नीट यूजी 2026 पेपर लीक: मनीषा हवलदार की सीबीआई हिरासत 2 दिन बढ़ी, मनीषा मांढरे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने 30 मई 2026 को नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में दो प्रमुख आरोपियों के भविष्य का फैसला सुनाया। अदालत ने मनीषा हवलदार की केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) हिरासत 2 दिन और बढ़ा दी, जबकि मनीषा मांढरे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सीबीआई की हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद दोनों आरोपियों को शनिवार को अदालत के समक्ष पेश किया गया था।
सीबीआई ने क्यों माँगी अतिरिक्त हिरासत
जाँच एजेंसी ने अदालत को बताया कि मनीषा हवलदार का अन्य आरोपियों और कुछ उम्मीदवारों से आमना-सामना अभी बाकी है। सीबीआई के अनुसार, पेपर लीक साजिश में कितने अभ्यर्थी शामिल थे और कितनों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया — इसकी पूरी जानकारी हासिल करने के लिए हवलदार की अतिरिक्त हिरासत अनिवार्य है। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल हवलदार सहित कुल 3 आरोपी उसकी हिरासत में हैं।
बचाव पक्ष की दलीलें और अदालत का फैसला
मनीषा हवलदार के वकील ने रिमांड विस्तार का पुरजोर विरोध किया। वकील का तर्क था कि उनकी मुवक्किल पहले ही सीबीआई को समस्त जानकारी दे चुकी हैं, इसलिए अतिरिक्त हिरासत का कोई ठोस आधार नहीं बनता। हालाँकि अदालत ने सीबीआई की दलीलों को उचित पाते हुए 2 दिन की अतिरिक्त कस्टडी मंजूर कर ली। दूसरी ओर, मनीषा मांढरे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
मामले की पृष्ठभूमि
नीट यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों ने देशभर में हलचल मचा दी थी। सीबीआई इस घोटाले की जाँच कर रही है और अब तक कई राज्यों से आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गौरतलब है कि यह मामला 2024 के नीट यूजी पेपर लीक विवाद के बाद एक बार फिर देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है।
जाँच का दायरा और नेटवर्क
सीबीआई का मानना है कि यह घोटाला एक बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसमें कई मध्यस्थ और उम्मीदवार शामिल थे। जाँच एजेंसी सह-आरोपियों के साथ-साथ कुछ अभ्यर्थियों से भी आमना-सामना कराने की तैयारी में है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बहु-स्तरीय नेटवर्क को उजागर करने में समय लगता है, लेकिन सीबीआई की सक्रियता संकेत देती है कि जाँच निर्णायक दिशा में बढ़ रही है।
आगे क्या होगा
मनीषा हवलदार की 2 दिन की अतिरिक्त सीबीआई हिरासत पूरी होने के बाद उन्हें फिर से अदालत में पेश किया जाएगा। सीबीआई के अनुसार, आमना-सामना प्रक्रिया पूरी होने के बाद जाँच की अगली कड़ी स्पष्ट होगी। इस मामले में आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।