नीट यूजी 2026 पेपर लीक: सीबीआई ने 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, 360 गवाह और 422 दस्तावेज शामिल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 28 जुलाई 2026 को नीट यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में 13 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और साक्ष्य नष्ट करने समेत कई संगीन धाराओं के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
चार्जशीट में क्या है
सीबीआई की चार्जशीट में 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्यों को शामिल किया गया है। इनमें डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट, हस्तलेख विशेषज्ञों की राय और शैक्षणिक विशेषज्ञों के आकलन शामिल हैं। इन रिपोर्टों से यह पुष्टि हुई है कि आरोपियों ने परीक्षा से पूर्व लीक हुए प्रश्नों के प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाई।
मामले का घटनाक्रम
3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की शिकायत केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने 12 मई 2026 को दर्ज कराई। सीबीआई ने उसी दिन प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की और 13 मई 2026 को पहली गिरफ्तारी की।
जांच के लिए एजेंसी ने 72 अधिकारियों और कर्मचारियों की कई टीमें गठित कीं, जिनमें 8 साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल थे। महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में 92 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
आरोपियों की पहचान और भूमिका
गिरफ्तार 13 आरोपियों में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और भौतिकी विषयों के तीन विशेषज्ञ भी शामिल हैं। जांच में कई बिचौलियों की भूमिका सामने आई, जो लीक प्रश्नपत्र हासिल कर उम्मीदवारों तक पहुँचाते थे। कोचिंग संस्थानों से जुड़े दो व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने विशेषज्ञों से लीक सामग्री प्राप्त की थी।
मनी ट्रेल और जब्ती
सीबीआई ने पैसों के लेन-देन की भी विस्तृत जांच की है। मनी ट्रेल की पड़ताल में आरोपियों से जुड़े कई बैंक खाते, बैंक लॉकर और एक डीमैट खाता फ्रीज किया गया है। जांच के दौरान डिजिटल उपकरण, संचार उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री भी जब्त की गई।
आगे की जांच और सीबीआई का रुख
एजेंसी के अनुसार मामले में फॉरेंसिक विश्लेषण और आगे की जांच अभी जारी है। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि नीट जैसी राष्ट्रीय महत्व की परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। गौरतलब है कि यह मामला देश भर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों की आकांक्षाओं और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से सीधे जुड़ा है।