नीट यूजी 2026 पेपर लीक: आरोपी धनंजय लोखंडे को 6 दिन की सीबीआई हिरासत, अब तक 7 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली: नीट यूजी 2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को आरोपी धनंजय लोखंडे को 6 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने लोखंडे को गुरुवार को गिरफ्तार किया था और अगले दिन अदालत में पेश कर हिरासत की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इस मामले में अब तक कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मामले की पृष्ठभूमि
3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी के गंभीर आरोप सामने आने के बाद पूरे मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ा। प्रारंभिक जांच में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे, जिसके बाद परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया। अब इसे नए सिरे से आयोजित करने की तैयारी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 12 मई 2026 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की। शिकायत में नीट यूजी 2026 के पेपर लीक से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था।
मुख्य घटनाक्रम
इससे पहले, इस मामले में 5 अन्य आरोपियों को भी गुरुवार को राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था, जहाँ अदालत ने सीबीआई की मांग को मंजूर करते हुए उन्हें 7 दिनों की हिरासत में भेजा था। लोखंडे की गिरफ्तारी के साथ कुल गिरफ्तारियों की संख्या 7 हो गई है।
सीबीआई की विशेष टीमें मामला दर्ज होने के बाद से देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय हैं और मामले से जुड़ी हर संभावित कड़ी की गहन जांच कर रही हैं।
जांच एजेंसी का रुख
सीबीआई के अनुसार, यह मामला एक व्यापक साजिश का हिस्सा हो सकता है जिसमें कई राज्यों के लोग शामिल हो सकते हैं। एजेंसी का कहना है कि कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा। जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि पेपर लीक के पीछे कौन-सा नेटवर्क या सिंडिकेट सक्रिय था।
आम छात्रों पर असर
गौरतलब है कि नीट यूजी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसमें हर साल लाखों छात्र भाग लेते हैं। परीक्षा रद्द होने से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है। पुनः परीक्षा की तिथि अभी घोषित नहीं की गई है, और छात्र संगठनों ने जल्द से जल्द स्पष्टता की मांग की है।
आगे क्या होगा
सीबीआई की जांच में आने वाले दिनों में और खुलासे संभव हैं। लोखंडे की 6 दिन की हिरासत के दौरान एजेंसी उनसे पेपर लीक के स्रोत, वितरण नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों के बारे में पूछताछ करेगी। न्यायालय का अगला सुनवाई सत्र हिरासत अवधि समाप्त होने पर निर्धारित होगा।