30 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे: शेखावत ने डूंगरपुर में गिनाई मोदी सरकार की उपलब्धियाँ

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30 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे: शेखावत ने डूंगरपुर में गिनाई मोदी सरकार की उपलब्धियाँ

सारांश

डूंगरपुर की रात्रि चौपाल में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने दावा किया कि मोदी सरकार की योजनाओं ने 30 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला और 80 करोड़ को मुफ्त अनाज दिया। राजस्थान में 80 लाख लोगों द्वारा बीपीएल कार्ड स्वेच्छा से सरेंडर करना उन्होंने कल्याणकारी शासन की सफलता का प्रमाण बताया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 16 मई को डूंगरपुर, राजस्थान में दावा किया कि मोदी सरकार की योजनाओं से लगभग 30 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे।
कोविड-19 के दौरान शुरू मुफ्त राशन योजना के तहत देशभर में लगभग 80 करोड़ लोगों को अनाज मिला, जो अब भी जारी है।
राजस्थान में लगभग 80 लाख लोगों ने स्वेच्छा से अपने बीपीएल कार्ड सरेंडर किए।
पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को प्रतिवर्ष ₹6,000 ; राजस्थान सरकार ने इसे बढ़ाकर ₹10,000 किया।
शेखावत ने शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के ज़रिए युवाओं के लिए बेहतर अवसर सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शनिवार, 16 मई को डूंगरपुर जिले के भीलुदा गाँव में आयोजित रात्रि चौपाल को संबोधित करते हुए दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार की कल्याणकारी नीतियों के चलते देश में लगभग 30 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठ पाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान शुरू से ही गरीबों को सशक्त बनाने पर केंद्रित रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

शेखावत ने राजस्थान के डूंगरपुर में आयोजित ग्राम कार्यक्रम में कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं ने उन परिवारों की जीवन-दशा बदली है जो कभी घोर गरीबी में जी रहे थे। उनके अनुसार, अब ये परिवार सम्मान के साथ जीवन यापन कर रहे हैं।

कोविड-19 महामारी के दौर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक व्यापक मुफ्त राशन वितरण कार्यक्रम के ज़रिए यह सुनिश्चित किया कि कोई भी गरीब व्यक्ति भूखा न सोए। उनके दावे के अनुसार, इस योजना के तहत देशभर में लगभग 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया गया और यह लाभ आज भी जारी है।

राजस्थान सरकार की भूमिका

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार की सराहना करते हुए शेखावत ने बताया कि राज्य ने आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों से स्वेच्छा से अपने बीपीएल कार्ड सरेंडर करने की अपील की है, ताकि वास्तविक जरूरतमंद लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुँच सके।

उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में लगभग 80 लाख लोगों ने स्वेच्छा से अपने बीपीएल कार्ड सरेंडर कर दिए हैं — यह कहते हुए कि उन्हें अब सरकारी सहायता की आवश्यकता नहीं है। शेखावत ने इसे कल्याणकारी शासन के माध्यम से आए सकारात्मक सामाजिक बदलाव का प्रमाण बताया।

किसान और युवा: दो अहम प्राथमिकताएँ

शेखावत ने केंद्र की पीएम-किसान सम्मान निधि योजना का भी उल्लेख किया, जिसके तहत किसानों के बैंक खातों में प्रतिवर्ष ₹6,000 सीधे हस्तांतरित किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार ने इस सहायता राशि को बढ़ाकर ₹10,000 कर दिया है, जिसे उन्होंने 'डबल इंजन सरकार' के प्रभावी समन्वय का उदाहरण बताया।

युवाओं के भविष्य पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से युवाओं के लिए बेहतर अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, देश का भविष्य गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों पर निर्भर करता है।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि ये दावे ऐसे समय में आए हैं जब गरीबी उन्मूलन के आँकड़ों को लेकर विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और विपक्षी दलों में बहस जारी है। शेखावत के बयान सरकार की उस व्यापक कोशिश का हिस्सा हैं जिसमें कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी पहुँच और उनके सामाजिक प्रभाव को रेखांकित किया जा रहा है।

आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि इन दावों को स्वतंत्र आँकड़ों और सर्वेक्षणों से किस हद तक समर्थन मिलता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे स्वतंत्र सत्यापन की कसौटी पर परखा जाना ज़रूरी है — क्योंकि विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सूचकांकों और घरेलू सर्वेक्षणों में गरीबी मापने के पैमाने अलग-अलग हैं। राजस्थान में 80 लाख बीपीएल कार्ड सरेंडर का आँकड़ा सामाजिक बदलाव का संकेत हो सकता है, पर यह भी जाँचने योग्य है कि यह स्वेच्छा से हुआ या प्रशासनिक दबाव में। 'डबल इंजन सरकार' की अवधारणा राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, लेकिन इसके वास्तविक नीतिगत तालमेल को आँकड़ों से साबित करने की ज़िम्मेदारी अभी बाकी है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गजेंद्र सिंह शेखावत ने 30 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर निकलने का दावा कहाँ किया?
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह दावा 16 मई को राजस्थान के डूंगरपुर जिले के भीलुदा गाँव में आयोजित रात्रि चौपाल में किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के कारण लगभग 30 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठ पाए हैं।
मुफ्त राशन योजना से कितने लोगों को लाभ मिला?
शेखावत के अनुसार, कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई मुफ्त राशन वितरण योजना के तहत देशभर में लगभग 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ आज भी जारी है।
राजस्थान में बीपीएल कार्ड सरेंडर अभियान क्या है?
राजस्थान सरकार ने आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों से अपील की कि वे स्वेच्छा से अपने बीपीएल कार्ड सरेंडर करें ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुँच सके। शेखावत के दावे के अनुसार, राजस्थान में लगभग 80 लाख लोगों ने यह कदम उठाया है।
पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत राजस्थान में किसानों को कितनी राशि मिलती है?
केंद्र की पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष ₹6,000 सीधे बैंक खाते में मिलते हैं। राजस्थान सरकार ने इस सहायता राशि को बढ़ाकर ₹10,000 कर दिया है।
शेखावत ने युवाओं के लिए क्या कहा?
शेखावत ने कहा कि मोदी सरकार शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से युवाओं के लिए बेहतर अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार देश का भविष्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान करने पर निर्भर करता है।
राष्ट्र प्रेस
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