नीट-यूजी पेपर लीक: CBI की 20,000 पेज की चार्जशीट राऊज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल, अगली सुनवाई 3 अगस्त
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में 29 जुलाई को राऊज एवेन्यू कोर्ट में करीब 20,000 पेज की चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने चार्जशीट को रिकॉर्ड पर ले लिया, लेकिन उससे जुड़े एनेक्स्चर (संलग्न दस्तावेज) प्रस्तुत करने के लिए CBI को अतिरिक्त समय दिया। इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को निर्धारित की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने नोट किया कि चार्जशीट के साथ दस्तावेजों, गवाहों के बयानों और जब्त की गई वस्तुओं की सूची संलग्न की गई है। हालांकि, कोर्ट ने CBI से यह भी पूछा कि चार्जशीट में जिन बयानों और दस्तावेज़ों का हवाला दिया गया है, वे रिकॉर्ड पर कहाँ हैं।
CBI ने अदालत को बताया कि चार्जशीट से जुड़े करीब 20,000 पेज के एनेक्स्चर दस्तावेज़ अभी स्कैन किए जा रहे हैं, इसलिए उन्हें दाखिल करने में कुछ और समय लगेगा। अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए CBI को अतिरिक्त समय प्रदान किया।
अभियोजन पक्ष की तैयारी
मामले को और मज़बूती से पेश करने के लिए CBI ने दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं की नियुक्ति की है। एडवोकेट वी.के. पाठक और एडवोकेट अर्जुन आनंद को राऊज एवेन्यू कोर्ट की स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में नीट पेपर लीक मामले के लिए 'लोक अभियोजक' नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति संकेत देती है कि CBI अभियोजन पक्ष को ठोस कानूनी आधार पर खड़ा करने की तैयारी में है।
मामले का व्यापक संदर्भ
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक प्रकरण देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। गौरतलब है कि यह मामला लाखों मेडिकल उम्मीदवारों की परीक्षा प्रणाली में आस्था से सीधे जुड़ा है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर पहले से ही व्यापक बहस चल रही है। 20,000 पेज की विशालकाय चार्जशीट को इस जांच का एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
अब सभी की नज़र 3 अगस्त को राऊज एवेन्यू कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि तब तक CBI चार्जशीट के सभी एनेक्स्चर दस्तावेज़ भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर देगी, जिसके बाद मामले की सुनवाई में तेज़ी आ सकती है।