नीट पेपर लीक: राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI की 20,000 पेज की चार्जशीट पर लिया संज्ञान, 13 अगस्त से सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 12 अगस्त 2026 को नीट यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दाखिल 20,000 पेज की चार्जशीट पर औपचारिक संज्ञान लिया। अदालत की स्पेशल कोर्ट 13 अगस्त 2026 से आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू करेगी, जो इस बहुचर्चित परीक्षा घोटाले की न्यायिक कार्यवाही में एक निर्णायक मोड़ है।
मीडिया लीक पर अदालत की कड़ी आपत्ति
सुनवाई के दौरान अदालत ने मीडिया द्वारा चार्जशीट में दर्ज गवाहों के नाम सार्वजनिक किए जाने पर गहरी नाराज़गी जताई। अदालत ने कहा, 'यह मेरे लिए बेहद चौंकाने वाला है कि जो बात अभी तक कोर्ट में नहीं बोली गई, वह चार्जशीट का हिस्सा होते हुए मीडिया में सामने आ गई।' अदालत ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की रिपोर्टिंग न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा के विरुद्ध है और मीडिया की भी इस संदर्भ में जवाबदेही बनती है।
CBI ने भी इस चिंता को दोहराया और अदालत को बताया कि चार्जशीट में उल्लिखित कुछ गवाह नाबालिग हो सकते हैं, जिनके नाम अखबारों में छापे जा रहे हैं — जो उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
आरोपियों की सूची और आरोप
CBI की चार्जशीट में कुल 13 आरोपियों के नाम हैं — यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार।
आरोप-पत्र के अनुसार, तीन विषय विशेषज्ञों ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के कार्यालय से नीट परीक्षा के प्रश्न अलग-अलग तरीकों से बाहर निकाले। CBI के अनुसार, यह इसलिए संभव हो सका क्योंकि गोपनीय अनुभाग से बाहर निकलते समय विशेषज्ञों की कोई तलाशी नहीं ली जाती थी।
NTA की सुरक्षा खामियाँ उजागर
CBI ने चार्जशीट में NTA की गंभीर प्रशासनिक कमियों का विस्तार से ब्यौरा दिया है। जांच एजेंसी के अनुसार, गोपनीय अनुभाग में प्रवेश और निकास के दौरान विशेषज्ञों की जांच या तलाशी की कोई व्यवस्थित प्रक्रिया नहीं थी। इसके अतिरिक्त, NTA के पास समर्पित सीसीटीवी लाइव फीड निगरानी का कोई नियंत्रण कक्ष नहीं था, जिसके कारण गोपनीय हॉल में विशेषज्ञों की गतिविधियाँ किसी की नज़र में नहीं आईं।
आरोप-पत्र के अनुसार, आरोपी पी.वी. कुलकर्णी ने अनुवाद कार्य के लिए उपलब्ध कराई गई सादी कागज़ की शीटों का उपयोग करके रसायन विज्ञान के सभी 135 प्रश्नों और उत्तर विकल्पों को संक्षेप में नोट कर लिया। दो अन्य आरोपियों ने प्रश्न याद करके होटल के कमरों में लौटकर उन्हें लिखा या पाठ्यपुस्तकों में संबंधित अनुच्छेदों को चिह्नित किया।
जीव विज्ञान प्रश्नपत्र लीक का विवरण
CBI के अनुसार, जीव विज्ञान (वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान) का दस्तावेज़ तेजस दभाड़े ने 20 और 21 अप्रैल 2026 को स्नेहांजलि देशमुख और दीया शिंदे के नोट्स की फोटोकॉपी से टाइप किया था। ये नोट्स मनीषा संजय वाघमारे ने धनंजय लोखंडे के ज़रिए सत्यजीत सोलंकी और तेजस दभाड़े को पहुँचाए थे — यह एक सुनियोजित नेटवर्क की ओर इशारा करता है।
आगे की जांच और अगली सुनवाई
CBI ने मामले में आगे की जांच के लिए अदालत में अर्जी दाखिल कर अनुमति मांगी है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस अर्जी पर आरोपियों से जवाब दाखिल करने को कहा है और 13 अगस्त 2026 को इस पर भी सुनवाई निर्धारित की है। गौरतलब है कि नीट पेपर लीक प्रकरण ने पिछले वर्ष देशभर में लाखों परीक्षार्थियों और उनके परिजनों में व्यापक आक्रोश उत्पन्न किया था, और यह मामला परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े करता है।