15 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नीट-यूजी पेपर लीक: दिल्ली कोर्ट ने सीबीआई को अतिरिक्त संदिग्धों की जांच की अनुमति दी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नीट-यूजी पेपर लीक: दिल्ली कोर्ट ने सीबीआई को अतिरिक्त संदिग्धों की जांच की अनुमति दी

सारांश

नीट-यूजी पेपर लीक मामले में दिल्ली की विशेष अदालत ने सीबीआई को अतिरिक्त संदिग्धों की जांच की हरी झंडी दी। 13 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, लेकिन साजिश का जाल और बड़ा हो सकता है — 360 गवाह, 422 दस्तावेज और NTA की सुरक्षा खामियाँ जांच के केंद्र में हैं।

मुख्य बातें

राउज एवेन्यू कोर्ट ने 14 अगस्त को सीबीआई को नीट-यूजी पेपर लीक में अतिरिक्त संदिग्धों की जांच की अनुमति दी।
सीबीआई ने 28 जुलाई को 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी; अदालत ने बुधवार को इस पर संज्ञान लिया।
आरोपी पीवी कुलकर्णी ने कथित तौर पर रसायन विज्ञान के 135 प्रश्न छिपाकर NTA के गोपनीय अनुभाग से बाहर निकाले।
NTA कार्यालय में सीसीटीवी बैकअप केवल 20-25 दिन तक सीमित था; गोपनीय अनुभाग में विशेषज्ञों की तलाशी की कोई व्यवस्था नहीं थी।
सीबीआई ने 360 गवाहों , 422 दस्तावेजों और 43 भौतिक साक्ष्यों का उल्लेख किया है।

नई दिल्ली की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार, 14 अगस्त को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की उस अर्जी को मंजूरी दे दी, जिसमें नीट-यूजी पेपर लीक मामले में जांच का दायरा बढ़ाकर अतिरिक्त संदिग्धों के खिलाफ साक्ष्य संकलन की अनुमति माँगी गई थी। राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर स्थित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के इस आदेश से जांच एजेंसी को उन व्यक्तियों की गतिविधियों की गहराई से पड़ताल करने का अधिकार मिल गया है, जिनकी भूमिका 3 मई को निर्धारित — और बाद में रद्द की गई — नीट-यूजी परीक्षा से पहले सामने आई थी।

मुख्य घटनाक्रम

सीबीआई के वकील ने अदालत को बताया कि एजेंसी द्वारा दाखिल चार्जशीट में यह स्पष्ट किया गया था कि 13 आरोपियों के अलावा कुछ अन्य संदिग्धों के खिलाफ भी जांच जारी है। एजेंसी का कहना है कि मूल 13 आरोपियों के विरुद्ध जांच पूर्ण हो चुकी है, परंतु पेपर लीक की व्यापक साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका अभी जांच के दायरे में है।

गौरतलब है कि इससे दो दिन पहले, बुधवार को अदालत ने 13 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। यह चार्जशीट 28 जुलाई को दाखिल की गई थी।

चार्जशीट में क्या है

सीबीआई का आरोप है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के विषय विशेषज्ञों, बिचौलियों, कोचिंग संचालकों और अन्य लोगों के नेटवर्क के जरिए गोपनीय प्रश्नपत्र 3 मई की परीक्षा से पहले लीक किए गए। चार्जशीट के अनुसार, प्रश्नपत्रों के अनुवाद, पुनः अनुवाद और प्रूफरीडिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे NTA के तीन विषय विशेषज्ञों ने सुरक्षा व्यवस्था की खामियों का फायदा उठाकर गोपनीय प्रश्न दिल्ली स्थित NTA कार्यालय से बाहर निकाले।

सीबीआई के अनुसार, आरोपी पीवी कुलकर्णी ने कथित तौर पर रसायन विज्ञान के सभी 135 प्रश्न और उनके उत्तर विकल्प छोटे-छोटे कागजों पर लिखकर गोपनीय अनुभाग से बाहर निकलते समय छिपाकर ले गए। एजेंसी ने यह भी बताया कि NTA के गोपनीय अनुभाग में प्रवेश या बाहर निकलते समय विशेषज्ञों की तलाशी लेने की कोई व्यवस्था ही नहीं थी।

एक अन्य आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंडारे ने कथित तौर पर NCERT की किताबों की अपनी जानकारी का उपयोग करते हुए होटल लौटने के बाद प्रश्नों को पुनः तैयार किया। वहीं मनीषा संजय हवालदार ने कथित रूप से भौतिक विज्ञान के प्रश्नों का संक्षिप्त विवरण अपने ठिकाने पर लौटने के बाद लिखा।

सुरक्षा व्यवस्था में खामियाँ

सीबीआई ने NTA कार्यालय की सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था में गंभीर खामियाँ उजागर की हैं। एजेंसी के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज का बैकअप केवल 20 से 25 दिनों तक उपलब्ध था और गोपनीय अनुभाग की निगरानी के लिए कोई अलग लाइव-फीड कंट्रोल रूम नहीं था। यह ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

साक्ष्यों का दायरा

सीबीआई ने अपने मामले को पुख्ता करने के लिए 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 भौतिक साक्ष्यों का उल्लेख किया है। अदालत की अनुमति के बाद अब जांच का दायरा और विस्तृत होने की संभावना है।

आगे की राह

अदालत की यह मंजूरी संकेत देती है कि नीट-यूजी पेपर लीक मामले में जांच अभी अपने अंतिम चरण में नहीं पहुँची है। सीबीआई के अतिरिक्त संदिग्धों की भूमिका की पड़ताल से यह स्पष्ट होगा कि साजिश का दायरा कितना बड़ा था और क्या इसमें और अधिक लोग शामिल थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

न महज चूक। असली सवाल यह है कि क्या सीबीआई की जांच केवल व्यक्तिगत आरोपियों तक सीमित रहेगी या NTA की प्रणालीगत खामियों की जवाबदेही भी तय होगी, जिसने इस पूरे षड्यंत्र को संभव बनाया।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-यूजी पेपर लीक मामले में दिल्ली कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
दिल्ली की विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 14 अगस्त को सीबीआई को मौजूदा 13 आरोपियों के अलावा अतिरिक्त संदिग्धों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने और जांच का दायरा बढ़ाने की अनुमति दी। इससे मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना बढ़ गई है।
नीट-यूजी पेपर लीक में सीबीआई ने अब तक क्या किया है?
सीबीआई ने 28 जुलाई को 13 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 360 गवाह, 422 दस्तावेज और 43 भौतिक साक्ष्य शामिल हैं। अदालत ने बुधवार को इस चार्जशीट पर संज्ञान लिया और शुक्रवार को जांच का दायरा बढ़ाने की मंजूरी दी।
आरोपी पीवी कुलकर्णी ने कथित तौर पर क्या किया?
सीबीआई के अनुसार, आरोपी पीवी कुलकर्णी ने कथित तौर पर रसायन विज्ञान के सभी 135 प्रश्न और उत्तर विकल्प छोटे-छोटे कागजों पर लिखकर NTA के गोपनीय अनुभाग से छिपाकर बाहर निकाले। एजेंसी का कहना है कि गोपनीय अनुभाग से बाहर निकलते समय विशेषज्ञों की तलाशी की कोई व्यवस्था नहीं थी।
NTA की सुरक्षा व्यवस्था में क्या खामियाँ सामने आई हैं?
सीबीआई ने खुलासा किया कि NTA कार्यालय में सीसीटीवी फुटेज का बैकअप केवल 20 से 25 दिनों तक उपलब्ध था और गोपनीय अनुभाग के लिए कोई अलग लाइव-फीड कंट्रोल रूम नहीं था। इसके अलावा, विशेषज्ञों के प्रवेश या निकास के समय कोई तलाशी प्रक्रिया नहीं थी।
नीट-यूजी परीक्षा क्यों रद्द की गई थी?
3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द किया गया था। सीबीआई के अनुसार, NTA के विषय विशेषज्ञों, बिचौलियों और कोचिंग संचालकों के नेटवर्क के जरिए परीक्षा से पहले गोपनीय प्रश्नपत्र बाहर निकाले गए थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले