UP तकनीकी शिक्षा समीक्षा: मंत्री आशीष पटेल ने इंडस्ट्री लिंकेज, AI पाठ्यक्रम और प्लेसमेंट पोर्टल की प्रगति परखी

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UP तकनीकी शिक्षा समीक्षा: मंत्री आशीष पटेल ने इंडस्ट्री लिंकेज, AI पाठ्यक्रम और प्लेसमेंट पोर्टल की प्रगति परखी

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार तकनीकी शिक्षा को उद्योगों से सीधे जोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है — 8,000 से अधिक छात्र प्लेसमेंट पोर्टल पर, इंफोसिस के साथ AI पाठ्यक्रम और प्रत्येक छात्र के लिए दो इंडस्ट्रियल विजिट अनिवार्य करने का प्रस्ताव। ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में तकनीकी संस्थान केंद्रीय भूमिका निभाएंगे।

मुख्य बातें

प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने लखनऊ में तकनीकी शिक्षा विभाग की व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
विभाग के प्लेसमेंट पोर्टल पर 8,000 से अधिक छात्र ऑनबोर्ड; नौकरी.कॉम के साथ विशेष लैंडिंग पेज विकसित हो रहा है।
प्रत्येक इंजीनियरिंग छात्र के लिए कम से कम दो इंडस्ट्रियल विजिट अनिवार्य करने का प्रस्ताव तैयार।
इंफोसिस सहित अन्य संस्थानों के सहयोग से AI इंटीग्रेशन आधारित नए पाठ्यक्रम विकसित किए जा रहे हैं।
नैक, एनआईआरएफ, एसआईआरएफ रैंकिंग सुधारने के लिए आरएससी और पॉलिटेक्निक संस्थानों को निर्देश जारी।
UP को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में तकनीकी शिक्षा को केंद्रीय भूमिका देने का लक्ष्य।

उत्तर प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने 13 मई 2025 को लखनऊ स्थित विधानसभा कार्यालय में तकनीकी शिक्षा विभाग की प्रमुख योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक में प्लेसमेंट पोर्टल, एआई-आधारित पाठ्यक्रम, इंडस्ट्रियल विजिट और विभिन्न संस्थानों के साथ हुए एमओयू की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। तकनीकी संस्थानों के छात्रों को केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि उद्योग-तैयार और आत्मनिर्भर बनाना इस पूरी पहल का मूल उद्देश्य है।

बैठक का मुख्य एजेंडा

मंत्री आशीष पटेल ने डिलाइट के प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के साथ आयोजित इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में नैक (NAAC), एनआईआरएफ (NIRF) और एसआईआरएफ (SIRF) रैंकिंग की स्थिति, इंडस्ट्री पार्टनरशिप, और एमओयू की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। सभी आरएससी एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों को रैंकिंग सुधारने और शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए तैयारियाँ तेज करने के निर्देश दिए गए।

इंडस्ट्रियल विजिट होगी अनिवार्य

मंत्री ने स्पष्ट किया कि इंजीनियरिंग छात्रों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने निर्देश दिए कि सिविल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को एक्सप्रेसवे, टनल और डैम निर्माण स्थलों का भ्रमण कराया जाए। वहीं मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्रों को ईवी निर्माण इकाइयों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों का व्यावहारिक अनुभव दिया जाए। इसके लिए प्रत्येक छात्र के लिए कम से कम दो इंडस्ट्रियल विजिट अनिवार्य करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

प्लेसमेंट पोर्टल और रोज़गार के अवसर

बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा विकसित प्लेसमेंट पोर्टल पर अब तक 8,000 से अधिक छात्र ऑनबोर्ड किए जा चुके हैं। नौकरी.कॉम के सहयोग से उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष लैंडिंग पेज तैयार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अधिक अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। इसे निजी क्षेत्र और वैश्विक अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

AI और नई तकनीकों का पाठ्यक्रम में समावेश

अधिकारियों ने बताया कि इंफोसिस सहित विभिन्न संस्थानों के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंटीग्रेशन आधारित नए पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को न्यू एज टेक्नोलॉजी और भविष्य की इंडस्ट्री आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाना है। योगी सरकार तकनीकी शिक्षा में आधुनिक तकनीकों के समावेशन पर विशेष फोकस कर रही है।

ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य और युवाओं की भूमिका

मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में तकनीकी संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के विस्तार, एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर और ईवी सेक्टर जैसे तेज़ी से बढ़ते औद्योगिक क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार तकनीकी संस्थानों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को कौशल, तकनीक और रोज़गार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी। 8,000 छात्रों का प्लेसमेंट पोर्टल पर ऑनबोर्ड होना उत्साहजनक है, पर प्रदेश में लाखों तकनीकी छात्रों की तुलना में यह संख्या अभी शुरुआती कदम ही है। इंडस्ट्रियल विजिट को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव तभी सार्थक होगा जब उद्योग भागीदारी सुनिश्चित हो और विजिट केवल औपचारिकता न बनें। AI पाठ्यक्रम और इंफोसिस जैसी कंपनियों से साझेदारी सकारात्मक संकेत है, लेकिन फैकल्टी की गुणवत्ता और बुनियादी ढाँचे में सुधार के बिना पाठ्यक्रम बदलाव का असर सीमित रहेगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UP तकनीकी शिक्षा समीक्षा बैठक में क्या निर्णय लिए गए?
लखनऊ में हुई इस बैठक में प्रत्येक इंजीनियरिंग छात्र के लिए कम से कम दो इंडस्ट्रियल विजिट अनिवार्य करने, AI-आधारित पाठ्यक्रम विकसित करने और प्लेसमेंट पोर्टल को मज़बूत करने पर निर्णय लिया गया। नैक, एनआईआरएफ और एसआईआरएफ रैंकिंग सुधारने के लिए भी संस्थानों को निर्देश जारी किए गए।
UP के तकनीकी शिक्षा प्लेसमेंट पोर्टल पर कितने छात्र हैं?
विभाग द्वारा विकसित प्लेसमेंट पोर्टल पर अब तक 8,000 से अधिक छात्र ऑनबोर्ड किए जा चुके हैं। नौकरी.कॉम के सहयोग से प्रदेश के युवाओं के लिए एक विशेष लैंडिंग पेज भी तैयार किया जा रहा है।
इंजीनियरिंग छात्रों के लिए इंडस्ट्रियल विजिट क्यों अनिवार्य की जा रही है?
मंत्री आशीष पटेल के अनुसार, इंजीनियरिंग छात्रों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जा सकता। एक्सप्रेसवे, ईवी निर्माण इकाइयों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में व्यावहारिक अनुभव से छात्र उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार होंगे।
UP तकनीकी शिक्षा में AI पाठ्यक्रम कैसे लागू होगा?
इंफोसिस सहित विभिन्न संस्थानों के सहयोग से AI इंटीग्रेशन आधारित नए पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भविष्य की इंडस्ट्री आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाना है।
UP को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में तकनीकी शिक्षा की क्या भूमिका है?
मंत्री आशीष पटेल के अनुसार, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर, ईवी सेक्टर और एक्सप्रेसवे जैसे बढ़ते औद्योगिक क्षेत्रों के लिए कुशल तकनीकी जनशक्ति की ज़रूरत है। तकनीकी संस्थानों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना इस लक्ष्य की बुनियाद है।
राष्ट्र प्रेस