16 जुलाई 2026
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नीट यूजी 2026 पेपर लीक: मनीषा हवलदार की सीबीआई हिरासत 2 दिन बढ़ी, मनीषा मांढरे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

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नीट यूजी 2026 पेपर लीक: मनीषा हवलदार की सीबीआई हिरासत 2 दिन बढ़ी, मनीषा मांढरे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

सारांश

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई की जाँच तेज हुई — राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनीषा हवलदार की हिरासत 2 दिन बढ़ाई और मनीषा मांढरे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। सीबीआई का कहना है कि संगठित नेटवर्क की पूरी परतें अभी उजागर होनी बाकी हैं।

मुख्य बातें

राउज एवेन्यू कोर्ट ने 30 मई 2026 को नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सुनवाई की।
मनीषा हवलदार की सीबीआई हिरासत 2 दिन और बढ़ाई गई; मनीषा मांढरे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
सीबीआई के अनुसार फिलहाल 3 आरोपी हिरासत में हैं; अन्य आरोपियों और उम्मीदवारों से आमना-सामना बाकी।
बचाव पक्ष ने रिमांड विस्तार का विरोध किया, लेकिन अदालत ने सीबीआई की दलीलें मानीं।
सीबीआई का मानना है कि यह एक बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है जिसमें कई मध्यस्थ और अभ्यर्थी शामिल थे।

नई दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने 30 मई 2026 को नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में दो प्रमुख आरोपियों के भविष्य का फैसला सुनाया। अदालत ने मनीषा हवलदार की केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) हिरासत 2 दिन और बढ़ा दी, जबकि मनीषा मांढरे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सीबीआई की हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद दोनों आरोपियों को शनिवार को अदालत के समक्ष पेश किया गया था।

सीबीआई ने क्यों माँगी अतिरिक्त हिरासत

जाँच एजेंसी ने अदालत को बताया कि मनीषा हवलदार का अन्य आरोपियों और कुछ उम्मीदवारों से आमना-सामना अभी बाकी है। सीबीआई के अनुसार, पेपर लीक साजिश में कितने अभ्यर्थी शामिल थे और कितनों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया — इसकी पूरी जानकारी हासिल करने के लिए हवलदार की अतिरिक्त हिरासत अनिवार्य है। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल हवलदार सहित कुल 3 आरोपी उसकी हिरासत में हैं।

बचाव पक्ष की दलीलें और अदालत का फैसला

मनीषा हवलदार के वकील ने रिमांड विस्तार का पुरजोर विरोध किया। वकील का तर्क था कि उनकी मुवक्किल पहले ही सीबीआई को समस्त जानकारी दे चुकी हैं, इसलिए अतिरिक्त हिरासत का कोई ठोस आधार नहीं बनता। हालाँकि अदालत ने सीबीआई की दलीलों को उचित पाते हुए 2 दिन की अतिरिक्त कस्टडी मंजूर कर ली। दूसरी ओर, मनीषा मांढरे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

मामले की पृष्ठभूमि

नीट यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों ने देशभर में हलचल मचा दी थी। सीबीआई इस घोटाले की जाँच कर रही है और अब तक कई राज्यों से आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गौरतलब है कि यह मामला 2024 के नीट यूजी पेपर लीक विवाद के बाद एक बार फिर देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है।

जाँच का दायरा और नेटवर्क

सीबीआई का मानना है कि यह घोटाला एक बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसमें कई मध्यस्थ और उम्मीदवार शामिल थे। जाँच एजेंसी सह-आरोपियों के साथ-साथ कुछ अभ्यर्थियों से भी आमना-सामना कराने की तैयारी में है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बहु-स्तरीय नेटवर्क को उजागर करने में समय लगता है, लेकिन सीबीआई की सक्रियता संकेत देती है कि जाँच निर्णायक दिशा में बढ़ रही है।

आगे क्या होगा

मनीषा हवलदार की 2 दिन की अतिरिक्त सीबीआई हिरासत पूरी होने के बाद उन्हें फिर से अदालत में पेश किया जाएगा। सीबीआई के अनुसार, आमना-सामना प्रक्रिया पूरी होने के बाद जाँच की अगली कड़ी स्पष्ट होगी। इस मामले में आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि प्रभावित अभ्यर्थियों के भविष्य पर अनिश्चितता बनी हुई है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में मनीषा हवलदार कौन हैं?
मनीषा हवलदार नीट यूजी 2026 पेपर लीक घोटाले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार एक प्रमुख आरोपी हैं। सीबीआई के अनुसार, उनका अन्य आरोपियों और कुछ उम्मीदवारों से आमना-सामना कराया जाना बाकी है, इसलिए उनकी हिरासत 2 दिन और बढ़ाई गई है।
मनीषा मांढरे को न्यायिक हिरासत में क्यों भेजा गया?
राउज एवेन्यू कोर्ट ने 30 मई 2026 को मनीषा मांढरे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। सीबीआई की हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया था।
नीट यूजी 2026 पेपर लीक की जाँच कहाँ तक पहुँची है?
सीबीआई ने अब तक देशभर के कई राज्यों से आरोपियों को गिरफ्तार किया है और फिलहाल 3 आरोपी हिरासत में हैं। एजेंसी का मानना है कि यह एक बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है जिसमें कई मध्यस्थ और उम्मीदवार शामिल थे।
मनीषा हवलदार के वकील ने रिमांड का विरोध क्यों किया?
बचाव पक्ष के वकील का तर्क था कि मनीषा हवलदार पहले ही सीबीआई को सारी जानकारी दे चुकी हैं, इसलिए अतिरिक्त हिरासत का कोई आधार नहीं है। हालाँकि अदालत ने सीबीआई की दलीलें मानते हुए 2 दिन की अतिरिक्त कस्टडी मंजूर की।
नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में आगे क्या होगा?
मनीषा हवलदार की 2 दिन की अतिरिक्त सीबीआई हिरासत पूरी होने के बाद उन्हें फिर से अदालत में पेश किया जाएगा। सीबीआई आमना-सामना प्रक्रिया पूरी करने के बाद जाँच की अगली दिशा तय करेगी और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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