुख अभ्यासों पर विशेष संवाद का प्रावधान है।
इसके अतिरिक्त अधिगम अंतर (लर्निंग गैप) को कम करने के लिए कैच-अप रणनीतियों, परख के निष्कर्षों पर आधारित शैक्षणिक सुधारों तथा साक्ष्य आधारित निर्णय प्रणाली पर विस्तृत चर्चा होगी। निपुण उत्तर प्रदेश 2.0 की दिशा में भविष्य की रणनीतियाँ भी इस विमर्श का हिस्सा होंगी।
शिक्षकों के नवाचारी अनुभवों को मिलेगा मंच
सेमिनार में राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक अपने नवाचारी शिक्षण अनुभव साझा करेंगे। एसआरजी, एआरपी, बीईओ तथा अन्य शैक्षणिक नेतृत्वकर्ताओं की कक्षा-कक्ष से उभरती वास्तविक सफलता की कहानियों को भी इस मंच पर स्थान मिलेगा। इन अनुभवों के आधार पर प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को व्यापक स्तर पर लागू करने की रणनीति तैयार की जाएगी।
व्यापक शिक्षा सुधार के संदर्भ में महत्व
यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब प्रदेश में निपुण भारत मिशन, शिक्षक क्षमता संवर्धन, गतिविधि आधारित शिक्षण, डिजिटल संसाधनों के उपयोग और विद्यालयी गुणवत्ता सुधार के लिए समन्वित प्रयास जारी हैं। साक्ष्य आधारित नीति, प्रभावी शिक्षण अभ्यास और जमीनी अनुभवों के समन्वय से तैयार होने वाली रणनीतियाँ उत्तर प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण, परिणामोन्मुख और बाल-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।