नीट पेपर लीक: कोर्ट ने एनटीए टीचर मनीषा मंधारे को 14 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा

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नीट पेपर लीक: कोर्ट ने एनटीए टीचर मनीषा मंधारे को 14 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा

सारांश

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई की जाँच का शिकंजा कसता जा रहा है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने एनटीए की विशेषज्ञ शिक्षिका मनीषा मंधारे को 14 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा है। देशभर में छह स्थानों पर तलाशी और अहम सबूत ज़ब्त — साजिश का दायरा बड़ा होता दिख रहा है।

मुख्य बातें

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 17 मई 2026 को एनटीए शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे को 14 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा।
मंधारे पर बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों का अनुवाद कर आरोपी शुभम को सौंपने का आरोप है।
केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को मामले का 'मुख्य आरोपी' माना जा रहा है।
सीबीआई ने पिछले 24 घंटों में देशभर के 6 स्थानों पर तलाशी ली; लैपटॉप, दस्तावेज़ और मोबाइल फोन ज़ब्त।
मामला 12 मई 2026 को शिक्षा विभाग की शिकायत पर दर्ज हुआ था; मंधारे की गिरफ्तारी 14 मई को हुई।
बचाव पक्ष ने सूर्यास्त के बाद गिरफ्तारी को अवैध बताया; अदालत ने अलग अर्जी दाखिल करने का निर्देश दिया।

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में 17 मई 2026 को पुणे निवासी एनटीए की विशेषज्ञ शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे को 14 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजने का आदेश दिया। मंधारे पर बायोलॉजी के प्रश्नपत्र लीक करने की साजिश में शामिल होने का आरोप है, जबकि केमिस्ट्री के प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को इस मामले का 'मुख्य आरोपी' माना जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

सीबीआई ने अदालत में बताया कि मनीषा मंधारे बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) और जूलॉजी (प्राणी विज्ञान) के प्रश्नपत्रों का अनुवाद करने में दक्ष थीं। जाँच एजेंसी के अनुसार, मंधारे ने आरोपी शुभम को प्रश्नपत्र सौंपे और वे पीवी कुलकर्णी तथा मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम देने में शामिल थीं।

सीबीआई ने हिरासत की माँग करते हुए अदालत को बताया कि देशभर में एक साथ जाँच जारी है और मंधारे के पास प्रश्नपत्र होने के कारण उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में ले जाना जाँच के लिए ज़रूरी है।

बचाव पक्ष की आपत्ति

अदालत में मंधारे के वकील ने गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए कड़ा विरोध जताया। वकील ने कहा कि मंधारे को सूर्यास्त के बाद गिरफ्तार किया गया और रात 1 बजे दिल्ली लाया गया, जो कानूनी प्रक्रिया के विरुद्ध है। अदालत ने बचाव पक्ष को इस संबंध में अलग से अर्जी दाखिल करने का निर्देश दिया और मंधारे के वकील को प्रतिदिन 15 मिनट मुलाकात की अनुमति दी।

सीबीआई की जाँच का दायरा

मंधारे की गिरफ्तारी 14 मई 2026 को हुई थी। उसके बाद के 24 घंटों में सीबीआई ने देशभर में छह स्थानों पर तलाशी ली और महत्वपूर्ण दस्तावेज़, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट तथा मोबाइल फोन ज़ब्त किए। अधिकारियों के अनुसार, ज़ब्त सामग्री का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है।

मामले की पृष्ठभूमि

सीबीआई ने 12 मई 2026 को शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर नीट-यूजी 2026 के कथित पेपर लीक की जाँच शुरू की थी। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश में चिकित्सा प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि 2024 में भी नीट परीक्षा विवादों के घेरे में रही थी, जिसके बाद से परीक्षा प्रणाली में सुधार की माँग लगातार उठ रही है।

मामले में आगे की सुनवाई और सीबीआई की जाँच के नतीजे यह तय करेंगे कि इस साजिश का दायरा कितना व्यापक था और इसमें और कौन-कौन शामिल थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अब एक और चक्र दोहराया जा रहा है। असली सवाल यह है कि एनटीए की आंतरिक निगरानी प्रणाली इतनी बड़ी साजिश को क्यों नहीं रोक पाई। जब तक परीक्षा संचालन में संरचनात्मक बदलाव नहीं होते और जवाबदेही तय नहीं होती, गिरफ्तारियाँ समस्या का समाधान नहीं, केवल प्रतिक्रिया बनकर रह जाएँगी।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनीषा मंधारे को सीबीआई हिरासत में क्यों भेजा गया?
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में मनीषा मंधारे को 14 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा, क्योंकि सीबीआई को देशभर में जाँच के लिए उन्हें विभिन्न स्थानों पर ले जाना है। एजेंसी का आरोप है कि मंधारे के पास प्रश्नपत्र था और वे साजिश की अहम कड़ी हैं।
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी कौन है?
सीबीआई के अनुसार, केमिस्ट्री के प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को इस मामले का 'मुख्य आरोपी' माना जा रहा है। मनीषा मंधारे और मनीषा वाघमारे उनके साथ साजिश में शामिल बताई जा रही हैं।
मनीषा मंधारे की गिरफ्तारी को अवैध क्यों बताया जा रहा है?
मंधारे के वकील ने अदालत में कहा कि उन्हें सूर्यास्त के बाद गिरफ्तार किया गया और रात 1 बजे दिल्ली लाया गया, जो कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है। अदालत ने इस संबंध में बचाव पक्ष को अलग से अर्जी दाखिल करने का निर्देश दिया है।
नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
सीबीआई ने 12 मई 2026 को शिक्षा विभाग की शिकायत पर मामला दर्ज किया, 14 मई को मनीषा मंधारे को गिरफ्तार किया और पिछले 24 घंटों में देशभर के छह स्थानों पर तलाशी ली। तलाशी में लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट, दस्तावेज़ और मोबाइल फोन ज़ब्त किए गए हैं।
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक में मनीषा मंधारे की क्या भूमिका बताई जा रही है?
सीबीआई के अनुसार, मनीषा मंधारे बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों का अनुवाद करने में विशेषज्ञ थीं और उन्होंने प्रश्नपत्र आरोपी शुभम को सौंपे। वे पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम देने में कथित तौर पर शामिल थीं।
राष्ट्र प्रेस
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