नीट यूजी 2026 पेपर लीक: सीबीआई की पूछताछ में पीवी कुलकर्णी, नीट 2024 से भी जुड़ सकते हैं तार

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नीट यूजी 2026 पेपर लीक: सीबीआई की पूछताछ में पीवी कुलकर्णी, नीट 2024 से भी जुड़ सकते हैं तार

सारांश

नीट यूजी 2026 पेपर लीक में सीबीआई की जांच अब 'लातूर पैटर्न' की गहराइयों तक पहुँच रही है। गिरफ्तार पीवी कुलकर्णी से नीट 2024 से जुड़े तार भी खंगाले जा रहे हैं। ₹25 लाख से ₹25,000 तक की दर पर चलने वाला यह सिंडिकेट शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलताओं में से एक बनता जा रहा है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी पीवी कुलकर्णी से गहन पूछताछ शुरू की है।
सूत्रों के अनुसार कुलकर्णी का संबंध नीट 2024 पेपर लीक से भी हो सकता है; वे लंबे समय तक पेपर सेटिंग प्रक्रिया से जुड़े रहे।
नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे थे; अमीर छात्रों से ₹25 लाख तक , गरीब छात्रों से ₹25,000 तक वसूले गए।
परीक्षा वाले दिन मनीषा वाघमारे के खाते में ₹10 लाख ट्रांसफर हुए — पुणे पुलिस के अनुसार।
सीबीआई की टीम लातूर में डेरा डाले हुए है; आरसीसी इंस्टीट्यूट के शिवराज मोटेगांवकर समेत कई संचालकों से पूछताछ जारी।
जब्त दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंक लेनदेन की फॉरेंसिक जांच जारी है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी पीवी कुलकर्णी से उन सभी परीक्षा पत्रों के बारे में गहन पूछताछ शुरू कर दी है, जिन्हें उन्होंने गिरफ्तारी से पूर्व तैयार किया था। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी को संदेह है कि कुलकर्णी का संबंध नीट 2024 पेपर लीक समेत कई अन्य परीक्षा घोटालों से भी हो सकता है। यह जांच महाराष्ट्र के लातूर से उभरे एक संगठित सिंडिकेट तक फैली हुई है, जो अब 'लातूर पैटर्न' के नाम से चर्चा में है।

मुख्य घटनाक्रम

सीबीआई की एक विशेष टीम फिलहाल लातूर में डेरा डाले हुए है और लगातार पूछताछ का दौर जारी है। एजेंसी ने प्रतिष्ठित आरसीसी इंस्टीट्यूट के संचालक शिवराज मोटेगांवकर से भी पूछताछ की है। इसके अलावा कई छात्रों और उनके अभिभावकों से भी सवाल-जवाब किए गए हैं।

जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे थे। दोनों ने मिलकर पुणे और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में छात्रों तक पहुँच बनाई। सूत्रों के अनुसार, यह रैकेट एक संगठित सिंडिकेट की तरह काम कर रहा था।

कैसे काम करता था यह नेटवर्क

सूत्रों के मुताबिक, पीवी कुलकर्णी के पास छात्रों का विस्तृत डेटा मौजूद था, जिसे उन्होंने मनीषा वाघमारे के साथ साझा किया। यह गैंग कोचिंग संस्थानों के मॉक टेस्ट के नतीजों के आधार पर कमजोर छात्रों की पहचान करता था और फिर उनसे संपर्क किया जाता था। नेटवर्क ने कई जगहों पर सेमिनार भी आयोजित किए, जिनमें इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि के पुराने छात्र एजेंट के तौर पर काम कर रहे थे।

अमीर परिवारों के छात्रों से ₹25 लाख तक वसूले जाते थे, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों का उपयोग केवल माध्यम के रूप में किया जाता था — उनसे कथित तौर पर मात्र ₹25,000 लिए जाते थे। पुणे पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, नीट परीक्षा वाले दिन मनीषा वाघमारे के बैंक खाते में ₹10 लाख ट्रांसफर हुए थे और कई छात्रों ने भी उसके खाते में ₹25,000-₹25,000 जमा किए थे।

लातूर पैटर्न: गौरव से घेरे तक

महाराष्ट्र में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के बड़े केंद्र के रूप में पहचान रखने वाला लातूर अपने उत्कृष्ट परिणामों की वजह से दशकों से 'लातूर पैटर्न' के नाम से प्रसिद्ध रहा है। यहाँ सैकड़ों कोचिंग संस्थान संचालित होते हैं और हर साल बड़ी संख्या में छात्र नीट उत्तीर्ण करते हैं। गौरतलब है कि शुरुआती जांच में लातूर का नाम सामने नहीं आया था — एक अभिभावक की शिकायत के बाद जिला पुलिस ने अपनी जांच की जानकारी सीबीआई को दी, जिसके बाद मामला तेजी से खुलता चला गया।

यह ऐसे समय में आया है जब नीट 2024 पेपर लीक का मामला अभी पूरी तरह सुलझा नहीं है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीवी कुलकर्णी नीट परीक्षा के पेपर सेट करने की प्रक्रिया में लंबे समय तक जुड़े रहे थे, इसीलिए उनसे 2024 के पेपर लीक मामले में भी पूछताछ की जा रही है।

सीबीआई की जांच का दायरा

सीबीआई अब कई कोचिंग संस्थानों और उनके संचालकों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी को संदेह है कि पीवी कुलकर्णी ने अपने पद और पहुँच का उपयोग कर कुछ संस्थानों तक लीक पेपर पहुँचाए। फिलहाल जब्त दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंक लेनदेन की फॉरेंसिक जांच जारी है।

आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है, क्योंकि जांच एजेंसी इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने के प्रयास में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अब संगठित परीक्षा धोखाधड़ी के केंद्र के रूप में जांच के घेरे में है — यह विडंबना मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर नजरअंदाज हो जाती है। जब तक पेपर सेटर्स की स्वतंत्र और नियमित जांच, डिजिटल ट्रेल की अनिवार्य ऑडिटिंग और सीटी बजाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, ऐसे सिंडिकेट बार-बार उभरते रहेंगे।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में पीवी कुलकर्णी कौन हैं?
पीवी कुलकर्णी इस मामले के कथित मास्टरमाइंड हैं, जो लंबे समय तक नीट परीक्षा की पेपर सेटिंग प्रक्रिया से जुड़े रहे। उनकी गिरफ्तारी के बाद सीबीआई उनसे उन सभी परीक्षा पत्रों के बारे में पूछताछ कर रही है जो उन्होंने पहले तैयार किए थे।
सीबीआई की जांच में 'लातूर पैटर्न' क्यों चर्चा में है?
लातूर महाराष्ट्र में नीट तैयारी का प्रमुख केंद्र रहा है और यहाँ का 'लातूर पैटर्न' शैक्षणिक सफलता का प्रतीक माना जाता था। अब सीबीआई को संदेह है कि इसी शहर से संचालित एक संगठित सिंडिकेट ने कोचिंग संस्थानों के नेटवर्क का उपयोग पेपर लीक के लिए किया।
इस नेटवर्क में मनीषा वाघमारे की क्या भूमिका बताई जा रही है?
जांच के अनुसार, मनीषा वाघमारे इस रैकेट की सह-मास्टरमाइंड थीं। पुणे पुलिस के अनुसार, नीट परीक्षा वाले दिन उनके बैंक खाते में ₹10 लाख ट्रांसफर हुए और कई छात्रों ने भी उनके खाते में ₹25,000-₹25,000 जमा किए।
क्या इस मामले का संबंध नीट 2024 पेपर लीक से भी है?
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को संदेह है कि पीवी कुलकर्णी का नीट 2024 पेपर लीक से भी संबंध हो सकता है, क्योंकि वे उस समय भी पेपर सेटिंग प्रक्रिया से जुड़े थे। इस कोण पर भी पूछताछ जारी है।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
सीबीआई जब्त दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंक लेनदेन की फॉरेंसिक जांच कर रही है। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं, क्योंकि कई कोचिंग संस्थानों के संचालकों से पूछताछ अभी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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