क्या उत्तर प्रदेश में एआई सिटी दो हिस्सों में विकसित होगी?
सारांश
Key Takeaways
- उत्तर प्रदेश की एआई सिटी परियोजना लखनऊ में विकसित होगी।
- यह परियोजना कोर जोन और आवासीय क्षेत्रों में विभाजित होगी।
- मुख्यमंत्री योगी की प्रतिबद्धता इस परियोजना को सफल बनाने में महत्वपूर्ण होगी।
- यह परियोजना स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करेगी।
- सतत विकास मॉडल पर एआई सिटी का निर्माण होगा।
लखनऊ, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश तेजी से एक प्रमुख तकनीकी और डिजिटल केंद्र के रूप में उभर रहा है। इसकी अगली महत्वपूर्ण परियोजना लखनऊ में प्रस्तावित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिटी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता को संबोधित करते हुए एआई सिटी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट की थी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति को नई दिशा देने के साथ ही इसे वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण पहचान दिलाने का कार्य करेगी।
एआई सिटी को दो भागों में विकसित किया जाएगा। लगभग 60 प्रतिशत क्षेत्र को कोर जोन के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां एआई नवाचार केंद्र, तकनीकी पार्क और अनुसंधान सुविधाएं होंगी। शेष 40 प्रतिशत क्षेत्र में आवासीय, वाणिज्यिक और सामाजिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। योगी सरकार का उद्देश्य है कि अगले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदला जाए। इसके लिए आईटी-आईटीईएस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्रों को विकास का मुख्य आधार बनाया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने इसी दृष्टिकोण के तहत लखनऊ में एआई सिटी को सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित करने की योजना बनाई है, जिससे निजी निवेश और सरकारी समर्थन का संतुलित ढांचा तैयार किया जा सके। लखनऊ की एआई सिटी को एक कुशल और आत्मनिर्भर तकनीकी हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यहाँ अत्याधुनिक डेटा केंद्र, उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग अवसंरचना, एआई अनुसंधान प्रयोगशालाएं, स्टार्टअप इंक्यूबेशन सेंटर और वैश्विक तकनीकी कंपनियों के लिए आधुनिक कार्यस्थल उपलब्ध कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य भारतीय और वैश्विक एआई कंपनियों को एक ही स्थान पर विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है, ताकि वे तेजी से अपने प्रोजेक्ट्स को विकसित और विस्तारित कर सकें।
यह परियोजना लखनऊ को शीर्ष-20 वैश्विक एआई हब्स में शामिल करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। लखनऊ की शैक्षणिक और तकनीकी क्षमता, जैसे कि आईआईएम लखनऊ और आईआईआईटी लखनऊ, इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जो अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास में योगदान दे रहे हैं।
आईटी विशेषज्ञों का मानना है कि एआई सिटी इन संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर एक मजबूत प्रतिभा पूल तैयार करेगी। एक अधिकारी ने कहा कि एआई सिटी के माध्यम से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन के अवसर उपलब्ध होंगे। आईटी पेशेवरों, डेटा वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप उद्यमियों के लिए यह एक बड़ा मंच बनेगा। इसके अलावा, स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें यहाँ उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर मिलेंगे। एआई सिटी को हरित और सतत विकास मॉडल पर विकसित किया जाएगा।