नीट यूजी 2026 पेपर लीक: सीबीआई ने बायोलॉजी लेक्चरर को दबोचा, कुल 9 गिरफ्तारियाँ

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नीट यूजी 2026 पेपर लीक: सीबीआई ने बायोलॉजी लेक्चरर को दबोचा, कुल 9 गिरफ्तारियाँ

सारांश

नीट यूजी 2026 पेपर लीक में सीबीआई की जाँच अब एक संगठित सिंडिकेट तक पहुँच चुकी है — जिसमें लेक्चरर, एजेंट और छात्र सब शामिल हैं। 9 गिरफ्तारियाँ, देशभर में छापेमारी और फॉरेंसिक जाँच के साथ यह मामला नीट 2024 जैसे पुराने लीक से भी जुड़ सकता है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 16 मई 2026 को एक बायोलॉजी लेक्चरर को गिरफ्तार किया; नीट यूजी 2026 मामले में कुल गिरफ्तारियाँ 9 हुईं।
कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी (केमिस्ट्री लेक्चरर, लातूर) पहले ही गिरफ्तार; सहयोगी मनीषा वाघमारे को 14 मई को पकड़ा गया।
छात्रों की नोटबुक में लिखे 42 सवाल 3 मई की नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते पाए गए।
पहले जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से 7 लोग गिरफ्तार; 5 आरोपी 7 दिन की सीबीआई रिमांड पर।
सीबीआई को संदेह — कुलकर्णी का संबंध नीट 2024 पेपर लीक से भी हो सकता है; फॉरेंसिक जाँच जारी।

नई दिल्ली, 16 मई 2026नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) की कार्रवाई तेज़ होती जा रही है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार, जाँच एजेंसी ने एक बायोलॉजी लेक्चरर को गिरफ्तार किया है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या 9 हो गई है। यह गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब जाँच एजेंसी देशभर में छापेमारी कर अहम साक्ष्य जुटा रही है।

मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी

सीबीआई इससे पहले इस मामले के कथित मास्टरमाइंड और केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार कर चुकी है। जाँच एजेंसी का दावा है कि कुलकर्णी लंबे समय से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े हुए थे और उन्हें प्रश्नपत्रों तक पहुँच हासिल थी। मूलतः महाराष्ट्र के लातूर जिले के रहने वाले कुलकर्णी को फिलहाल ट्रांजिट रिमांड पर पुणे ले जाया गया, जहाँ से उन्हें दिल्ली लाया जा रहा है।

संगठित सिंडिकेट का पर्दाफाश

सीबीआई के अनुसार, अप्रैल के आखिरी सप्ताह में कुलकर्णी ने अपनी सहयोगी मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर चुनिंदा छात्रों को जोड़ना शुरू किया था। वाघमारे को 14 मई को गिरफ्तार किया गया। जाँच में सामने आया कि पुणे स्थित कुलकर्णी के घर पर विशेष कोचिंग क्लासें चलाई जाती थीं, जहाँ छात्रों को सवाल, उनके विकल्प और सही जवाब डिक्टेट किए जाते थे। जाँच एजेंसी का कहना है कि इन नोटबुक में दर्ज प्रश्न 3 मई को आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा के असली प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल खाते हैं।

गौरतलब है कि यह सिंडिकेट छात्रों की आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति के आधार पर उन्हें निशाना बनाता था। कई स्थानों पर सेमिनार आयोजित किए गए और इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले युवाओं को एजेंट के रूप में इस्तेमाल किया गया।

देशव्यापी छापेमारी और जब्ती

इससे पहले सीबीआई ने जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से 7 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से 5 आरोपी पहले ही 7 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजे जा चुके हैं। पिछले 24 घंटों में देशभर में की गई छापेमारी के दौरान अहम दस्तावेज़, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक और तकनीकी जाँच जारी है।

मामले का खुलासा कैसे हुआ

पूरे प्रकरण का पर्दाफाश तब हुआ जब लातूर के कुछ अभिभावकों ने शिकायत की कि एक कोचिंग संस्थान के मॉक टेस्ट में पूछे गए 42 सवाल नीट यूजी परीक्षा के असली पेपर से हूबहू मेल खाते थे। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने जाँच शुरू की और बाद में मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब नीट 2024 पेपर लीक विवाद अभी भी देश की सामूहिक स्मृति में ताज़ा है।

आगे क्या होगा

सीबीआई अब कुलकर्णी से उन सभी परीक्षा पत्रों को लेकर पूछताछ कर रही है जो उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान तैयार किए थे। सूत्रों के अनुसार, जाँच एजेंसी को संदेह है कि उनका संबंध नीट 2024 पेपर लीक समेत कई अन्य मामलों से भी हो सकता है। जाँच का दायरा और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एनटीए की संरचनात्मक खामियों का आईना है — वही खामियाँ जो 2024 में भी उजागर हुई थीं, पर तब भी कोई ठोस सुधार नहीं आया। सवाल यह है कि एक लेक्चरर को 'एनटीए की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े रहने' और प्रश्नपत्रों तक पहुँच हासिल करने का मौका कैसे मिला — यह निगरानी की विफलता है, न सिर्फ व्यक्तिगत भ्रष्टाचार। जब तक एनटीए की आंतरिक जवाबदेही और प्रश्नपत्र-सुरक्षा प्रोटोकॉल की स्वतंत्र समीक्षा नहीं होती, गिरफ्तारियाँ लक्षणों का इलाज करेंगी, बीमारी का नहीं।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
16 मई 2026 तक सीबीआई इस मामले में कुल 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी, उनकी सहयोगी मनीषा वाघमारे और अब एक बायोलॉजी लेक्चरर शामिल हैं।
पीवी कुलकर्णी कौन हैं और उनकी भूमिका क्या बताई जा रही है?
पीवी कुलकर्णी महाराष्ट्र के लातूर जिले के रहने वाले केमिस्ट्री लेक्चरर हैं, जिन्हें सीबीआई ने इस मामले का कथित मास्टरमाइंड बताया है। जाँच एजेंसी के अनुसार वे एनटीए की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े थे और उन्हें प्रश्नपत्रों तक पहुँच हासिल थी।
नीट 2026 पेपर लीक का खुलासा कैसे हुआ?
लातूर के अभिभावकों की शिकायत पर मामला उजागर हुआ, जिन्होंने बताया कि एक कोचिंग संस्थान के मॉक टेस्ट के 42 सवाल 3 मई की नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते थे। स्थानीय पुलिस की जाँच के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया।
सीबीआई ने किन-किन शहरों में छापेमारी की है?
सीबीआई ने जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर में छापेमारी की है। इस दौरान अहम दस्तावेज़, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जाँच चल रही है।
क्या नीट 2026 लीक का संबंध नीट 2024 घोटाले से भी हो सकता है?
सूत्रों के अनुसार सीबीआई को संदेह है कि पीवी कुलकर्णी का संबंध नीट 2024 पेपर लीक समेत कई अन्य मामलों से भी हो सकता है। इस दिशा में भी पूछताछ जारी है, हालाँकि अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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