नीट यूजी 2026 पेपरलीक: राउज एवेन्यू कोर्ट ने 10 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 29 जून तक बढ़ाई, सीबीआई को पूछताछ की अनुमति
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार, 15 जून 2026 को नीट यूजी 2026 पेपरलीक मामले में 10 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 29 जून तक बढ़ा दी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस कथित परीक्षा घोटाले की जांच कर रही है, जिसने देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों को प्रभावित किया है।
अदालत में पेशी और हिरासत विस्तार
न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने पर सभी 10 आरोपियों को तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, धनंजय लोखंडे, तेजस हर्षद शाह, शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, मनीषा संजय हवलदार और डॉ. मनोज शिरुरे की हिरासत 29 जून 2026 तक बढ़ाने का आदेश दिया।
इसके साथ ही अदालत ने सीबीआई को 17, 18 और 19 जून को जेल के भीतर तीन आरोपियों — शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे और धनंजय लोखंडे — से पूछताछ करने की अनुमति भी दे दी। जांच एजेंसी को प्रत्येक आरोपी से अधिकतम एक घंटे तक पूछताछ करने की छूट दी गई है।
कौन है इस नेटवर्क में और क्या है आरोप
सीबीआई के अनुसार, लातूर के डॉ. मनोज शिरुरे ने परीक्षा से पूर्व कथित मास्टरमाइंड पी.वी. कुलकर्णी से केमिस्ट्री के प्रश्न प्राप्त कर तीन छात्रों — जिनमें एक आरोपी कोचिंग सेंटर मालिक का पुत्र भी था — की मदद करने में अहम भूमिका निभाई। पुणे की अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी में फिजिक्स पढ़ाने वाले तेजस हर्षद कुमार शाह पर आरोप है कि उन्हें सह-आरोपी मनीषा हवलदार से लीक हुए फिजिक्स के प्रश्न प्राप्त हुए थे।
जांच एजेंसी का दावा है कि पुणे की एजुकेशन कंसल्टेंट मनीषा वाघमारे ने उन छात्रों को इकट्ठा किया जिन्होंने 'स्पेशल कोचिंग सेशन' के लिए लाखों रुपये चुकाए थे। इन सत्रों में कथित तौर पर उन्हीं प्रश्नों पर चर्चा की गई और उन्हें लिखवाया गया जो बाद में नीट-यूजी 2026 की परीक्षा में आए। सीबीआई के मुताबिक वाघमारे ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा नियुक्त वरिष्ठ बॉटनी शिक्षक मनीषा गुरुनाथ मंधारे की कोचिंग क्लास में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की सहायता की। मंधारे पर जीव विज्ञान पेपर लीक में मुख्य साजिशकर्ता होने का संदेह है।
सीबीआई ने केमिस्ट्री प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी को इस पेपरलीक नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड बताया है। एजेंसी ने इस मामले में अब तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला नीट-यूजी 2026 की परीक्षा के प्रश्नपत्र के कथित लीक से जुड़ा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर सीबीआई ने 12 मई 2026 को प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की थी। इससे पहले 1 जून को राउज एवेन्यू कोर्ट ने डॉ. मनोज शिरुरे, तेजस हर्षदकुमार शाह और मनीषा संजय हवलदार को 15 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा था।
गौरतलब है कि मई में आयोजित मूल परीक्षा को कुछ प्रश्नों के लीक होने के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
दोबारा परीक्षा की तैयारियाँ
केंद्र सरकार ने 21 जून 2026 को होने वाली नीट-यूजी की पुनः परीक्षा की तैयारियाँ तेज कर दी हैं। कैबिनेट सेक्रेटरी टी.वी. सोमनाथन ने हाल ही में एनटीए के अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की और चेतावनी दी कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को बाधित करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति पर कानून का पूरा सख्त असर होगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम के तहत भारतीय वायुसेना (IAF) के माध्यम से प्रश्नपत्र पहुँचाए जाएंगे और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान स्थानीय प्रशासन की सहायता करेंगे। एनटीए ने अभ्यर्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय और उत्तर पुस्तिकाओं में रफ कार्य के लिए अधिक स्थान देने की भी घोषणा की है।
आगे क्या होगा
सीबीआई 17 से 19 जून के बीच तीन प्रमुख आरोपियों से जेल में पूछताछ करेगी, जिससे नेटवर्क की अन्य कड़ियाँ सामने आने की संभावना है। 29 जून को अदालत में अगली सुनवाई होगी, जहाँ हिरासत की आगे की स्थिति तय होगी। इस बीच 21 जून को होने वाली पुनः परीक्षा की सफलता पर करोड़ों अभ्यर्थियों और उनके परिवारों की निगाहें टिकी हैं।